🆘 Save Koyna, Save Sahyadri.
💧 The Water Resources of Sahyadri are under serious threat of Privatisation. The Cronies (Vultures) are hovering over Sahyadri.
⚡️ The Koyna Hydro-Electric Power Project (HEP) is one of the oldest engineering marvels of India.
🛕 A ‘Temple of Modern India’, built by the industrious workers and the most competent, honest, sincere and committed engineers of the Water Resources Department (WRD) of Maharashtra themselves and not outsourced, like today. 119 workers have laid down their lives for Koyna HEP.
❌ In April 2025, the ‘Vote Chor’ Maharashtra Regime, amended the Maharashtra Krishna Valley Development Corporation (MKVDC) Act.
▪️The Koyna HEP, which was hitherto under the control of WRD of Maharashtra was transferred to MKVDC.
😡 This was followed by removing the Offices of the Chief Engineer (Special Projects), Chief Engineer (Irrigation), the Khadakwasla Irrigation Division, Pune Irrigation Division and few other offices of Executive Engineers, from ’Sinchan Bhavan’, Pune, to Solapur, Kolhapur and other Offices within the City.
❓For whom is this space being created in ‘Sinchan Bhavan’, Pune❓
❓Why was Koyna HEP transferred to MKVDC now when it was not the original idea under the MKVDC Act❓
💰 History shows that the Privatisation of Public Resources or executing a ‘lucrative’ PPP agreements is easily facilitated through the PSEs rather than the Departments.
💰 💰 Eg. Mumbai-Pune Expressway, Samruddhi Expressway, Bandra-Worli Sea Link (all under MSRDC), Atal Setu, Ghatkopar-Gaimukh Coastal Road (both under MMRDA), Long Term Power Purchase Agreements (MSPGCL) show how easily can Government handover the Public Resources to Private entities at LOSS to the PUBLIC exchequer.
😡The triple turncoat WRD Minister of Maharashtra alongwith the latest turncoats representing the cities and villages of the Krishna Valley basin, HAVE NO CAPACITY TO WITHSTAND THIS VULTURE HOVERING OVER SAHYADRI. He has bought them❗️
😡 These coward turncoats are loyal to the Crony than to the Majestic and revered Sahyadri.
▪️The Majestic, Rugged, Impregnable natural fortress SAHYADRI, which TAUGHT, INSPIRED and EMPOWERED Chatrapati Shivaji Maharaj, to tame the arrogant enemies and to form the Swarajya, must be ashamed of these turncoats, coward aristocrats (सरंजामदार) of Maharashtras politics viz. Patils, Shindes, Pawars, Chavans.
💰💰 Together they are gleefully SELLING, MILKING the crown jewel of Chatrapati Shivaji Maharaj’s Swarajya - the SAHYADRI - to this Vulture, the INTERNATIONAL FUGITIVE and Principal Crony of the ‘Merchants of Death’. Thu 🤮 🤮
😡 Is this acceptable to Maharashtra❓❓❓❓❓
मुख्यमंत्रीपदी बसून ‘कुत्रे’, ‘भाड्याचे टट्टू’ असे शब्द हा माणूस वापरत आहे.
आयुष्यात सर्व काही मिळवले, सत्ता मिळवली; पण तेवढी इज्जत मात्र याला कोणी देत नाही, असे वाटत असल्यामुळे कदाचित त्याचे संतुलन बिघडले आहे आणि त्यामुळे असे शब्द तोंडातून पडत आहेत.
देवेंद्र फडणवीस,
तुमच्या लबाड्या, भ्रष्टाचार, गैरव्यवस्थापन आणि अपयशावर टीका म्हणजे महाराष्ट्रावर टीका नव्हे.
सरकार म्हणजे महाराष्ट्र नाही आणि मुख्यमंत्री म्हणजे महाराष्ट्र तर अजिबात नाही.
महाराष्ट्राचा आडोसा घेऊन स्वतःवरील टीका दडपण्याचा हा बुद्धीभेद बंद करा.
आणि सोडणार नाही म्हणजे नेमकं काय करणार?
प्रश्न विचारणाऱ्यांवर गुन्हे दाखल करणार, की टीका करणाऱ्यांना धमक्या देणार?
ते मोठे उद्योगपती नाहीत,बॉलीवूडमधील सेलिब्रिटी नाहीत, प्रचंड संपत्ती असलेले व्यक्तीही नाहीत
ते आहेत राम मंदिराच्या देणगीची चोरी करणारे
त्यांच्या गाड्या पहा: टोयोटा वेलफायर ,किंमत - १.३ कोटी रुपये
भारतात संपत्ती निर्माण करण्यासाठी धर्म हा सर्वोत्तम आणि सर्वात सोपा मार्ग आहे
दोनच महिन्यांपूर्वी वाजतगाजत उद्घाटन केलेला रस्ता पहिल्याच पावसात एका ठिकाणी स्लॅब/पिलर कोसळून बंद पडला म्हणून लोक सरकारला ट्विटरवर जाब विचारत आहेत.
तर तिथे भक्त येऊन म्हणताहेत की दरडच कोसळली यात सरकारचा काय दोष! पाऊसच जास्त पडला यात सरकारचा काय दोष!! डोंगरच खचला यात सरकारचा काय दोष!!!
मोदीभक्तांची त्यांच्या बुद्धी, विवेक आणि अंतरात्म्याशी असलेली नाळ आता अगदी सपशेल तुटली आहे, यालाच मिसिंग लिंक असं म्हणतात...
#मिसिंगलिंक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भेड़ की खाल ओढ़े हुए भेड़िया है।
दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान राम मंदिर के करोड़ों के चढ़ावे और दान की लूट का सच सामने लाने के लिए नहीं है। बल्कि यह सच्चाई पर पर्दा डालकर संघ की छवि को बचाने का कुत्सित प्रयास है।
इस वीडियो का वास्तविक मकसद उत्तर प्रदेश सरकार की उस एसआईटी को वैध ठहराने की कोशिश है, जिसका गठन एफआईआर दर्ज होने से पहले ही कर दिया गया था। एसआईटी ने इस संवेदनशील मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए बगैर इस गोपनीयता से काम किया है कि लगता है कि बहुत कुछ छिपाया गया हो, और मालूम होता है कि इसमें बड़े मगरमच्छों को बचाकर कुछ छोटी मछलियों की बलि कर दिया जाना तय है।
राम मंदिर के चंदे की इस लूट ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। आज संघ के इस दिखावे ने उस जले पर नमक छिड़कने का काम भी कर दिया है।
सच यह है कि यदि संघ वास्तव में श्रद्धालुओं के दान और मंदिर के कोष की रक्षा के प्रति ईमानदार होता, तो जिस मंदिर की व्यवस्था और संचालन स्वयं उसके लोग ही देखते हैं, वहां इतना बड़ी लूट कभी नहीं होती।
यही संघ का असली चेहरा है - मुंह में राम, बगल में छुरी। राम का नाम उसके लिए महज़ दिखावा है, उसका असली काम इसी तरह की लूट खसोट ही है।
If a theft of ₹200 crores from the donations of Ram Mandir doesn't outrage you but a word against PM Modi does...
then your devotion isn't to Lord Ram, it's to PM Modi.
जिन लोगों को हिंदू राष्ट्र चाहिए वो अब समझ लें कि हिंदू राष्ट्र कैसा होगा. राम मंदिर वाला मामला तो सिर्फ़ ट्रेलर मात्र था।
उसमें आपने सुना कि कैसे परमहंस आचार्य का कहना है कि टुन्ना यादव को फांसी की सज़ा हो और बाकी मिश्रा, तिवारी और शुक्ला को 6 महीने जेल के बाद छोड़ दिया जाए।
मुंबईशेजारच्या मीरा भाइंदरमध्ये भाजप आमदाराने मेट्रो किमान चार वर्षं रोखून धरली आहे. माहीत होतं तुम्हाला? आयटी सेलच्या किती हमालांनी यावर लिहिलं? सुमीत राघवनला यांना कधी बदडावंसं नाही वाटलं?
भाजपा का लंकाकांड, अयोध्या में ही होगा।
आख़िर ‘दानभक्तों’ का मुखौटा उतर ही गया क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया। अब भाजपाइयों के अहंकार की चमचमाती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी।
भाजपा के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है।
ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफ़े नहीं होते हैं। ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ से आहत जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपाई कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ‘इस्तीफ़ा’ नहीं होता, हमने इस्तीफ़ा नहीं ‘त्यागपत्र’ दिया है।
दरअसल अभी तो ‘भाजपाई और उनके संगी-साथियों’ के काले कारनामों, करतूतों और कारगुज़ारियों का ये प्रथम अध्याय खुला है। बँटवारे की इस लड़ाई में अब इनकी ‘पार्टी, संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट की टोली’ एक-दूसरे की पोल खोलेगी, इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल से भरा अपना ‘झोला-बोरा’ लेकर इधर-उधर भागें, बार्डर बंद कर दिये जाएं। अभी तो शुरुआत है, अब तो केयर फ़ंड के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों को अपने कुकृत्यों का हिसाब भी देना होगा।
भगवान के ऑडिट से ‘भाजपाई-गिरोह’ बच नहीं पाएगा।
NEET के छात्र कह रहे हैं कि जब इस्तीफ़े शुरू हो गए हैं तो ‘लीकाधिपति’ का भी करवा दीजिए।
#भाजपा_अयोध्या_महापाप
#NEET
#NEET_Reexam
#NEET_लीकाधिपति
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
अब भाजपा सरकार ‘कोचिंग बंदी’ ले आई।
भाजपा अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जनता को सुरक्षा मानकों के नाम पर परेशान कर रही है। माना सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए लेकिन क्या पिछले 10 साल से सरकार सो रही थी। सरकार के पास 1 दिन में इतना स्टॉफ़ कहाँ से आया कि पूरे प्रदेश में हज़ारों लोगों को जाँच के बाद नोटिस थमा दिया गया। सच्चाई ये है कि अब सुरक्षा मानकों और अनुमति आदि के नाम पर करोड़ों की उगाही का खेल शुरू हो गया है। भाजपाई आपदा में सम्पदा ढूँढ लेते हैं।
कोचिंग संस्थानों को बंद करने से, उन लाखों बच्चों का क्या होगा जो तैयारी कर रहे हैं। इससे अच्छा तो नोटिस देकर सुरक्षा मानकों के लिए तुरंत व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं, जिससे किराये पर रह रहे बच्चों के कोर्स समय पर ख़त्म हो सकें। इस तरह की ‘कोचिंग बंदी’ से तो महंगाई से परेशान लोगों के ख़र्चे और भी बढ़ जाएंगे।
भाजपा अगर अपनी ‘भ्रष्टाचार बंदी’ कर दे तो हर समस्या का हल निकल आए।
#NEET
#JEE
#SSC
#Students
#UPSC
#UPPSC
सामाजिक न्यायाच्या नावाखाली बार्टीच्या संघीकरणाचा डाव!
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या नावाने स्थापन झालेल्या बार्टीच्या निधी मधून सामाजिक न्यायाच्या परिषदेत सावरकर आणि हेडगेवार यांच्या प्रतिमा लावणे हा सामाजिक न्यायाच्या चळवळीवर वैचारिक कब्जा करण्याचा सुनियोजित प्रयत्न आहे.हा मनुवादी, संघी अजेंडा असून डॉ बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या नावाने संशोधन आणि प्रशिक्षण संस्थेचे भगवीकरण करण्यात येत आहे.फुले-शाहू-आंबेडकरांच्या समतावादी विचारांवर उभ्या असलेल्या सामाजिक न्यायाच्या मंचावर मनुवादी, संघवादी आणि बहुजन समाजाच्या ऐतिहासिक संघर्षाशी विसंगत विचारांचे प्रतीक असलेल्या व्यक्तींचे उदात्तीकरण जात आहे.त्याला अनुसूचित जाती मधील दोन लोक प्रामुख्याने जबाबदार आहेत.एक आहे माजी महासंचालक सुनील वारे आणि दुसरे आहे सामाजिक न्याय मंत्री संजय सिरसाठ.सुनील वारे ह्यास रेल्वे मधून बार्टी मध्ये आणण्यासाठी संघाच्या मंडळीने विशेष रस घेतला होता.डॉ बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन आणि प्रशिक्षण संस्था बार्टी मधून टर्म संपल्यावर सुनील वारे यांना अण्णाभाऊ साठे संशोधन आणि प्रशिक्षण संस्था येथे वर्णी लावण्यात आली.जेवढे दिवस वारे बार्टी मध्ये होते तेवढे दिवस इमाने इतबारे अनुसूचित जाती विरोधात संघ आणि भाजपचे अजेंडे राबविण्याचे काम त्यांनी केले. सुनील वारे यांना खासदार होण्याची घाई झाली आहे.त्यामुळे समरसता गँग सोबत असे कार्यक्रम सुरू असतात.
भारतीय संविधानाचे कलम १४, १५, १६, १७, ३८ आणि ४६ वंचित, शोषित आणि बहुजन समाजाच्या हक्कांची हमी देतात.डॉ बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन आणि प्रशिक्षण संस्थेची स्थापना देखील याच संविधानिक मूल्यांच्या प्रसारासाठी झाली आहे.तिथे सामाजिक न्याय परिषदेत संविधानवादी महामानवांऐवजी संघवादी प्रतिमांना स्थान देण्यामागचा हेतू काय असेल हे समजून घ्यायला फार कष्ट लागत नाहीत.फुले शाहू आंबेडकराची समता सोडून संघाची समरसता धोरणाचा प्रचार करण्यासाठी वारे आणि सिरसाठ सरसावले आहेत.सामाजिक न्यायाच्या नावाखाली बहुजन चळवळीचे अपहरण खपवून घेतले जाणार नाही.म्हणून मागील वर्षी देखील आम्ही विरोध केला होता आणि काल देखील तक्रार दाखल केली आहे.बार्टी मधून हा विषमतावादी कार्यक्रम कुणी आणि कसा मंजूर केला त्याचा सामाजिक न्याय विभागाने तात्काळ खुलासा करावा, अशी मागणी करण्यात आली आहे.संबंधित प्रसिद्धी साहित्य मागे घेण्यात यावे आणि जबाबदार अधिकाऱ्यांवर चौकशी करून कारवाई करावी. ही मागणी देखील करण्यात आली आहे.फुले-शाहू-आंबेडकरांचा महाराष्ट्र सामाजिक न्यायाच्या व्यासपीठावर संघवादी अजेंडा लादण्याचा प्रत्येक प्रयत्न हाणून पाडेल.जर या प्रकाराची तात्काळ दखल घेतली नाही तर वंचित बहुजन युवा आघाडी संबंधित अधिकारी आणि कर्मचारी यांच्या विरोधात पोलिस तक्रार दाखल करणार असल्याचे काल स्पष्ट करण्यात आले आहे. सामाजिक न्यायाच्या संस्थांचे भगवीकरण कदापी होऊ देणार नाही.
जय भीम! जय संविधान! जय भारत!
राजेंद्र पातोडे
प्रदेश महासचिव
वंचित बहुजन युवा आघाडी महाराष्ट्र प्रदेश
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