दिल्ली के सत्य निकेतन में -
मेयर - बीजेपी के
विधायक - बीजेपी के
सांसद - बीजेपी के
सीएम - बीजेपी की
पीएम - बीजेपी के
5-5 इंजन एक ही पार्टी के हैं फिर भी डरपोक मीडिया पूछ रहा है जिम्मेदार कौन...❓
अरे बोल दो नेहरू या राहुल गांधी या बोल दो कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है सब विश्वास कर लेंगे...
Placing a minimised, camouflaged image of our national emblem at the feet of a compromised and increasingly unpopular PM is an insult to our national symbol.
No individual is above the emblem. This act by BJP Goa deserves to be widely condemned - including by those within the BJP.
The national emblem represents the Republic of India, not the political or personal fortunes of any party.
Strict legal action must be taken against those responsible.
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश्वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिलने तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
ये किसका पैसा है, कहाँ से आता है, कहाँ जाता है... लोग तो 70 साल का हिंसाब मांगते है.. इनलोगों का कौन देगा.. चौतरफ़ा लूट मची है बस जनता परेशान है बांकी फुल मौज है
'आम जनमत पार्टी' नाम की फर्जी पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव में 620 करोड़ रुपए का चंदा मिला.
इस पार्टी ने चुनाव में सिर्फ 1 कैंडिडेट उतारा. पार्टी की अध्यक्ष BJP की नेता थीं. पार्टी का ऑफिस गुजरात में है.
इसी तरह 2024 में 6 फर्जी पार्टियों को कुल 1700 करोड़ का चंदा मिला जो कि 5 राष्ट्रीय पार्टियों को मिले चंदे से ज्यादा है. ये 6 फर्जी पार्टियों भी गुजरात की हैं.
आप कुछ समझ पा रहे हैं?
पूरे देश से जो पैसा लूटा जा रहा है, वो इस तरह गुजरात में ठिकाने लगाया जा रहा है.
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं - आपका योगदान अमूल्य है।
आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।
“हम आदिवासी हैं, RSS-BJP हमें वनवासी बनाना चाहते हैं।”
नासिक और महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की लड़ाई सिर्फ़ शिक्षा, रोज़गार, हॉस्टल और खाने की नहीं - अपने वजूद और आदिवासी अस्मिता की भी है।
इन साहसी छात्रों से मिलकर खुशी हुई, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सामने डटकर अपने हक़ की आवाज़ उठाई और जीत हासिल की।
छात्रों से वादा किया है - उनके अधिकारों की हर लड़ाई में कांग्रेस और मैं उनके साथ खड़े हैं।
#ChhatronKiGoonj
Swatantra Bharadwaj is Modi’s mascot for Gen Z outreach.
The man who proudly boasted about assaulting and injuring a Dalit man during the student protests in Delhi in a podcast has made another statement threatening the use of a “katta” - country-made gun - claiming that Modi had “signalled” and “permitted” the use of violence to “fix” those he calls “dimagi naxals.”
Is this Modi’s message to Gen Z?
❌Don’t think.
❌Don’t question.
❌Don’t protest.
Or face violence.
The question is simple:
❓To what extent will the BJP go to protect its golden boy of right-wing extremism?
❓Will the Delhi Police take cognisance and act in accordance with the law?
❓Or will another call from Kapil Mishra - or perhaps Chirag Paswan or Modi himself - be made to protect him from the consequences yet again?
For ANI to run this statement and thereby amplify the anarchic and violent agenda of this RW extremist and his ilk is deeply problematic.
A cooked-up statement issued purely as damage control — to prevent him from facing the consequences of a confession he has already made on video — is not enough.
And simply dismissing a clear confession as “sarcasm” is also not enough.
Swatantra Bharadwaj has exposed himself — and, more importantly, he has exposed those who instigate, enable and protect perpetrators of violence.
The nation has witnessed what happened.
And the nation will ensure that justice is delivered.
यूपी में पंजाब नेशनल बैंक से 17 करोड़ रुपए के नकली नोट मिले हैं. ये नोट बैंक के करेंसी चेस्ट में रखे गए थे.
अगर 17 करोड़ रुपए के नकली नोट करेंसी चेस्ट में रखे गए हैं, इसका मतलब है कि इतने ही रुपए के असली नोट गायब हैं.
बड़ा घोटाला है, जांच चल रही है.
ऐसा लगता है आजतक, सुदर्शन चैनल बनने की जल्दी में है तभी ये चैनल हर गुंडे को मंच दे रहा है। पहले गाजियाबाद में बच्चों को पीटने वाले सत्यम पंडित का इंटरव्यू किया और अब इस स्वतंत्र भारद्वाज का इंटरव्यू किया जा रहा है।
गौर करने वाली बात ये है कि इन जैसे लोगों का इंटरव्यू यही अरविंद ओझा करते हैं और इन गालीबाज और मारपीट करने वालों से जी-जी करके बात करते हैं।
आखिर में आप इनकी हेडलाइन देखिए कैसे इस लड़के को ही विक्टिम की तरह दिखाया जा रहा है और वो खुद हंस-हंसकर बात कर रहा है।
बात तो ऐसे कर रहा जैसे प्रधानमंत्री ने व्हाट्स एप किया हो। अब मोदी जी पर निर्भर करता है कि वे स्वतंत्र का कितना साथ देते हैं। इसी से पता चल जाएगा कि तीन बार के प्रधानमंत्री के पास कैसे लोग हैं। प्रधानमंत्री की ये हालत हो गई है कि वो ऐसे लोगों के साथ खड़े रहें तो उससे अच्छा है ये कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। जिस कुर्सी पर बैठ कर आप वैज्ञानिक से लेकर समाजसेवी, उद्योगपति से लेकर अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की सोहबत पा सकते हैं अगर स्वतंत्र की सोहबत उनके लिए, गृहमंत्री के लिए, चिराग़ पासवान के लिए ज़रूरी बन जाए तो सबको अपना पद छोड़ देना चाहिए। संसद मार्ग थाने का नाम स्वतंत्र भारद्वाज थाना होना चाहिए। दिल्ली पुलिस का नाम स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस होना चाहिए।