@KraantiKumar शंकराचार्य बनने की सबसे बड़ी योग्यता हिंदू धर्म ग्रंथो में खास तौर पर चार वेदों और छह छह वेदांगों में प्रवीण होना पुराणों उपनिषदों का ज्ञान होना और सबसे बड़ी बात सनातन धर्म और उसके ग्रंथो में यकीन होना होता है
@Shubhamshuklamp कुछ पता ना हो तो जबरदस्ती की पत्रकारिता नही करनी चाहिए... कांग्रेस से सबसे सताकतवर प्रत्याशी पं अबधेश नायक होते 2023 मैं मिश्रा जी को हराने मै सबसे ज्यादा ताकत लगाई घनश्याम सिंह मिश्र जी से सम्बंधित ही माने जाते है फूलछाप कोंग्रेसी माने जाते है
@ComradeMalal नरोत्तम मिश्रा के झगड़े सबसे ज्यादा स्वजातीय लोगों से ही हो रहे थे संघ से नाता रखने वाले भाजपा के पुराने नेता अवधेश नायक जिन्होंने अयोध्या में दो बार कार सेवा की गोली भी खाई 2023 में उन्होंने मिश्रा की वजह से कांग्रेस ज्वाइन कर ली राजेंद्र भारती को विजई बनाने में बड़ा योगदान था
कितना बदल गई अयोध्या, एक पूरा टमाटर नहीं, एक पूरी प्याज नहीं, एक न पूरा गाजर और न खीरा..पूरा नींबू भी नहीं और ये सितारा होटल भी नहीं .. और इस सलाद की कीमत 235 रूपए .. राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट
comparison ही गलत है।घर देकर सरकार का नियंत्रण खत्म हो जाता है,उसके बाद वह घर उस परिवार का हो जाता है | लेकिन राम मंदिर के निर्माण के बाद भी उसकी व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े संस्थागत निर्णय सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट और व्यवस्था के तहत होते हैं|
घर में किसी ने चोरी कर दी और सरकारी व्यवस्था में बार-बार भ्रष्टाचार- एक जैसी बातें नहीं हैं।
modi ji के नेतृत्व की definition मतलब सिर्फ़ उपलब्धियों पर फोटो लगाना ।
यही फर्क है सफलता का श्रेय और विफलता की जिम्मेदारी में , जो आपने तुलना में नजरअंदाज कर दिया।
जितना नुकसान और अपमान आप लोगों ने हिंदू धर्म का किया है, शायद भारत के 5000 वर्ष के इतिहास में बाहर से आने वाले आतताइयों ने भी नहीं किया। जितना आप लोगों ने हिंदुओं को लूटा है, आज तक किसी ने नहीं लूटा। हिंदू धर्म पर आप लोग कलंक हैं।
ये वीडियो देखिए। ये क्या कर रहे हैं आप। शर्म आती है आपको? माफ़ी माँगिए पूरे हिंदू समाज से।
@Biharwale_dip04 सिर्फ़ सनातनी लिखने कोई राम का भक्त नहीं हो जाता।राम को जानने और समझने के लिए राममय होना पड़ता है :
सोई जानहि जेहि देउ जनाई।जानत तुमहि तुमहि होई जाई ।
पहले इसे आत्मसात कर लो तब बात करना दीपक।
राम मंदिर दान घोटाले से आहत हूँ चकित नहीं।मंदिर आंदोलन के दौरान रथयात्रा उसके बाद चंदे चढ़ावे दान से जुटी करोड़ों की रकम का कभी सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया गया,ट्रस्ट से शंकराचार्यों धर्माचार्यों को दूर रखा गया साफ़ था कि इसके नियंता पारदर्शिता नहीं चाहते।इसलिए ये तो होना ही था।
🚨 #ExpressInvestigation | The Union Minister of State for Agriculture Bhagirath Choudhary received a ₹99.03 lakh subsidy for a commercial cucumber farming project under a scheme run by the ministry he serves in.
While the final approval was granted by an NHB project approval committee that does not include the minister, Choudhary is the ex-officio Vice-President of the NHB board that oversees its functioning.
The project, worth ₹1.99 crore, was among 467 approved under the scheme in 2025.
Express Investigation by: Harikishan Sharma
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
मैंने एक बड़ी गलती करी कि इस व्यक्ति के साहस और संघर्ष को कम करके आंका। खैर इनके इतिहास को देखते हुए यह लाजिमी था।
आज के वक्त में तेजस्वी यादव वह बात नहीं कह सकते जो प्रशांत किशोर @PrashantKishor ने कही है कि सम्राट चौधरी अपराधी है बिहार में एक अपराधी को सीएम बना दिया गया।
मुज़फ्फरनगर में मजदूरों की बंधुआ मजदूरी का मामला बेहद चौंकाने वाला है।
बिना मज़दूरी दिए काम करवाने के अलावा, मजदूरों को कुत्तों से कटवाया गया, भाले से गोदा गया, कोड़े मारे गए, और उन्हें मवेशियों का चारा खिलाया गया। यह इंसानी गरिमा पर हमला है - पीड़ितों को न्याय के साथ पुनर्वास और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही हमें यह भी पूछना ज़रूरी है कि मज़दूर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में किन मजबूरियों में फंस जाते हैं।
जब रोज़गार ख़त्म हो जाते हैं, आमदनी ठहर जाती है, और सबसे कमज़ोर वर्गों के लिए बने मनरेगा और श्रम कानूनों जैसी सुरक्षाएं कमज़ोर कर दी जाती हैं, तो हताशा बढ़ती जाती है। जिन लोगों के पास कोई और विकल्प या सुरक्षा नहीं होती, वो ऐसे शोषण का आसान शिकार बन जाते हैं।
यह कोई आम आपराधिक घटना नहीं है - यह एक धराशाई हुई अर्थव्यवस्था का मलबा है।
आप विपक्ष के नेता हैं. @RahulGandhi@MamataOfficial@ArvindKejriwal@yadavakhilesh@VijayTh , आप सबसे सवाल है।
यदि इतने गंभीर मुद्दे पर जहाँ आपको लगता है कि देश का नुकसान हो रहा है, तो केवल ट्वीट कर देना कि देश लुट रहा है, क्या काफ़ी है?
RTI लगाइए, अदालत जाइए, PIL दाखिल कीजिए, जांच की मांग कीजिए|
हाथ धोकर पीछे पड़िए, जब तक कि पद से हटा न दिया जाए।
देश सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी के साथ विपक्ष की भी ज़िम्मेदारी है।
नुकसान किसी पार्टी का नहीं, भारत का हो रहा है।जवाब मिलने तक लड़ते रहना सच्ची देशभक्ति है।