जब जौहर युनिवर्सिटी का निर्माण हो रहा था तब वो क्षेत्र रामपुर डेवलपमें��� अथॉरिटी के दायरे में नहीं ��ता था, बाद में प्राधिकरण ने अपना दायरा बड़ा कर लिया और अब रामपुर DM कह रहे हैं कि जौहर युनिवर्सिटी का नक्शा नहीं पास है तो गिराने का आदेश पारित कर दिया गया है।
वैसे नक्शा तो इस देश की किसी युनिवर्सिटी का पास नहीं है तो क्या सारे विश्वविद्यालयों पर बुलडोज़र चला दोगे ??
नक्शा तो इस देश के ज्यादातर DM ऑफिस का भी नहीं पास होगा तो क्या सब को ज़मींदोज़ कर दोगे ?
एैसे बेतुके और तानाशाही वाले आदेश पारित ���रते हुए इन अधिकारियों को सोचना चाहिये कि ये भी किसी एैसी ही युनिवर्सिटी से पढ़कर आये होंगे जहॉं का नक्शा नहीं पास होगा।
शिक्षा के इतने बड़े संस्थान को बचाने के लिये सभ्य समाज को आगे आना होगा वरना ये ज़ालिम सरकारें कुछ भी महफ़ूज़ नहीं रहने देंगी।
भाजपा को शिक्षा में भी साम्प्रदायिकता नज़र आती है। शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलनेवाली नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
भाजपा अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैधानिक भवन���ं को कब ढहाएगी? जब संगी-साथी ही अपंजीकृत है, तो उनके भवन, कार्यालय, संस्थान कैसे जायज़ होंगे?
निंदनीय!
जलगांव जिले के मारुल गांव के हाफिज कासिम साहब के साथ हुई कथित बदसलूकी और जबरन नारे लगवाने की घटना बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। इस मामले में पारोला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हो चुकी ��ै, जो इस बात का प्रमाण है कि मामला बेहद गंभीर है और जांच के दायरे में है।
किसी भी नागरिक को डराने, धमकाने या उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई नारा ��गाने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं है!
हमारी सरकार और पुलिस से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर इन गुंडों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए सख्त सज़ा दी जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
@CMOMaharashtra @MahaPolice @Dev_Fadnavis
क्या यही है आपकी क़ानून व्यवस्था @Uppolice कि लफ़गे सरेआम मुस्लिम युव��ों को पीट रहे हैं और धार्मिक नारा लगाने के लिये मजबूर कर रहे हैं ??
ये सीधे सीधे हेट क्राइम है और आपके पास इन उत्पातियों को रोकने की मंशा है भी या नहीं ??
@sultanpurpolice
1.सम्भल में मुस्तफा कादरी मस्जिद पर की गई बुलडोजर कार्रवाई की मैं कड़ी निंदा करता हूं। मेरा मानना है कि वक्फ में दर्ज संपत्ति और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में बिना उचित सुनवाई के कार्रवाई न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
#WATCH | Hyderabad | AIMIM chief Asaduddin Owaisi switches off the lights at his residence under the protest launched by the All India Muslim Personal Law Board (AIMPLB) against the Waqf (Amendment) Act 2025.
(AIMPLB) has launched a campaign to 'switch off lights' from 9 pm to 9.15 pm today to register a protest against the Waqf (Amendment) Act.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तमाम देशवासियों से अपील करता है कि वो वक़्फ़ संशोधन विधेयक 2025 के खिलाफ आज 30 अ���्रैल की रात 9 बजे से 9:15 बजे तक अपने घरों, दुकानों, फ़ैक्टरियों और दूसरे कारोबारी स्थानों की बत्तियाँ बुझा (लाइट ऑफ़) करके एक शांतिपूर्ण और खामोश ‘बत्ती गुल तहरीक’ में हिस्सा लें और अपना ज़ोरदार एहतिजाज दर्ज कराएं।
और अपनी तस्वीरें और वीडियोस को इस हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर ख़ास तौर पर X (ट्विटर) पर पोस्ट करें👇
#BlackOutAgainstWaqfAmendments
#LightOffForWaqf
जब इस #Phule मूवी का आज इतना विरोध हो रहा है तो सोचो 175 साल पहले ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले का कितना विरोध हुआ होगा?
लड़कियों के लिए स्कूल खोलना और चलाना, शूद्रों को समानता का अधिकार दिलाना, कितना कठिन रहा होगा?
ऐसी फ़िल्मों को प्रो��्साहन मिलना चाहिए, सरकार से भी आपसे भी।
जाइए देखिए और जैसी लगे मुझे भी बताइए।
Manmohan Singh Ji led India with immense wisdom and integrity. His humility and deep understanding of economics inspired the nation.
My heartfelt condolences to Mrs. Kaur and the family.
I have lost a mentor and guide. Millions of us who admired him will remember him with the utmost pride.
संभल हिंसा जैसी ग्राउंड रिपोर्ट आप तक पहुंचाने के लिए संसाधनों की जरूरत पड़ती है. आपको मालूम है कि न्यूज़लॉन्ड्री कोई भी विज्ञापन नहीं लेता है, सब कुछ सिर्फ आपके सहयोग से ही मुमकिन हो पाता है.
इसलिए जरूरी है कि आप स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत बनाए रखें : https://t.co/oPy6KyM0ry
My heart goes out to the Muslim community in London who have faced repeated acts of hate and violence. The attack this week against a Muslim family in a park is abhorrent and unacceptable.
Islamophobia is deadly, and we need to name it and condemn it—loudly—wherever we see it.
हमारे पैग़म्बर हजरत मुहम्मद साहब ने कहा था कि यदि आपका पड़ोसी भूखा है तो आप पर ख़ाना हराम है।
वो पड़ोसी चाहे कोई भी हो, किसी भी धर्म का हो।
ये कौन लोग हैं जो नफ़रत में डूबे हैं और किसी भूखे को खाना खिलाने के नाम पर धार्मिक नारे लगवाना चाहते हैं, क्या एैसे कामों से इन्हें पुण्य मिलेगा।
समाज को एैसी मानसिकता का सार्वजनिक बहिष्कार करना चाहिये।
90 लाख भारतीय मध्य पूर्व में काम करते हैं, जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों में रहते हैं.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) : में लगभग 35.54 लाख भारतीयों काम करते हैं.
सऊदी अरब : लगभग 25.9 लाख भारतीयों के साथ दूसरा सबसे लोकप्रिय गंतव्य है.
कुवैत : यहां करीब 10.2 लाख भारतीय हैं.
कतर: यहां करीब 7.4 लाख भारतीय हैं.
ओमान: यहां करीब 7.7 लाख भारतीय हैं.
बहरीन: यहां करीब 3.2 लाख भारतीय हैं.
भारत में करोड़ परिवारों की रोजी रोटी सऊदी दुबई क़तर आदि मिडिल ईस्ट देशों के कमाई के सहारे चलती है.
अगर इन देशों के शेख हर भारतीय को काम ��ेने या वेतन देने पर जबरन अल्लाह हूँ अकबर बोलने को मजबूर करेंगे तब कैसे लगेगा ?
मुंबई के टाटा कैंसर अस्पताल के बाहर 20 रुपए का खाना बाटने पर एक शख्स गरीब मुस्लिम को खाना देने के बदले जय श्रीराम बोलने को मजबूर कर रहा था.
इस विषय पर मित्रों आप लोगों को क्या मत है ?