📢 मुख्यमंत्री जी से बस इतना कहना है—
हमारे ज़मीर को कमज़ोर मत समझिए,
हमारी ख़ामोशी को मजबूरी मत समझिए।
हम जनता की सेवा करने वाले CHO हैं,
हमारे हौसले को कभी कम मत समझिये
परमानेंट, कैडर निर्माण, 4800 GP
@brajeshpathakup@myogiadityanath@AnupriyaSPatel@nhm_up@PMOIndia
🚨 #CHO आंदोलन का 15वाँ दिन — संकल्प अटूट, संघर्ष निर्णायक! 🔥✊
17,000+ #CHOs ईको गार्डन में अपने हक़ और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं, ठोस निर्णय का इंतज़ार है!
हमारी मांगें स्पष्ट हैं:
📌 अलग CHO कैडर का गठन
📌 नियमितीकरण
📌 ₹4800 ग्रेड पे
📌 समान कार्य के लिए समान सम्मान एवं भुगतान
⚠️ अब केवल आश्वासन नहीं, लिखित शासनादेश चाहिए!
जब तक हक़ नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा!
@myogiadityanath@brajeshpathakup@CMOfficeUP@UPGovt@PMOIndia@JPNadda@MoHFW_INDIA@nhm_up@Achoup2023
#CHOreglarCaddre #UPCHO
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, ग्रामीण स्वास्थ्य की रीढ़ बने CHOs के सेवा समर्पण को देखते हुए कैडर निर्माण एवं नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की कृपा करें।
आपकी संवेदनशील सरकार पर हमें पूर्ण भरोसा है। 🙏🩺
#UP_CHO_Cadre_Nirman#RegularizeUPCHO#permanentCHO
देशभर के स्वास्थ्यकर्मी UP के हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) के साथ खड़े हैं, जो करोड़ों ग्रामीण नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। समय पर वेतन व मानदेय, सम्मानजनक पारिश्रमिक और नियमितीकरण उनका हक है, कोई एहसान नहीं!
आयुष्मान भारत योजना की रीढ़ की हड्डी CHOs को ही आर्थिक असुरक्षा में रखना कैसा न्याय? मुख्यमंत्री @myogiadityanath, स्वास्थ्य मंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री @JPNadda जी से अपील है कि लखनऊ के ईको गार्डन में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे CHOs की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें न्याय दें।
स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान, स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती है! @PMOIndia
#CHO #CHORegularization #UPCHO #AyushmanBharat
हक़ की बात है, कोई खैरात नहीं,
हमारी मेहनत कोई छोटी बात नहीं।
जनसेवा में हमने अपना फ़र्ज़ निभाया है,
अब नियमितीकरण का सवाल उठाया है!
#CHO को परमानेंट करो
कैडर का निर्माण करो @brajeshpathakup@myogioffice@AnupriyaSPatel@nhm_up
CHO एकता जिंदाबाद जय जवान जय स्वाभिमान
🩸 आज खून से लिखा गया पत्र, हमारी पीड़ा और संघर्ष की आवाज़ है 🩸
आदरणीय मुख्यमंत्री जी🙏🙏
हम CHO हैं, अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करते हैं। ग्रामीण जनता की सेवा में दिन-रात समर्पित रहते हैं। आज अपनी जायज़ मांगों और अपने भविष्य की लड़ाई में हमें खून से पत्र लिखकर