संस्कार या शब्दा वर ज्ञान पाजळणारे सांगतील का हि बाई काय बोलली असेल . हि वाघीण आहे का भाजपच्या शेळ्या सांभाळणारी ? भक्तांनो अक्का काय म्हणतेय #IZ 😂🤣
YZ याआधी ऐकले होते, विचित्र ताईवर कोणते संस्कार झाले होते?
वोट चोरी वर अंधभक्त ची बोलती बंद झाली
विषय बदलायच म्हणून मटण आणि insta च्या विडिओ चा आधार च राहिला आहे बिचाऱ्या ना ...
त्यात डिग्री न दाखवायचं समर्थन कसे करावे येईल उद्या what up युनिव्हर्सिटी वर पाठ करा भक्तानो
जिसे तुम पप्पू समझते रहे वो तुम्हारा सबसे बड़ा हक बचाने के लिए अकेला लड़ रहा है...
मैं जानता हूँ इस पोस्ट पर कुछ लोग हँसेंगे, कुछ तंज कसेंगे, कुछ मुझे भी ट्रोल करेंगे लेकिन आज जो सुना, जो देखा, जो महसूस किया उसके बाद ही अपने विचार रख रहा हूं....
राहुल गांधी की आज की कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक प्रेस मीट नहीं थी वो एक जागृति थी, एक ऐसा आईना था जिसमें हमने लोकतंत्र का लहूलुहान चेहरा देखा।
जिसे इस देश की मीडिया ने हाशिए पर डाल दिया, जिसे ट्रोल आर्मी ने सालों तक पप्पू कहकर हँसी का पात्र बना दिया वो आज इस देश को समझा रहा था कि
वोट क्या होता है, संविधान क्या होता है, लोकतंत्र की आत्मा क्या होती है।
उसने कोई भावनात्मक जुमला नहीं दिया, न कोई नारा उछाला... बस कुछ सच्चे आँकड़े और तथ्य रखे तथा देश को दिखा दिया कि किस तरह एक एक वोट चुराया गया।
जिस सरकार को हमने चुना समझा वो दरअसल फर्ज़ी वोटों से खड़ी की गई एक इमारत निकली। जिस चुनाव को उत्सव कहा गया वो अब एक बहुत बड़े विश्वासघात जैसा लगने लगा है।
आज राहुल गांधी ने बताया कि लोकतंत्र की हत्या तलवारों से नहीं सिस्टम से होती है और जब सिस्टम ही सड़ जाए तो सच्चाई बोलना देशभक्ति बन जाता है।
सोचिए वो शख्स, जिससे आप मज़ाक करते थे आज एक एक नागरिक का हक़ बचाने के लिए लड़ा रहा है। उसने नफरत का जवाब आँकड़ों से दिया और झूठ का पर्दा तर्कों से हटा दिया।
अब सवाल सिर्फ राहुल गांधी का नहीं है अब सवाल है हमारा। क्या हम सच में इतने सुन्न हो चुके हैं कि फर्ज़ी वोटों से बनी सरकार को चुपचाप सह लेंगे? क्या हम इतने अंधे हो चुके हैं कि जो संविधान की बात करे उसे ही निशाना बना दें? क्या अब सच बोलना पागलपन है और सिस्टम से सवाल करना गुनाह?
अब ये लड़ाई किसी नेता की नहीं ये हर उस नागरिक की है जो लोकतंत्र को सिर्फ वोट डालने का नाम नहीं बल्कि अपनी पहचान मानता है।
आज राहुल अकेला नहीं है आज वो हर इंसान उसकी लड़ाई में है जो अपना वोट बेचता नहीं बल्कि उसे अपनी आवाज़ समझता है।
फिर बता रहा हूं कि मेरी ये पोस्ट कोई प्रचार नहीं ये जिम्मेदारी है उस पीढ़ी की ओर से जो अब समझ चुकी है कि अगर आज खामोश रहे तो कल कुछ भी कहने लायक नहीं बचेंगे।
अब अगर हम नहीं बोले तो अगली पीढ़ी हमसे पूछेगी जब लोकतंत्र लुट रहा था, तब तुम कहां थे..?
BREAKING NEWS
10 million people have watched the Press Conference of Rahul Gandhi already 🔥
This will become the most watched PC in history of India in next few hours
@_prashantkadam सरकार fake अकड्या विषय माहिती नव्हते असा आव आणत आहे ,मत मिळवण्यासाठी सरकार गप बसून होते इतके दिवस आणि या पैसा चा चुराडा झाला म्हणून सांगत आहे