हर शनिवार बैंक खोलना समाधान नहीं है।
समय के साथ बदलते बैंकिंग सिस्टम में 5 Days Banking Week कर्मचारियों के साथ-साथ बेहतर कार्यक्षमता और Work-Life Balance की जरूरत है।
5 दिन बैंकिंग सप्ताह लागू करो!
#5DayWeekandFairPLI
जब मुनाफे में सबका योगदान है, तो PLI में सबको समान न्याय क्यों नहीं?
Fair PLI — सभी Scales तक और 5 Days Banking — अब और इंतजार नहीं!
वादे नहीं, सम्मानजनक समाधान चाहिए।
#5DayBankingNow#5daysworkweek#5DayWeekandFairPLI
Working Days in Week 👇
▶️RBI- 5days
▶️DFS - 5 days
▶️LIC - 5 days
▶️CVC - 5 days
▶️SEBI - 5 days
▶️BSE- 5 days
▶️NSE- 5 days
▶️NPCI - 5 days
▶️IRDAI- 5 days
▶️Ministry - 5 days
▶️State Govt - 5 days
▶️NABARD-5 days
15 Lac Bankers still waiting!
#5DayWeekandFairPLI
“ठाकुर हूं मैं” बस इस महिला का इतनी क्लिप काटकर वीडियो वायरल कर इसे निशाना बनाया जा रहा है। जबकि वीडियो में साफ है कि उनके साथ अभद्रता की गई।
सबसे पहले इस महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसने जवाबी कार्रवाई की और सिर्फ़ खुद को बचाने के लिए कहा, "मैं एक ठाकुर हूं"। इसका साफ मतलब है कि वह अपना बचाव करने में सक्षम थी।
यहाँ जाति के आधार पर कौन सा भेदभाव हो गया? ठाकुर है ठाकुर ही ना बताएँगी ख़ुद को? इस महिला के साथ जो अभद्रता हुई उसके विरोध में नारजगी जाहिर करेगी ही….…
ठाकुर हूँ, B@KChodi मत करना।
यह आस्था सिंह हैं, जो HDFC बैंक में एक कर्मचारी हैं।
एक ग्राहक बैंक की सेवाओं को लेकर पहले बहस करने लगा और बाद में बातचीत का स्तर गिराते हुए अभद्रता पर उतर आया।
जब ग्राहक लगातार बदतमीज़ी करता रहा, तो आस्था सिंह ने उसे जवाब देते हुए सख़्त लहजे में अपनी बात रखी। उसी बातचीत का एक छोटा सा अंश अब सोशल मीडिया पर संदर्भ से अलग करके फैलाया जा रहा है।
इसके बाद लोगों को जैसे एक नया कंटेंट मिल गया—रीच और लाइक्स के चक्कर में बिना पूरी सच्चाई जाने तरह-तरह की बातें लिखी जा रही हैं।
सच यह है कि हर कर्मचारी भी एक इंसान होता है। लगातार अपमान और दुर्व्यवहार के बाद संयम टूट जाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन अधूरी क्लिप के आधार पर किसी को कटघरे में खड़ा करना भी सही नहीं।
सोशल मीडिया पर जज बनने से पहले तथ्यों को समझना और दोनों पक्षों को सुनना ज़रूरी है।
बकचो.. मत कर, ऐसी की तैसी कर दूंगी साले। उंसके बाद अपनी जाति का खुलासा महिला करती है।
यह HDFC की एम्प्लोयी है।
यह क्लिप काफी वायरल है। लेकिन अधूरी हैं सामने वाले ने ऐसा क्या कहा जो यह महिला इतनी उत्तेजित हो गयी, यह जानना भी आवश्यक है। सोशल मीडिया पर अधूरी क्लिप पर लोग निर्णय लेते है।
में एसबीआई में गया। एक लड़की अग्रवाल से मैने बात करी, "रुक जा" उसने ऐसा कहा । मेने उंसकी ऑनलाइन शिकायत कर दी। उसने कॉल करके अपने व्यवहार के लिए माफी माँगी। प्रॉपर चेन्नल में शिकायत कर सकते है। ग्राहक को काफी अधिकार मिले हुए है, उनकी जानकारी कम लोगो को होती है।
विकास कुमार जाटव
दिन भर जाति सर्टिफिकेट के लिए लाइन में लगकर अपनी जाति का प्रमाण पत्र बनवाने वाले नव ‘क्षत्रियों’ को ‘ठाकुर हूँ’ बोलने वाली महिला से दिक्कत होने लगी है
जाति प्रमाणपत्र फाड़कर फेंकने की हिम्मत हो जाए तब आना ज्ञान पेलने…..
और ग़र जो मैं कह दूँ कि ऐसी ठकुराई के साथ मैं ख़ुद को एसोसिएट नहीं करता तो कई ताना देने लगेंगे कि तुम ठाकुरों के प्रतिनिधि नहीं हो!
हाँ मैं नहीं हूँ। जो ठाकुरों के प्रतिनिधि हैं वो इस ठाकुर के समर्थन में आएँ प्लीज़… 🥺
अच्छी कर्मचारी है इसका गुमान नहीं। सही तरीके से काम किया यह तर्क नहीं । कानून का सम्मान यह दावा नहीं।
ठाकुर है इसीलिए इनसे डरना चाहिए।
फिर कहेंगे कि समाज में जाति नहीं है। जाति की बुनियाद पर समाज खड़ी है!
इस वीरांगना को बैंक की कुर्सी की जगह तलवार उठाकर सीमा पर दुश्मन देशों से लड़ना चाहिये।
आख़िर ठाकुर जी की बेटी जो ठहरी।
@HDFC_Bank कानपुर ब्रांच की यह महिला कर्मी अपने कस्टमर को “ठाकुर” होने का रोब दिखाकर गाली बक रही है।
ठाकुर आस्था सिंह,ठाकुर चपरासी भी रहता है कहीं तो वह अपने को वहां का GM ही समझता है.ठकुरई पूरे प्रदेश में हावी है.
@HDFC_Bank इस हाइली एरोगेंट और कास्टिस्ट महिला को तत्काल अपने दफ्तर से भगाओ.संस्था की रेपोटेसन खराब करने का आरोप लगा इस पर जुर्माना भी लगा तत्काल इसे बाहर करो.
धन्यवाद 🌴 मैं एक शुभचिंतक HDFC का.
Embracing a 5-day work week fosters an environment where employees can thrive, bringing fresh ideas to the table. #Approve5DayBankingNow https://t.co/AUjZp29JJo
Policy makers talk about productivity while forcing burnout on bank employees. Hypocrisy won’t run a modern economy. Act with responsibility. Approve the 5-day banking week.
#Approve5DayBankingNow