रुचिका सिंह को बालात्कार की धमकी, फोन पर धमकी केवल रुचिका को धमकी नहीं है यह इस देश की हर उस एक लड़की को धमकी है जो साहस के साथ अपनी बात कहने का माद्दा रखती है।
आप कहेंगे वो तो गाली दे रही थी। गाली इस देश में सबसे ज्यादा भाजपाई और संघी देते हैं। अगर संघी ब्राह्मण है या यादव तो आप उसकी भाषा का अंदाजा नहीं लगा सकते कि कैसी होगी। रुचिका के साथ खड़े हों।
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे गए है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विचार है ?
BIG BREAKING NEWS 🔥
नितिन गडकरी और उनके बेटों ने पर्दे के पीछे से जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन की फंडिंग की है।
मोदी और शाह जानकारी मिलने के बाद से ही गडकरी को निपटाने में लग गए हैं।
नितिन गडकरी के दोनों बेटे इथेनोल बनाने का प्लांट चलाते हैं। दोनों का मुनाफा कई सौ करोड़ सालाना से ऊपर पहुँच चुका है।
गडकरी अपने माथे पर चिपके इथेनोल का दाग धोना चाहते हैं। मौका मिलते ही जंतर-मंतर आंदोलन को पीछे से सपोर्ट करके ध्यान इथेनोल से हटाने की पूरी कोशिश की गई है।
मोदी-शाह अब भाँप चुके हैं कि जो छिछालेदारी दोनों की हुई है, संसद और सार्वजनिक मंचों से दोनों गायब हैं।
गडकरी को निपटाया जाएगा या कोई और फाँस गडकरी के गले में अटका दी जाएगी।
#NitinGadkari #JantarMantar #Modi #Shah #EthanolPlant
🚨 बिना टिकट पकड़े गए भाजपा नेता 🚨
👉 AC COACH में सफ़र कर रहे BJP नेता और उनके साथी के पास TTE पहुंच गया, जैसे ही टिकट पूछा नेता जी फायर हो गए।
👉 टीटीई ने कहा टिकट दिखाओ नेतागिरी नहीं, इतना सुनते ही नेता जी ने फर्जी आरोप लगाते हुए कहा मोदी जी को गाली दे रहे हो अभी तुम्हारी नौकरी लेता हूं।
👉 टीटीई ने कहा कहां के नेता हो, नेता जी ने कहा सांसद विधायक के साथ मेरा उठना बैठना है, 22 साल से BJP में हूं, बक्सर के किसी भी अधिकारी को फोन लगाकर मेरे बारे में पूछो सब बता देंगे।
देश की राजनीति में सबसे ज्यादा गाली इस बहादुर महिला को दी गई, लेकिन कभी किसी ने इन्हें रोते हुए, शिकायत करते हुए नहीं देखा।
आज भी, जब महामानव अपनी मां के लिए दुखी हैं, तब सरकार के हर आलोचक की टाइम लाइन इनके प्रति गालियों से भरी है।
कभी इन्होंने सार्वजनिक मंच से रोना नहीं रोया। कभी इन्होंने खुद को दी गई गाली को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया। वे जब भी जनता के बीच गईं, जनता के दुखों पर बात करने गईं।
इन्होंने कभी भारत की जनता से नहीं कहा कि मैं आपकी बहू बनकर आई थी, आज आपकी हूं। आपके पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी हूं। क्या आप मुझे गाली दिलवाना चाहते हैं? क्या यही आपकी हजारों साल की संस्कृति है? लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। वे खामोश रहकर, अपमान के घूंट पी गईं।
इन्हें गाली किसी गुमनाम ने नहीं, सामने खड़े विरोधी पार्टी के सबसे बड़े नेता ने दी और कई बार ऐसा किया। इन्हें सिर्फ इसलिए गालियां दी गईं क्योंकि वे विरोधी दल की नेता रहीं। आज भी सत्ता के पाले हुए जरखरीद इन्हें गंदे शब्दों से नवाजते हैं। आज भी हर दिन सोशल मीडिया पर इन्हें सबसे ज्यादा अपशब्द कहे जाते हैं। इन्होंने या उनके बेटे ने कभी भी सार्वजनिक मंच से आंसू नहीं बहाए।
इनके बेटे राहुल गांधी पर हजारों करोड़ रुपये फूंके गए। बाकायदा सैकड़ों लोगों की आईटी सेल बनाई गई। दिनरात गालियां, दिनरात चरित्र हनन, गांधी, नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया, राहुल, प्रियंका... इनके लिए गालियां बकने को उद्योग बना दिया गया।
यह खेल उन्हीं अवतारी पुरुष ने शुरू किया जो आज गालियों का हवाला देकर रो रहे हैं। हालांकि, उन्हें गाली किसी नेता ने नहीं, बल्कि कुछ उच्छृंखल बच्चों ने दी है, फिर भी रो रहे हैं। वे अपने संगठित गाली उद्योग पर गर्व करते हैं, गाली देने वाले लफंगो को फॉलो करते हैं, बच्चों की शरारत पर रोते हैं।
लेकिन सोनिया गांधी या राहुल गांधी ने कभी टेसुए नहीं टपकाए कि देखो मुझे गाली दी, मेरी मां को गाली दी। प्रियंका गांधी खुद प्रधानमंत्री को नसीहत दे चुकी हैं कि ये सार्वजनिक जीवन है, हिम्मत कीजिए।
गांधी परिवार जनता के बीच रोने नहीं जाता। जनता को सुनने जाता है। वे जब जहां पहुंचे, तो किसी पीड़ित के आंसू पोंछने पहुंचे। किसान मरे तो वहां पहुंचे। आदिवासी मरे तो वहां पहुंचे। जहां दुख देखा, वहां पहुंचे, लेकिन अपना दुखड़ा रोने नहीं पहुंचे।
जनता के बीच जाकर, जनता की बात करने की जगह अपना दुखड़ा रोना नेता की नहीं, कायर, कातर, भीरु और बहुरुपिया होने की निशानी है। देश की राजनीतिक संस्कृति के लिए यह कितना अच्छा होता कि जो आज रो रहे हैं, वे न्यूनतम मर्यादा बनाए रखते!
Breaking News 🔥
RBI का नया निर्देश...
आपके बैंक खाते में फ्रॉड होने पर आपके पैसे वापस नहीं मिलेंगे।
नया नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। 50 हजार से ज्यादा का फ्रॉड होने पर बैंक केवल 25 हजार रुपये ही वापस करेगा।
किसी के साथ अगर 10 लाख का फ्रॉड हुआ, तब भी 25 हजार रुपये देने की जिम्मेदारी RBI और बैंक लेंगे।
डिजिटल पेमेंट पर यह नया नियम आया है। कल बैंक कर्मचारी ही फ्रॉड कराने लगेंगे, जिनकी करतूतें आजकल पहले ही खूब चर्चा में हैं।
#Banking #RBI #CyberSecurity
जादू देखिए 👇
मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. इसके बाद उनके परिवार ने उज्जैन में धड़ाधड़ जमीनें खरीद लीं.
खास बात है कि ये जमीनें सरकारी प्रोजेक्ट के आस पास थीं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है- मोहन यादव की पत्नी, बहू, भाई, उनके लड़के और तमाम रिश्तेदारों ने जमीन खरीदी.
खबरदार- अगर किसी ने भ्रष्टाचार कहा, ये तो जादू है.
मैंने कुछ साल पहले एक सरकारी बैंक से लोन लिया था 4 लाख 69000 का.
तीन साल तक EMI समय पर दिया..कोविड आया तो 2 EMI बाउंस हुईं..मुझे बैंक द्वारा 3 हज़ार की पेनल्टी लगी..लोन पूरा भरवाया गया. कोई छुट् नहीं
लेकि इन साहब के केस में तो जबरदस्त बात हुईं
अनिल अम्बानी की RCOM पर 53 बैंको के 49000 करोड़ बकाया थे.
सबसे ज्यादा SBI का 13000 करोड़ रूपये थे
इन्होने तीन साल तक एक पैसा नहीं भरा.
NCLT ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया.
IBC यानि बैंक इंसोल्वेसी और BANKRUPTCY नियम बताकर 49000 करोड़ का लोन मात्र 455 करोड़ में सेटल कर दिया गया.
अकॉउंट को फ़्रॉड घोषित करने के बाद आम आदमी को तो पुलिस पकड़ लेतीं है.
पर बड़े लोगों को कौन पकड़े? कहने को तो Ed सीबीआई जाँच हुईं है, हो रही होगी.
आम आदमी का 490 रूपये रह जाये तो लोन क्लोज नहीं होता, यहाँ इनके 49 हज़ार करोड़ रह गए तब भी लोन क्लोज??
किसकी मेहरबानी से, नाम नहीं लिखूंगा 😊
भाई @grok
एक मंत्री जी की बिटिया अमेरिका पढ़ने जा रही थी. उसके पास इंटरनेशनल सिम कार्ड नहीं थी.
अब मंत्री जी की बिटिया के पास सिम कार्ड नहीं होगा तो उसे परेशानी होगी.
तुरंत एक सरकारी कंपनी को आदेश दिया गया कि मंत्री जी की बिटिया के लिए तत्काल इंटरनेशनल सिम कार्ड अरेंज किया जाए.
फिर बिटिया को सिम मिला और उसके बाद बिटिया रानी ने अमेरिका से खूब बात की, 68,424 रुपए का बिल आया जो सरकारी कंपनी ने भरा.
@grok भाई, ये बताओ ये मंत्री कौन है, जो अपने बच्चों को VIP ट्रीटमेंट दिलवा रहा था?
और क्या से ट्रीटमेंट भारत के गरीब परिवार के बच्चों को मिल सकता है?
विश्व गुरु बनकर घूम साहब के मुकाबले एक औरत ने ट्रम्प जैसे घटिया आदमी को औकात दिखा दी.
इटली की आबादी - 6 करोड़
अमेरिका की आबादी - 35 करोड़
जहाँ मोदीजी TRUMP के सामने पर्ची पढ़कर भी कुछ नहीं बोल सके,
वहीं Giorgia MELONI ने ट्रम्प को करारा जवाब दिया है.
हुआ यूँ कि ट्रम्प ने आज बयान दिया कि इटली की पीएम मेलोनी ने मेरे साथ फोटो खिचवाने के लिए मेरी मिन्नते की G7 Summit में, तब जाकर मैंने फोटो ली.
इसको सुनकर इटली की महिला पीएम ने करारा पलटवार करते हुए बोला कि इटली भीख नहीं मांगता,
और मुझे तुम जैसे घटिया प्रोपेगंडा पीएम की मिन्नत करने की जरुरत नहीं है.
Giorgia Meloni के इस बयान से वाइट हॉउस और अमेरिका के विपक्ष में खलबली मच गयी.
140 करोड़ वाले देश के पीएम की तरह मेलोनी ने ट्रम्प को Your Excellency नहीं कहा.
बल्कि मुँह पर बेइज्जती कर डाली..
आपमें हिम्मत नहीं है साहब, आपसे तो ये औरत शेर निकली. सोनिया गाँधी की तरह मज़बूत. 👊
बिहार में जहाँ मात्र 2% लोग अंग्रेजी बोलते हैं, वहाँ रैली में जाकर महामानव अंग्रेजी में भाषण देते हैं,
जबकि G7 समिट जहाँ 100% लोग अंग्रेजी बोलते हैं, जिसको पूरी दुनिया देख रही है, वहाँ हमारे युगपुरुष हिंदी में बोलते हैं,
वो भी पर्ची देखकर
युगों युगों में ऐसा कोई यशश्वी प्रधानमंत्री पैदा होता है 🔥
@NayakRagini Mohan Bhagwat गिरगिट की तरह रंग बदलता है, आरएसएस कभी जवाबदारी नहीं लेता है,
Bunbch Of Thoughts के रेफरेंस दे कर सवाल किया जाता है तो ये लोग भाग जाते हैं.
#BanRSS
ग़ुलामी! जानते हैं क्या होती है? इस विडीओ में समझ आएगा।
समस्या भाषा नहीं है, नरेंद्र मोदी अंग्रेज़ी नहीं बोल पाते, इसलिए हिन्दी बोल रहे हैं और अनुवादक अंग्रेज़ी में बोल रहा है, यहाँ तक कोई दिक़्क़त नहीं है।
दिक़्क़त है शब्दों में, दिक़्क़त है बॉडी लैंग्वेज की, दिक़्क़त है राग-दरबारी गाने से। आमतौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति को 'मिस्टर प्रेसिडेंट' कह कर सम्बोधित किया जाता है। लेकिन यहाँ नरेंद्र मोदी उन्हें बार-बार 'एक्सेलेन्सी' कह रहे हैं। ये है सबसे बड़ी ग़ुलामी की निशानी।
अब आते हैं शब्दों पर। नरेंद्र मोदी, डॉनल्ड ट्रम्प की किस बात के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं? पूरी दुनिया में तहलका मचाने के लिए? पश्चिमी एशिया में कौन सी शांति स्थापित की ट्रम्प ने, जिसकी नरेंद्र मोदी इतनी तारीफ़ किए जा रहे हैं?
हमारे नाविक मारे गए, उसके लिए इतने मीठे शब्दों में अनुनय-विनय? कि उनकी जान की रक्षा महत्वपूर्ण है? माना कि डिप्लोमैटिक बातचीत में आप किसी का कॉलर नहीं पकड़ सकते, लेकिन इतना घिघियाया भी नहीं जाता। आपको बोलना चाहिए था कि भारत शान्ति का पक्षधर ज़रूर है, लेकिन भारत की सेनाओं ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं। अमेरिका की ऐसी कोई भी धृष्टता, हमारे सम्बन्ध हमेशा के लिए चौपट कर सकती है।
आप हाथ में पर्ची लिए एक-एक लाइन डर-डर के बोल रहे हैं, आपका हलक़ सूखा जा रहा है। बुला लीजिए किसी बॉडी लैंग्वेज एक्स्पर्ट को, और पूछिए उससे कि क्या ये विडीओ देख कर ऐसा नहीं लग रहा है कि शहंशाह के दरबार में बैठा एक मुलाज़िम, उस शहंशाह की शान में क़सीदे पढ़ रहा है?
पुराने ज़माने में अगर बादशाह सलामत किसी को चाकू फेंक कर मारें और निशाना चूक जाए तो दरबारी कहते थे कि 'ख़ंजर ने ना-फरमाबरदारी कर दी' मतलब चाकू ने महराज के आदेश की अवहेलना की है। आप भी कुछ वैसा करते नज़र आ रहे हैं।
@narendramodi जी, पूरी दुनिया में एक सनकी ने जीना हराम कर रखा है, और आप उसे 'शान्ति के प्रयासों' के लिए धन्यवाद कर रहे हैं?
बेहद शर्मनाक है ये!
ब्रह्म चेलानी कह रहे हैं कि ट्रंप के जोक को भारतीय मीडिया ने अमेरिका द्वारा भारत की रक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धता बता दिया। जबकि अमेरिका भारत के सामूहिक आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। ब्रह्मा सही कह रहें हैं।
भारतीय मीडिया बेवकूफ नहीं है उसे पता है कि उसके पीएम के सम्मान के साथ खेला जा रहा है और भारतीयों को हंसी मजाक के योग्य समझा जा रहा है।