@NewsArenaIndia इनको इतनी फुर्सत नहीं है की सरकार से पूछे की जहरीली सिरफ , जहरीली सब्ज़िया ,जहरीली हवाओ से बच्चों को कैसे बचाए? बस ज्ञान पेल रही। इसलिए जी भर के जी लो। अगर कुछ बचा है इस देश में जहरीला होने से तो वो है नन्हे नन्हे बच्चों की किलकारियां, उनकी सुबह की मुस्कान, इसको बचा लिया जाये।
@NewsArenaIndia इसलिए जी भर के जी लो। अगर कुछ बचा है इस देश में जहरीला होने से तो वो है नन्हे नन्हे बच्चों की किलकारियां, उनकी सुबह की मुस्कान इसको बचा लिया जाये। इनको इतनी फुर्सत नहीं है की सरकार से पूछे की जहरीली सिरफ , जहरीली सब्ज़िया ,जहरीली हवाओ से बच्चों को कैसे बचाए? बस ज्ञान पेल रही
@NewsArenaIndia एक ही जिंदगी है दोबारा नहीं आना है इस पृथ्वी पर किसी को भी। फिर ये बाल गोपाल नन्हे नन्हे बच्चों को सुबह सुबह उठा कर अनुशासन में ला कर क्या ही हासिल कर लेंगे। भेड़ बकरी की तरह कंपनियों में काम करेगे और फिर निकम्मी सिस्टम से पोषित जहरीले -2 खाना ,हवा और दवाईया खा के निपट जायेगे।
@MahendrMahii@dayashankar4bjp@myogiadityanath@CMOfficeUP@dmgbnagar@CP_Noida भाई साब ये सब ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर दयाशंकर सिंह का खेल है। जब तक rto के पास मामला था तो ऊपर तक मलाई नहीं पहुचता था। अब प्राइवेट वाले को दे दिया गया , पूरे यूपी में यही चल रहा है। बनारस में जाओ , पहली बार में फेल, 6000 दो , तुरंत पास हो जाओगे। माल भी मिला और बदनामी से भी ब चे
@kuljeetschahal@TOIIndiaNews@journo_vibha Many many Congratulations Sir, for conceptualizing and executing this historic 10km canvas painting event! Your vision has united 35,000 artists to create a world record and inspire creativity on Kartavya Path. An outstanding tribute to art, culture, and national pride
@ndtvindia@shubhankrmishra निर्लज्ज आदमी ,अपने टीआरपी के लिए तुम लोग जान बूझ के ऐसे सवाल पूछते हो जिस से विवाद पैदा हो। लाखो करनी लोग प्रेमानंद जी महाराज और भद्राचार्य महाराज को चाहते है उनके आस्था रखते है। तुम्हे उनको भावनाओं का कोई ख्याल नहीं,तुम क्या सिद्ध करना चाहते हो इस प्रश्न से ?
@nshuklain@Flipkart@CoocaaIndia वैसे भाई साब पोस्ट से तो समझदार और जागरूक दिख रहे है लेकिन फिर भी आपने इतना बड़ा ब्लंडर कर दिया। आपको जानकारी नहीं है क्या की @Flipkart एवं @amazonIN जैसे पोर्टल से जो सामान बिक रहे है खास तौर से इलेक्ट्रिकल और कपड़े जूते वो फ़र्ज़ी होते है। अभी कितने छापामारी हुई और न्यूज़ बना
@AshrafFem सही बात है। मुझे इंजेक्शन कौन दे रहा है , दवा कौन दे रहा है उसका चेहरा और हाव भाव देखना बहुत प्रभावी होता है। आधा कष्ट तो डॉक्टर के हाव भाव से खत्म हो जाते है जब वो शांति पूर्वक रोग और इलाज के बारे में बताते है।
@Amway आपका ग्लिस्टर टूथपेस्ट हम लोग यूज करते है। इसे हम @पर @amazonIN से ऑर्डर करते है। जब भी ऑर्डर आता है हर पैकेट में ऐसे स्क्रैचेज़ लगे रहते है। जैसे कुछ चीज़ को छुपाने की कोशिश हो रही है। क्या आप बता सकते है की ऐसा क्यों करते है ?
@DrJitendraSingh@narendramodi सर क्यों बच्चों की ज़िंदगियों से खेल रहे है आप लोग ? एसएससी एग्जाम कराने वाली संस्था को क्यों नहीं बदल रहे है ? आख़िर किस प्रकार का हित साध रहे है ? दिल्ली की लड़कियों का सेंटर अंडमान निकोबार ? ये किस प्रकार का सिस्टम है ? #SSC_System_Sudharo
SSC Stenographer Exam में आज फिर भारी लापरवाही सामने आई — syllabus में ना होने के बावजूद Maths के सवाल पूछे गए, कुछ questions में सिर्फ़ 3 options दिखे, और कई centres पर invigilators खुद appearing students थे। ये परीक्षा है या व्यवस्था का मज़ाक? DoPT की मीटिंग में सुधार और जवाबदेही के जो वादे किए गए थे, वो सिर्फ़ बातों तक ही सीमित दिखते हैं।
लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। छात्र अब सिर्फ़ परीक्षा नहीं, अपने हक़, सम्मान और भरोसे के लिए लड़ रहे हैं। अगर अब भी आवाज़ नहीं उठी, तो आने वाले बड़े exams जैसे SSC CGL भी इसी बर्बादी की ओर बढ़ेंगे।
#SSCReforms
SSC Stenographer Exam में आज फिर भारी लापरवाही सामने आई — syllabus में ना होने के बावजूद Maths के सवाल पूछे गए, कुछ questions में सिर्फ़ 3 options दिखे, और कई centres पर invigilators खुद appearing students थे। ये परीक्षा है या व्यवस्था का मज़ाक? DoPT की मीटिंग में सुधार और जवाबदेही के जो वादे किए गए थे, वो सिर्फ़ बातों तक ही सीमित दिखते हैं।
लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। छात्र अब सिर्फ़ परीक्षा नहीं, अपने हक़, सम्मान और भरोसे के लिए लड़ रहे हैं। अगर अब भी आवाज़ नहीं उठी, तो आने वाले बड़े exams जैसे SSC CGL भी इसी बर्बादी की ओर बढ़ेंगे।
#SSCReforms
@madandilawar अब किसकी सुरक्षा करोगे ?? अगर निलंबित कर देने से विद्यालय की छत और दिवारे मजबूत हो जाएगी तो पूरे विभाग को निलंबित कर दो। फिर 2 महीने में जब छत और दिवारे मजबूत हो जाये तो इन सबको वापिस ले लेना।जैसे इस केस में करोगे। शर्म नाम की चीज़ तो है नहीं। जिनके बच्चे चले गए उनका क्या ?