Adv. Rajat Ramit, Balram Raj एवं Surinder Attri पिछले तीन दिनों से पुलिस हिरासत में हैं।
हम प्रशासन से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को बिना किसी शर्त के जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है।
#हमारे_साथियों_को_रिहा_करो
#ReleaseAdvRajatRamit
#ReleaseSurinderAtrri
#ReleaseBalramRaj
#ReleaseOurLeaders #JusticeForAll
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमारे साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिल��ा चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा जनजातीय ���मुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमा���े साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिलना चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किय��� जाए तथा जनजातीय समुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
भीम आर्मी जम्मू कश्मीर के नेतृत्व में भीम आर्मी, ओबीसी महासभा और बहुजन समाज के सभी संगठनों की संयुक्त बैठक में यह ऐत��हासिक निर्णय लिया गया कि 17 मार्च को जम्मू में UGC के समर्थन में एक बड़ा आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
सभी साथियों से विनती है कि बड़ी संख्या में वह समय पर पहुंचे और एकता का परिचय दें l
@BhimArmyChief
@VinayRatanSingh
@AzadSamajParty
@AzadSamajParty
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव के उन्मूलन हेतु लाए गए UGC विनियम, 2026 को आईआईटी, आईआईएम, एम्स सहित केंद्रीय संस्थानों में व्याप्त भेदभाव के निराकरण हेतु बाध्यकारी प्रावधान के रूप में लागू किए जाने के संबंध में मान���ीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @dpradhanbjp जी को पत्र लिखा!
@mygovindia
@EduMinOfIndia
#ASP_K_Support_UGC_Act
#ASP_K_Support_UGC_Act
UGC का वही लोग विरोध कर रहे हैं, जो जाति के आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी के बच्चों का शोषण करते हैं, उन्हें अपमानित करने का काम करते हैं।
इन नए नियमों से किसी को कोई दिक्कत नहीं है—सिवाय उन द्रोणाचार्यों के, जो आज भी एकलव्य का अंगूठा काटना चाहते हैं। इसके अलावा UGC के नए नियमों से किसी भी वर्ग को समस्या नहीं है।
मैं सरकार ��ो साफ़ चेतावनी देता हूं - अगर चंद मुट्ठी-भर लोगों के दबाव में UGC पर लिया गया फैसला वापस हुआ, तो हम 85% बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर सरकार को बताने का काम करेंगे।
नगीना सांसद, Chandra Shekhar Aazad जी, आगरा
उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से लाए गए UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का विरोध—अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों के अधिकारों के संदर्भ में—किया जाना सामाजिक न्याय के विरुद्ध एक भ्रामक एवं संगठित प्रयास है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
जबकि UGC (उच्च शिक्षा संस्था���ों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का मूल उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म-स्थान अथवा दिव्यांगता के आधार पर—विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा दिव्यांगजनों—या इनमें से किसी भी वर्ग के सदस्यों के विरुद्ध होने वाले भेदभाव का उन्मूलन करना तथा सभी हितधारकों के मध्य पूर्��� समता एवं समावेशन को सुनिश्चित करना है।
उच्च शिक्षा संस्थानों के हितधारकों के मध्य पूर्ण समता एवं समावेशन को संवर्धन करने के उद्देश्य लाए गए UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 का भीम आर्मी - आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूर्ण समर्थन करती है।
#ASP_K_Support_UGC_Act
#ASP_K_Support_UGC_Act
प्रशासन की बैरिकेडिंग और पुलिस का पहरा हमें थाम लेगा—ये तुम्हारी गलतफहमी है!
आज मेरठ की सड़कों पर भाई चंद्रशेखर आज़ाद की तेज़ क़दमों की गूंज साफ़ क�� रही है कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी(का.) का लहू न्याय के लिए उफान पर है।
तुम रास्ते बंद करोगे, हम संघर्ष से इतिहास लिखेंगे। जब तक बहन को इंसाफ़ नहीं मिलता, न ये कदम थकेंगे और न ये जज़्बा कम पड़ेगा।
पवन कुमार लोनी
प्रदेश अध्यक्ष भीम आर्मी भारत एकता मिशन जम्मू कश्मीर
विश्व बौद्ध धम्म ध्वज दिवस पर आप सभी देशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं
BHIM ARMY
Bhim Army Jammu and Kashmir
चन्द्र शेखर आजाद ji Jindabaad
@pawankumarLoni_