PDA समाज का कोई जवान सीमा की सुरक्षा में तैनात हो बिना उसकी सहमति के उसके घर पर योगी आदित्यनाथ ने बुल्डोजर चलवा दिया उसके आशियाने को जमींदोज कर दिया।
2017 से यह बुल्डोजर कमजोर गरीब और दलित वंचित शोषित पिछड़े, अल्पसंख्यक समाज PDA पर ही चलता रहा।
रायबरेली
उत्तर प्रदेश
माननीय प्रधानमंत्री जी आपने तो विकास की गंगा बहाने की बात कही थी,
अब देखिए ना ये रेस मन्त्रालय वाले आपके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी के स्टेशन पर झरना बहाने लगे 😊
अब देखो ना विनोद ऐसा क्यों कर रहे हैं ये लोग 😔@PMOIndia@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
₹36,000 करोड़ की लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण की पोल खुल चुकी है।
उन्नाव में जब मीडियाकर्मियों ने इस घपले की तस्वीर दिखानी चाही, तो ठेकेदारों ने तानाशाही रवैया अपनाया।
जनता की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल रही है और भाजपा सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए प्रेस की आजादी का गला घोंट रही है।
@yadavakhilesh सर देखिए इन फर्जी रामभक्तों ने ने फ्री वाला पत्थर ना लेकर ओवरबिलिंग वाला पत्थर लिया है ताकि अपना मजबूत हिस्सा बना सकें
@samajwadiparty
धन्यवाद @ssrajputINC जी इस खुलासे के लिए
दिलीप सिंह राठौर जी राजस्थान से श्री राम मंदिर निर्माण में लगने वाले पत्थर सेवा भाव से मुफ्त देना चाहते थे।
पर निर्माण करने वाले ट्रस्ट ने वो पत्थर कई गुना दाम में ख़रीदना बेहतर समझा!
कमीशन का खेल?
महाराष्ट्र!
बच्चों की देखभाल वाले स्कूल में एक मासूम बच्चे ने दूसरे बच्चे पर हमला कर दिया , वह दूसरे बच्चे को लगातार 10 मिनट तक नीचे दबाए रखा और पीटता रहा।😭
कभी कभी वह अपने मुंह से उसे खाने की कोशिश करता रहा जबकि तीसरा मासूम बचाने में जुटा रहा ,जबकि इनके पास कोई देखभाल करने बाला नहीं था।💔
माता पिता स्कूलों पर कैसे भरोसा करके अपने बच्चों को छोड़ देते है जो बच्चों की सही से देख रख भी नहीं कर पाते।
अंकित अवस्थी ने ज्यादा सही तरीके से, ज्यादा बेहतरीन धोया है।
कितने दुख की बात है कि 12 साल पत्रकारिता करने के बाद मैं इनसे सहमत होने को मजबूर हूं।
जब मैं छात्र था तो तंगी की हालत में भी तीन अखबार मंगाता था और जब पढ़ाई खत्म हुई, नौकरी ढूंढनी शुरू की, उस समय में 6 अखबार मंगाता था।
आज मैं दावे से कह सकता हूं कि अगर किसी अखबार में पढ़ने लायक कुछ मिल जाए तो समझिए कि वह अपवाद है।
और चैनलों के तो कहने ही क्या? जिस दिन न्यूज़ चैनल देखना पड़ जाए, समझिए जिंदगी का सबसे खराब दिन है।
कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को कोसने से पहले पत्रकारों को जरा अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।
शर्म आती है कि ये बेहूदे-अश्लील गाने गाने वाला व्यक्ति हमारी दिल्ली से सांसद है
एंकर- आपका एक गाना है ‘कहबां लुकवा के जइबू चोली के ई रसगुल्ला”
मनोज तिवारी- मैंने यह गाना नहीं गाया
एंकर- मेरे पास वीडियो है
मनोज तिवारी- दिखाइए, मेरा गाना नहीं हो सकता
एंकर- तो ये वीडियो में कौन है ?
मनोज तिवारी- अब्बा डब्बा चब्बा !!!