प्रदेश में पटवारियो के पास न तो शस्त्र रखने का कोई नियम है ना ही कोई लाइसेंस दे रहे हैं आखिर पटवारी अपनी सुरक्षा किस तरह करें सीमांकन हो मौका जांच हो बटवारा हो चुनाव हो प्रोटोकॉल ड्यूटी हो निर्वाचन कार्य हो और भी विभिन्न कार्य हैं 24 घंटे ड्यूटी के बदले मौत @ChouhanShivraj@ANI