"चप्पल उतारू सर.....नहीं.... नहीं... नहीं....चप्पल नहीं..."
इरफान जब लल्लन टॉप के स्टूडियो में गए तो लल्लन टॉप की पूरी टीम के द्वारा लगभग 1 मिनट की स्टैंड अप क्लेपिंग....
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
यही लड़की ब्राह्मणवाद जिंदाबाद के नारे लगा रही थी. मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा तो विवाद हो जाएगा. लेकिन ज्ञान कितना है, कितनी किताबें पढ़ी हैं. सब इसी वीडियो में पता चल जाएगा.
तमाम लोगों ने कहा मेघा लावरिया के पास ज्ञान ठीक ठाक होगा. मैंने कहा अधजल गगरी छलकत जाये. धैर्य रखिए धीरे-धीरे सारा सच बाहर आएगा.
जय भीम
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