ज़िन्दगी कितना तेज चलती है
भाग कर बस पकड़ना पड़ती है
यूं ही मिलने की बात की मैंने
उसे मुझसे ज्यादा जल्दी है
तुम बहुत खुश रहोगी मेरे साथ
वैसे हर एक की अपनी मर्ज़ी है
~तहजीब हाफी
परीक्षाओं में असफल हुए पुरुष
अक्सर प्रेम में भी असफल हो जाते हैं
विवाह की पहली रस्म
पुरुष की आय पूछना होती है
दूसरी पुरुष की आयु
तीसरी पुरुष का आवास
और चौथी, पुरुष का गोत्र
परीक्षाओं में असफल पुरुष
अक्सर गँवा बैठते हैं
आय, आयु, और आवास
परीक्षाएँ देते-देते
असफल पुरुष का
कोई गोत्र नहीं होता
न ही कोई प्रेम कहानी
असफलता उसका अस्तित्व होती है
परीक्षा उसका जीवन
शर्म, उसके हिस्से आये ढाई अक्षर
- अभिषेक शुक्ला