इसी स्याही से हम इंक़लाब लिख देंगे..
झारखंड के छात्र अभी भी साथ मिलकर लड़ रहे हैं एक बेहतर कल लिखने के लिए
जो लोग कभी छात्रों के मुद्दे और जीवन के बारे में जाने की कोशिश नहीं कर पाए उनको स्याही का काम कैसे पता होगा
:- राहुल गांधी जी को सुनो और रीट्वीट करके सबको सुनाओ 🔥
अमित शाह सदन में भी नहीं आए। वे क्यों नहीं आ रहे हैं? अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो डर के भाग क्यों रहे है
कोई आदेश नहीं दिया तो सफाई दे दें कि मैंने आदेश नहीं दिया।मोदी जी ने आदेश दिया ,
मुझे बहुत ख़ुशी होती देखकर अगर सोनम अभिजीत दीपके, नेहा बोरा या किसी भी प्रोटेस्ट साइट पर बैठे छात्र के हाथों पानी पीते. बच्चों को पिटवाने वाली सत्ता के हाथों पानी पी लिया? पीटने से पहले पिलाते पानी अपने हाथ से तब मानते कि अनशन का लिहाज किया गया है, सम्मान किया गया है.
एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि @MumbaiPolice प्रदर्शन कर रहे छात्रों को धमका रही है कि अगर वे दोबारा प्रदर्शन करने लौटे, तो उन्हें झूठे ड्रग्स के मामले में फँसा दिया जाएगा और पूरी ज़िंदगी जेल में सड़ना पड़ेगा।
अगर यह सच है, तो यह सिर्फ़ छात्रों को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। अपनी आवाज़ उठाना अपराध नहीं है। छात्रों के सवालों का जवाब धमकियों से नहीं, जवाबदेही से दिया जाना चाहिए।
#Students #Mumbai #MumbaiPolice
@VarshaEGaikwad
@ravish_journo@ravish_journo माना कि रिपोर्टरों से बदसलूकी नहीं होनी चाहिए। गांधी ने कहा कि कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा बढ़ा दो , पर ये गोदी मीडिया कई वर्षों से हमें थप्पड़ पे थप्पड़ मारे जा रहा है और हम गाल बढ़ाते बढ़ाते थक चुके हैं। शिकायत इन्हें अपने आकाओं से करना चाहिए , हमसे नहीं
@ranvijaylive पता नहीं ये इंसान कब अपनी जिद छोड़ेगा ?
अरे भाई ,अयोध्या जाओ
मंदिर में पड़े डाके के खिलाफ वहां धरना प्रदर्शन करो। ये सब तमाशा चार दिन का है ,
अंततः चुनाव उन्हीं मुद्दों पर होना है।
जनसरोकार के मुद्दों पर लड़ने की तुम्हारी ये जिद ही चुनावी राजनीति में तुम्हारी कमजोरी बन जाती है
@SanjayAzadSln@RahulGandhi@SanjayAzadSln आपसे ऐसी उम्मीद न थी जब तक सब कुछ सही चल रहा था , राहुल जी इस आंदोलन से दूर रहे ,ताकि बीजेपी और बीजेपी पोषित गोदी मीडिया युवाओं के इस स्वस्फूर्त आंदोलन का राजनीतिकरण न कर सके पर जिस तरह से कल बच्चों के साथ बर्बरता हुई , उसे वह सह नहीं सके और उन्हें सामने आना पड़ा।
@shah34516 जब तक सब कुछ सही चल रहा था , राहुल जी इस आंदोलन से दूर रहे , ताकि बीजेपी और बीजेपी पोषित गोदी मीडिया युवाओं के इस स्वस्फूर्त आंदोलन का राजनीतिकरण न कर सके पर जिस तरह से कल बच्चों के साथ बर्बरता हुई , उसे वह सह नहीं सके और उन्हें सामने आना पड़ा।
आज इस देश में जो नेता विपक्ष के साथ किया गया है वह इस देश के लोकतंत्र के वर्तमान स्थिति का प्रतीक है। जैसा आज नेता विपक्ष राहुल गांधी जी के साथ किया गया है वो पिछले 75 साल में कभी नहीं हुआ। लोकतंत्र की हत्या का स्पष्ट नमूना है।