“मुझे पहले भगवान पर बहुत यक़ीन था, फिर IIT जाकर नास्तिक बन गया”
(फिर मैं दिल्ली में हार गया, कोविड में बनाया गया बंगला भी हाथ से निकल गया, पार्टी भी टूट गयी और स्वाति भी चली गयी…तो मैं राम भक्त हो गया)
#केजरीवाल 😎
@swetasamadhiya@SupriyaShrinate अपने साथी प्रवक्ता को बलि का बकरा बनाना चाहती हैं,ऐसा इस देश में होने लगा तो सबसे पहले कार्रवाई राहुल गांधी पर होगी, उनके पीछे उनके प्रवक्ताओं पर, राज्यसभा ना भेजे जाने की चिढ़ बहुत ज्यादा है 😉
@SupriyaShrinate देखो सुप्रिया वो अलग बात है कि गुंडों से शरीफ व्यक्ति डरते है और ये भी डर गए जो नॉर्मल है
पर बिना नंबर निकले पता थोड़ी चला कि 980 बार बात हुई है 1100 क्यों नहीं 850 बार क्यों नहीं ?
तो कोई काम नहीं बचा खाली हो तो जरूरी नहीं हर मुद्दे पर पोस्ट करो
Lord's rises to applaud a special performance 🙌👏
Yastika Bhatia walks back after a historic 1️⃣1️⃣3️⃣(158) 💯
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#TeamIndia | #ENGvIND | @YastikaBhatia
“मोदी और शाह के पास देश से भागने के लिए कुछ घंटे बचे हैं, देखिए किस देश में इनको पनाह मिलती है क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके 6 जून को भारत आ रहे हैं”
ये वाइरल वीडियो मुझे मिला है, क्या किसी को पता है कि कौन हैं ये राजनीतिक विश्लेषक
दादा!
ढोंग की चादर कोई कितनी ही मोटी क्यों न ओढ़ ले, किंतु अंतःकरण की कालिमा और वैचारिक प्रदूषण शब्दों के मार्ग से बाहर आ ही जाता है...
देखिए इस धूर्ताधिपति का चरित,
कल तक जो राममंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का रोना रोकर,
अचानक रामभक्त होने का स्वांग रच रहा था आज वह पुनः लाखों एकड़ भूमि की उस संगठित और संस्थागत लूट के पक्ष में ढाल बनकर खड़ा है।
यह छद्मवेशी रूप ही इसकी असलियत है।
तुष्टीकरण की मदिरा पीकर,
सनातन की जड़ों पर आघात करने वालों
का यह दोहरापन अब देश के सामने पूरी तरह नग्न हो चुका है।
मुख में राम,
बगल में भू-माफिया।
यही इनका वास्तविक दर्शन है...
“साधु के वेष में कुछ समय के लिये ठगों की भी पूजा हो जाती है परंतु एक न एक दिन वे पहचाने जाते हैं, जैसे कालनेमि, रावण और राहु”
~ बालकाण्ड
केजरीवाल की बात हो रही है 😎
सतलुज ने जो नहीं दिखाया...
1. खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा हिंदुओं की सामूहिक हत्याएं, जिनका 1984 से कोई लेना-देना नहीं था।
2. पाकिस्तान और आईएसआई की संलिप्तता।
3. खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा स्वर्ण मंदिर परिसर का दुरुपयोग।
4. पंजाब पुलिस की भूमिका खालिस्तानी आतंकवाद को पंजाब से जड़ से खत्म करने में।
सतलुज ने सिर्फ़ यही दिखाया
1. खालिस्तानी समर्थक और एक्टिविस्ट JSK के गायब होने की घटना।
2. उन्हें हीरो के रूप में पेश किया।
3. लापता व्यक्तियों की बिना आधार के फुलाई हुई संख्या।
4. पंजाब पुलिस को खलनायक के रूप में दिखाया।
यह एकतरफा कथा सतलुज को शुद्ध प्रोपगैंडा फिल्म बना देती है।
जिसका मकसद पंजाब में अशांति फैलाना और चुनावी एजेंडा चलाना है।
और कुछ तथ्य
1. पंजाब की स्थिति, 1984 के भयावह कांड और स्वर्ण मंदिर पर हमले के लिए कांग्रेस पूरी तरह जिम्मेदार है।
2. ऑपरेशन ब्लू स्टार एक भयंकर भूल थी। सिखों के सबसे पवित्र गुरुद्वारे पर कभी हमला नहीं होना चाहिए था।
3. कई निर्दोष सिख मारे गए, जिसने स्वर्ण मंदिर हमले की भूल को और बढ़ा दिया। उनकी परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
4. पंजाब के हिंदू और सिख दोनों अनावश्यक रूप से पीड़ित हुए सिर्फ़ एक परिवार (फर्जी गांधी) की सत्ता की लिप्सा के कारण।
अंत में
1. 1984 के दोषियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। भाजपा सरकार ने उन मामलों को खोला यह एक अच्छा कदम है।
2. पंजाब में हिंदू-सिख एकता को बचाने के लिए कांग्रेस कभी सत्ता में नहीं आनी चाहिए।
3. पहले वे असफल रहे, भविष्य में भी असफल होंगे इसमें कोई शक नहीं।
जय हिंद 🇮🇳
@scribe9104 तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर
तुफां ये प्यार का मन में बसा कर
कोई छवि तो होगी आँखो में तेरी
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरे
वाह रे तेरी खुदाई 😊❣️
@scribe9104 तू भी तो तड़पा होगा मन को बनाकर
तुफां ये प्यार का मन में बसा कर
कोई छवि तो होगी आँखो में तेरी
आँसू भी छलके होंगे पलकों से तेरे
वाह रे तेरी खुदाई 😊❣️