@Kraj149Rk@LekharajaB76180 ये ठीक उसी तरह है जब हिटलर ने यहूदियों पर अत्याचार किया था तो एक तबका दूसरे के दुख देखकर खुश होता था। ये नफरत एक दिन की देन नहीं है आँख के बदले आँख का नियम संसार को अंधा बना देगा।
@KraantiKumar अगर आपकी बताई गई कहानी सच भी मान ली जाए तो राजनीति अच्छे कामों के लिए की जाए तो उसमें हर्ज ही क्या है वो पढ़े लिखे है अच्छे इंसान भी है अगर वो मुख्यमंत्री बन भी जाते है तो उसमें हर्ज क्या है अच्छे लोग अच्छे कामों के लिए राजनीति में आने चाहिए।
@Akshay_Yadav22 उत्तर प्रदेश की जितनी भी अन्य इंडिया गठबंधन से अलग पार्टियां है सभी कांग्रेस और सपा के पीछे हाथ धोकर पड़ी है जिसे मानो उनको कही से ऑपरेट किया जा रहा है वो सभी एक सुर में सुर मिला रही है।
@awesh29 ऐसा कर भी दिया जाए लेकिन पार्टी टूटने का खतरा सबसे अधिक हो जाता है। नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया उन्होंने नई पार्टी बना ली धोखा दिया। झारखंड में हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन को बनाया उन्होंने धोखा दिया। फिर बताएंगे रिमोट से सरकार चला रहे हो।
@raviadi7793 सबको पता है बसपा चुनाव नहीं जीत पाएगी दहाई के आंकड़े में सीट आएंगी, उसका उद्देश्य मात्र त्रिकणीय मुकाबला बनाना है जिससे भाजपा का रास्ता क्लियर किया जा सके। लेकिन वोटर काफी समझदार हो चुका है 2024 में भी यही स्थिति थी। जनता ने समझदारी से वोट किया और परिणाम सामने आया।