🚨"धन्यवाद CJI, अगर आपने 'कॉकरोच' नहीं कहा होता, तो आज ये युवा नहीं जागते!" 🪳🔥
12 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क (दादर) में हुए प्रोटेस्ट के बीच एक शख़्स ने चौकाने वाला बयान दिया है।
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"शोर तुम्हारा, सच हमारा!" 🎤✊
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#WATCH | Hyderabad, Telangana: AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, "...Even if your name appears on the draft list, you should check whether it has been flagged for any discrepancies or whether a notice has been issued in your name. If you have received a notice, it is important that you attend the hearing. Many people are unaware that a notice may still be issued even if their name appears on the draft list. If your name does not appear on the draft list at all, you must submit Form 6. In a recent interview, Union Home Minister Amit Shah stated that the NRC would be implemented. It is possible that this SIR process could serve as a basis for that exercise. While we are certainly concerned about voting rights, the larger issue at stake is citizenship itself...Check your names in the draft list, visit the hearing centres if there are any discrepancies, and seek assistance whenever necessary..."
सऊदी पाकिस्तान तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते में स्पष्ट है कि तीनों में से किसी भी देश पर हमला हुआ तो बाकी के दो देश उसके साथ खड़े होंगे।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को देखते हुए अब सऊदी अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता।
लेकिन सवाल ये भी है कि भारत पाकिस्तान के सम्बन्ध कभी ठीक नहीं रहे हैं, पाकिस्तान को तुर्की का भी सैन्य सपोर्ट मिल सकता है, चीन भी हमारा पड़ोसी है लेकिन वो भी भारत का हितैषी नहीं है वो भी पाकिस्तान का मित्र देश है ऐसे में भारत को सतर्कता और सही कूटनीति की जरूरत है।
पश्चिम एशिया में लगातार बदलाव नजर आ रहे हैं ऐसी स्थिति में भारत को अपने आर्थिक सुरक्षा के लिए अच्छी और असरदार कूटनीति अपनानी होगी।
अस्सलामु अलैकुम।
भारी दिल के साथ आप सभी को यह बताना पड़ रहा है कि मुझे मुंबई शहर और मुंबई उपनगर की सीमा से 12 महीने (1 वर्ष) के लिए हद्दपार किए जाने का आदेश मिला है।
यह वक़्त मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद मुश्किल है। आप सभी से सिर्फ़ इतनी गुज़ारिश है कि मेरे लिए दिल से दुआ करें।
मुझे पूरा यक़ीन है कि अल्लाह तआला हर मुश्किल को आसान फ़रमाएगा, सच और इंसाफ़ की जीत होगी, और हमें सब्र व हिम्मत अता फ़रमाएगा।
आपकी दुआएँ ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त हैं। 🤲
@asadowaisi@balala_ahmed
🔥 कभी भी बुज़दिलों के लिए मत लड़ो...
▪️ मिस्र के मोहम्मद करीम ने जब नेपोलियन की फ्रांसीसी फौज से अपने मुल्क के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी,
तो उसे पकड़कर फाँसी की सज़ा सुनाई गई।
नेपोलियन ने कहा:
> "तू अपने मुल्क के लिए लड़ा, तारीख में मैं उसे नहीं कहलाना चाहता जो बहादुरों को मारता है… पर अपने सैनिकों की मौत का हर्जाना 10,000 सोने के सिक्के दे।"
करीम ने कहा:
> "मेरे पास नहीं हैं, लेकिन जिन व्यापारियों के लिए लड़ा वो मुझ पर कर्ज़दार हैं। उनसे ले लूंगा।"
जंजीरों में जकड़ा करीम बाजार गया।
पर... किसी ने मदद नहीं की।
बल्कि इल्ज़ाम लगाया:
> "तेरी वजह से अलेक्जेंड्रिया तबाह हुआ!"
वापस लौटकर करीम को नेपोलियन ने कहा:
> "मैं तुझे इसलिए नहीं मार रहा कि तूने मेरी फौज से लड़ा...
मैं तुझे इसलिए मार रहा हूं कि तूने अपनी जान उन लोगों के लिए कुर्बान की जो खुदगर्ज़ और डरपोक हैं।"
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▪️ जब चे ग्वेरा को पकड़ा गया तो एक चरवाहे ने उसकी मुखबिरी की।
कहा गया:
> "तूने उस इंसान को क्यों पकड़वाया जिसने तेरे हक के लिए ज़िंदगी भर लड़ा?"
चरवाहा बोला:
"उसकी लड़ाई मेरी भेड़ों को डरा देती थी।"
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▪️ रशीद रिदा लिखते हैं:
> "एक अंधे समाज के लिए क्रांतिकारी वही है जैसे कोई इंसान अपने जिस्म को जला कर उजाला करे – मगर जिस रास्ते पर चलने वाले ही अंधे हों।"
🔴 सीख:
कभी उन लोगों के लिए मत लड़ो जो तुम्हारी कुर्बानी को समझने की भी सलाहियत नहीं रखते।
जब आरोपी साध्वी हो, तो सबूत नहीं मिलने पर ‘संदेह का लाभ’।
पर अगर नाम अब्दुल होता, तो बिना सबूत उम्रकैद पक्की थी।
मालेगांव केस ने ये दोहरा न्याय साफ़ कर दिया।
#MalegaonBlastCaseVerdict