@TheOfficialSBI I am at SBI A.B. Road Rau, Indore (Branch Code: 30460) for address update & to get new pass book. Reached 2PM and now its 3PM. Nothing happened. Even initially one of employee denied to do the same.
Kindly look into this poor customer service. #SBI
@CP_INDORE@DcpIndorezone1
Sir,
I had sent an email to your official mail ID.
Reminder also sent.
No one if acknowledging those mails.
Kindly do the needful before things got out of control.
@CP_INDORE ,
@Dcpindorezone1
Dear concerned officer,
Sent many mail to your official mail ID.
No one is acknowledging it.
That person is behaving like a Maniac.
Please do the needful.
@DcpIndorezone1@CP_INDORE@MPPoliceDeptt@DGP_MP@mohdept@1Adcp Respected all
Requesting u 2 kindly take an action against my mail, which I sent this evening.
I submitted the written application to Rau-Indore police station also.
Ur intervene in this matter is must before it's too late.
Kindly accept my apologies if I cause any inconvenience
"मा$र, मेरे से जबान लड़ा रहा है, भो$ड़ी के मुँह में मूत दूँगा तेरे"
चाय बनाने से इनकार करने पर भड़का GRP सिपाही
कॉलर पाकर दुकानदार को दी भद्दी भद्दी, अभद्रता की और मारपीट की है.
मथुरा स्टेशन पर जीआरपी के सिपाही ने दिखाई गुंडई. पूरी गुंडई CCTV में कैद
@narendramodi@PMOIndia@JM_Scindia@BSNLCorporate@JagranNews
यह असली दीमक है इस देश की।
आमादा है पूरी तरह से खोखला कर देने को इस देश की नींव को।
ऐसे लोगों को अपने पद से हटाया जाए और उनके द्वारा किए गए इस तरह के कथित भ्रष्टाचारों को रिकवर नहीं किया जाए
मैं दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पूछना चाहती हूँ कि......
सिम मेरा, मोबाइल मेरा, नंबर भी मेरा…!
फिर ये कहां का इंसाफ है कि इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगा दिया जाए?
बैलेंस खत्म हुआ तो आउटगोइंग बंद हो जाए, ये तो समझ में आता है, क्योंकि एक सेवा मैने ले रखी है।
लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना, क्या ये सही है?
कॉल तो सामने वाला कर रहा है, उसका पैसा कट रहा है…!!
फिर मेरे नंबर पर “ताला” क्यों❓
क्या अब मोबाइल रखना भी “मासिक टैक्स” देने जैसा हो गया है?
रिचार्ज करो तो नंबर जिंदा, नहीं तो पूरी तरह बंद!
गांव के मजदूर, छोटे दुकानदार और छात्र....
जिनके लिए मोबाइल सिर्फ जरूरत है, शौक नहीं, उनके लिए यह नियम किसी सजा से कम नहीं है।
पहले कहा जाता था, “लाइफटाइम इनकमिंग फ्री”
अब हाल ये है कि रिचार्ज नहीं तो पहचान भी खत्म!
सोचिए…
अगर किसी गरीब के पास पैसे नहीं हैं,
तो क्या उसका नंबर बंद कर देना ही समाधान है?
क्या उससे उसका संपर्क छीन लेना सही है?
मोबाइल आज सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी पहचान और जिंदगी की लाइन बन चुका है।
बैंक से लेकर नौकरी तक, सब कुछ इसी नंबर से जुड़ा है।
फिर भी अगर इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगाया जा रहा है,
तो सवाल उठना लाज़मी है…!
क्या यह सिर्फ बिजनेस है…❓
या फिर धीरे-धीरे लोगों को मजबूर करके
हर महीने पैसे निकलवाने का तरीका?
सोचिए… और बताइए!
क्या आप भी इसे सही मानते हैं❓
या यह आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाना है?
अगर आप सहमत हैं तो खुलकर आवाज उठाइए, वरना तो जैसा चल रहा है चल ही रहा है।
@JM_Scindia@DoPTGoI@narendramodi@AmitShah
सड़क पर मूतने वाले इस जाहिल की लंगड़ाते हुए वीडियो आनी चाहिए ताकि लोगों में Civic sense पैदा हो सके।
इस शुभ कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए
@police_haryana से निवेदन है, संज्ञान लें।
ये मध्यप्रदेश के किसी जिले के SDM साहब है ये एक महिला से बोल रहे रहे है कि ज्यादा बोलोगी तो टांग पर टांग रख के CHEE र दूंगा ।
@DrMohanYadav51 ये हो रहा है आपके राज में ।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की छवि धूमिल करने वाले ऐसी पुलिस वाले को तत्काल निलंबित करना चाहिए...
इस वीडियो को तबतक शेयर करें जबतक @Uppolice इसपर संज्ञान नहीं लेती
तुम्हारी मां Choद देंगे... मादरChoद "नेता बन रही थी तू,चल कपड़े निकाल"
थाने के भीतर घुसकर कुछ मावली लोग लड़कियों के साथ खुलेआम गाली गलौज कर रहें है..!
ये सम्मान भरे शब्द दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में बोले जा रहे हैं...।
बेबसी देखिए और सोचिए क्या यह पुलिस आम आदमी को न्याय दिला पाने में सक्षम है।
बेहद चिंताजनक है यह ?
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपने परिवार के साथ दिल्ली से पटना तक Dassault Falcon 2000 जैसे चार्टर विमान से यात्रा करते हैं। किराया? बस ₹18–25 लाख। क्या आम टैक्स किसलिए देते कि ऐसे राजा चार्टेड प्लेन में घूम सके ?
🚨 एक बेटा अपनी मां के इलाज के लिए हर साल ₹50,000 प्रीमियम भरता रहा भरोसा था कि जरूरत पर साथ मिलेगा।
मां बीमार हुई तो वह स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के लखनऊ ऑफिस पहुंचा।
घंटों इंतजार कराया गया।
फिर क्लेम से इनकार।
ऊपर से एजेंट का जवाब “हमसे पूछकर पॉलिसी थोड़ी ली थी।”
सवाल सीधा है कि 👇
प्रीमियम समय पर चाहिए , लेकिन क्लेम के समय बहाने क्यों?
क्या बीमा कंपनियां सिर्फ पैसा इकट्ठा करने के लिए हैं?
क्या पॉलिसी धारक का हक मांगना अपराध है?
अगर नियमों के नाम पर क्लेम रोके जाएंगे,
तो यह सुरक्षा नहीं, सीधी लूट है।
हर ग्राहक को लिखित कारण, पारदर्शिता और जवाबदेही मिलनी चाहिए।
वरना “हेल्थ इंश्योरेंस” भरोसा नहीं , सिर्फ कागज़ी वादा बनकर रह जाएगा।
🚨 एक बेटा अपनी मां के इलाज के लिए हर साल ₹50,000 प्रीमियम भरता रहा भरोसा था कि जरूरत पर साथ मिलेगा।
मां बीमार हुई तो वह स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के लखनऊ ऑफिस पहुंचा।
घंटों इंतजार कराया गया।
फिर क्लेम से इनकार।
ऊपर से एजेंट का जवाब “हमसे पूछकर पॉलिसी थोड़ी ली थी।”
सवाल सीधा है कि 👇
प्रीमियम समय पर चाहिए , लेकिन क्लेम के समय बहाने क्यों?
क्या बीमा कंपनियां सिर्फ पैसा इकट्ठा करने के लिए हैं?
क्या पॉलिसी धारक का हक मांगना अपराध है?
अगर नियमों के नाम पर क्लेम रोके जाएंगे,
तो यह सुरक्षा नहीं, सीधी लूट है।
हर ग्राहक को लिखित कारण, पारदर्शिता और जवाबदेही मिलनी चाहिए।
वरना “हेल्थ इंश्योरेंस” भरोसा नहीं , सिर्फ कागज़ी वादा बनकर रह जाएगा।
"RTO वाला जबरदस्ती पैसा ले रहा है गाड़िया रोक रोक कर...हमारा सब कागज ओके है"
"परमानेंट आते जाते है...300 आने का लेता है 300 जाने का लेता है।"
आपने इतना बेशर्म RTO अधिकारी नहीं देखा होगा..?
खुलेआम पर्ची बनाकर यूपी के ट्रक ड्राइवरों को लूट रहा है!
इसपर कार्यवाही की उम्मीद की जाए क्या....?
A police officer boards an AC coach without a ticket and occupies a seat that’s legally allotted to a passenger.
When the rightful passenger arrives and asks him to vacate, the officer arrogantly refuses and says, “Go sit on some other seat.”
The passenger calls the TTE. The TTE clearly asks the officer to move or show a ticket.
The response? Absolute entitlement.
The officer openly declares, “We don’t take tickets. We’re in government service. We travel for free.”
Even when the TTE warns that the RPF will be called, the officer refuses to budge and repeats, “I have a government job.”
This isn’t authority.
This is abuse of power.
When those meant to enforce the law start breaking it in public, law and order turn into a joke.
Uniforms are for responsibility not for intimidation.
If this goes unchecked today, tomorrow no honest passenger will feel safe or respected.