नरेंद्र मोदी ने बताया कि वो 30 साल पहले न्यूजीलैंड गए थे, तब उनको गिफ्ट में मफलर, एक कैप और एक दस्ताना मिला था. उस वक्त उन्हें कोई जानता नहीं था.
मोदी ने इससे पहले ये भी बताया है कि वो 35 साल तक भीख मांगकर खाए हैं. उससे पहले 17 साल की उम्र तक चाय बेची है.
सोचिए... कांग्रेस की सरकार में भीख मांगकर खाने वाले भी इतने अमीर थे कि न्यूजीलैंड घूम रहे थे.
है ना कमाल की बात
कुलदीप बिश्नोई जी ने मुझे ब्लॉक किया था
मैंने कुलदीप बिश्नोई जी को ब्लॉक कर दिया है
मैं कुलदीप बिश्नोई जी के बराबर आदमपुर विधानसभा से आम नागरिक हूं
आज ना कुलदीप बिश्नोई जी विधानसभा में हैं या संसद में हैं और ना मैं हूं.
हिसाब-किताब बराबर.
मैं जीतूंगा लेकिन कुलदीप जी कभी नहीं
रिपोर्टर — राम मंदिर डोनेशन घोटाले के बारे में आप क्या कहेंगी?
महिला — यह कांग्रेस ने किया है।
रिपोर्टर — लेकिन UP में तो BJP की सरकार है।
महिला — नहीं, अयोध्या का MLA कांग्रेसी है, उसने ही यह किया है।
BJP को छोड़कर बाकी सबको दोषी ठहरा रही है।
अंधभक्ति अपने चरम लेवल पर है।
अब मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के नाम साझा किए हैं
• सूबेदार मेजर पवन कुमार (Army)
• राइफलमैन सुनील कुमार, वीर चक्र (Army)
• लांस नायक दिनेश कुमार (Army)
• एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनायक (Army)
• हवलदार सुनील कुमार सिंह (Army)
• सार्जेंट सुरेंद्र कुमार, वायु मेडल (Airforce)
इसका मतलब राजनाथ सिंह ने बतौर रक्षा मंत्री 28 जुलाई, 2025 को भरी संसद में झूठ बोलता था कि एक भी क्षति नहीं हुई है - संसद को जानबूझकर गुमराह किया गया था
यह सदन की अवमानना और breach of parliamentary privilege के साथ साथ उन शहीदों का कितना बड़ा अपमान है - जिनकी शहादत को इस सरकार ने अपनी फ़र्ज़ी छवि के चक्कर में संसद में नकार दिया
लानत है
रिपोर्ट्स के मुतबिक, इटली की पीएम जोर्जिया मेलोनी ने अपनी एक किताब में 2023 की अपनी भारत यात्रा का जिक्र किया है, @news24tvchannel ने जिस पर लिखा है कि :
◆ उन्होंने किताब में बताया कि जब वे भारत आईं थीं, तब दिल्ली की सड़कों पर उनके बड़े-बड़े पोस्टर लगे थे
◆ इस स्वागत को लेकर इटली के उप पीएम एंटोनियो ताजानी ने मजाक में कहा कि मेलोनी दिल्ली से चुनाव लड़तीं तो उनको लाखों वोट मिलते.
इस व्यंग्य को न समझने वाले अंधभक्त लहालोट हो जायेंगे, लेकिन इस तरह के ‘वैश्विक मज़ाक़’ बनने पर भारत के असल नागरिक शर्मिंदा हैं.
इस देश का संविधान कहता है की अगर एक टेररिस्ट भी सरेंडर करना चाहेगा तो उसको सरेंडर करने दिया जाएगा,
देश के सबसे बड़े आतंकवादी कसाब को भी न्याय पालिका जाने का मौका दिया गया. ये क्लियर हत्या है, एनकाउंटर दिखाने का प्रयास है !
- लकी बिष्ट ( ex RAW एजेंट)
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
अगर ये झूँठ बोल रहा है तो मोदीजी या
विदेशमंत्री को चाहिए के वे अमेरिका को कड़ा जवाब दें और यदि सच है तो यह अत्यंत दुखद और असहनीय है कि हम अब अमेरिका के गुलाम हो चुके हैं देशवासियों को बताया जाए।
ये वही साध्वी जी है जिन्होंने कुछ दिनों पहले मटन की दुकाने बंद कराने के लिए हो हल्ला और खूब तमाशा किया था,
आज यही साध्वी जी बड़े चाँव से मटन और बियर का आनंद ले रही है, वाह रे पाखंड।
आपको याद होगा
2022 में मोदी सरकार ने कहा- हम राष्ट्र हित में रूस से सस्ता तेल खरीद रहे हैं.
ये नरेटिव खूब चला, हालांकि इसका फायदा जनता को नहीं मिला.
अब विदेश मंत्री जयशंकर बता रहे हैं- अमेरिका के कहने पर भारत ने रूस से तेल खरीदना शुरू किया था.
सब अमेरिका तय करेगा
अनुराग ठाकुर, निशिकांत राय समेत समूची भाजपा सरकार ने "न्यूज क्लिक" पर चीनी फंडिंग, देश विरोधी प्रोपेगंडा करने का आरोप संसद में लगाया था। इंडिया टुडे ग्रुप ने न्यूज क्लिक को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कल अदालत ने ईडी और ईओडब्ल्यू के सारे FIR रद्द कर दिए और कहा कि कुछ भी गैरकानूनी नहीं हुआ है। दरअसल सच यह है कि न्यूज़क्लिक अब तक की सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार की पोल खोल रहा था। यही बात मोदी सरकार को चुभ गई।
उम्मीद है यह अदालती तमाचा एजेंसियों को याद रहेगा। असल काम के अलावा सरकारी एजेंसियां और सब कुछ कर रही हैं।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द आदेश पर लगी रोक।
चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला पलटा!
यह कांग्रेस की लड़ाई की जीत है
जीतू पटवारी के संघर्ष की जीत है