कल अपने घर गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है।
ध्रुव राठी को लेकर कल से सब परेशान थे कि आखिर पुलिस ध्रुव राठी को कहां लेकर गई है ध्रुव राठी की पत्नी जूली भी परेशान दिखाई दी थीं। हालांकि
उन्हें रिहा कर दिया गया है जिस हिसाब से कल हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं उस हिसाब से अगर ये लोग फिर से जंतर मंतर आते हैं तो इन्हें फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है।
आज बीजेपी आरएसएस के गुंडे दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के संरक्षण में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वालों लोगों पर हमला कर रहे थे। इन गुंडों ने बहन-बेटियों तक को नहीं बख्शा। बहन बेटियों के साथ ऐसी हरकत बहादुरी नहीं तुम्हारी घटिया मानसिकता और कायरता की निशानी है। सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी करने वालो सुन लो 12 अक्टूबर को हम आ रहे हैं। हम ना तुम्हारी धमकियों से डरते हैं ना तुम्हारी गुंडागर्दी के आगे झुकते हैं। दम हो तो वहीं पे मिलना तानाशाही के दलालों जनता को कमजोर समझने की भूल मत करना। सत्ता बदलती है कुर्सियां छिनती हैं लेकिन जनता के संघर्ष का इतिहास हमेशा जिंदा रहता है। ✊✊
क्या रे IPS प्रशांत, अपने घर पर भी अपने बच्चों से ऐसे गाली देकर बात करता है क्या?
थोड़ी भी शर्म और अपने बच्चों की नज़र में इज़्ज़त रखना चाहता है, तो नौकरी से इस्तीफ़ा दे और माफ़ी माँग ले।
IPS पर धब्बा है, देश पर कलंक है।
यह दूसरी बार है जब कोई अरबपति देश के गरीबों को सस्ता इंटरनेट देने के लिए इतना बेचैन और उतावला है।
आखिरी बार अंबानी जी ही थे, जो गरीबों को फ्री इंटरनेट बांटा करते थे।
ये अलग बात है कि अब अंबानी जी गरीबों को भूल गए हैं और डेटा पैक के लिए हर महीने अच्छा-खासा पैसा वसूल रहे हैं। फिर से अब एक विदेशी अरबपति को भारत के गरीबों की चिंता सताने लगी है।
अंजना ने ग़लती से बहुत बड़ी मिस्टेक कर दी है।
अकाली दल के मजीठिया से पूछा- आप भी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा चाहते हो?
मजीठिया बोले - हां चाहता हूं।
अंजना बोलीं - फिर भी BJP से गठबंधन चाहते हो?
मजीठिया का जवाब- मतलब आप मानती हैं ना कि ज्ञानेश ही BJP है।
CJP Protest के दौरान Delhi Police ने एक लड़के को रोक लिया, जो डॉक्टर को दिखाने जा रहा था. पुलिस के रोकने पर लड़के को डॉक्टर का पर्चा दिखाना पड़ा.
Jantar Mantar पर Protest के बीच पुलिस की कार्रवाई का ये वीडियो सामने आया.
Full Report: https://t.co/0DjP6LWYya
@NehaDhiman1004@roohanibhatia
काश सुप्रीम कोर्ट को नज़र आता।अदालत पूछती कि जहाँ हज़ारों सुरक्षाबल तैनात थे वहाँ ये बल कहाँ से आए? कैसे आ गए? ये कहाँ हैं? इनकी सेवा किसने ली? सरकार प्रदर्शन को अराजक बना रही है मगर ये भाजक कौन हैं जो बच्चों को बुरी तरह मार रहा है। इनके दम पर SIR के फ्रॉड का जवाब दिया जा रहा है? तो इन्हीं को बना दो चुनाव आयुक्त ।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत की रिपोर्टों पर चिंता जताई है, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित रखने को कहा है और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों की तत्काल, बिना शर्त रिहाई की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को उनके चेंबर से हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक है
वकीलों को मनमाने ढंग से हिरासत में लेने और उन्हें डराने-धमकाने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
: प्रदीप राय, अध्यक्ष ( सु्प्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन)
DELHI POLICE - DOOB MARO 😡
ये सब इसी इरादे से लाए जाते हैं। सादे कपड़े पहनकर गुंडई करते हैं और दिल्ली पुलिस इन्हें पहले से जानती है, पिटाई करने के बाद प्यार से साइड कर देती है।
बेशर्मी की हद है