🚨🇱🇧 चौंकाने वाला फुटेज: आज दक्षिणी लेबनान के कफर तेबनित में एक इजरायली ड्रोन द्वारा प्रेस टीवी के पत्रकार हादी होटैत के पास ग्रेनेड गिराने का कथित वीडियो सामने आया है।
उन्हें छह छर्रे लगे हैं - एक दाहिने सीने में, तीन दाहिने पैर में और दो बाएं पैर में। उनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, वह अभी जीवित हैं।
स्रोत: Tabz (TG) | लेखक: डेनियल
Muslims are treated worse than animals.
Is any authority holding these goons accountable?
They are proudly committing crimes and flaunting them by posting them publicly.
मुसलमान होना इतना आसान नहीं है।
मीडिया का खुल कर सामना करना पड़ता।
दुनियावी शोहरत छोड़नी पड़ती। मोहम्मद अली भाई ने टोपी वाली पोस्ट नहीं डिलीट की जबकि इंस्टाग्राम चलाना छोड़ दिया।
अल्लाह भाई का आगे का सफ़र आसान करे।
If the accused in these files were from third-world countries, we would have seen international sanctions and military actions. But because they are Western leaders, the facts are erased in cold blood.
🚨BREAKING: A Palestinian girl in Gaza wore her orange Eid dress, waiting to celebrate Eid al-Adha with her family. Minutes later, an Israeli missile struck their building, killing them all.
10 Palestinians were killed and dozens of neighbors injured in the massacre.
“अगर मस्जिद खाली कर दोगे तो ठीक है वरना सील कर देंगे! यदि प्रशासन के पास समय नहीं है तो हम स्वयं सील कर देंगे!”
उत्तराखंड के देहरादून में 27 मई को एक हिंदूवादी सेना के नेता ने एक इमाम को धमकी दी और मांग की कि जामा मस्जिद को खाली कर दिया जाए! उन्होंने तर्क दिया कि यह किसी मंदिर के पास मौजूद नहीं हो सकती और आरोप लगाया कि यह एक "अवैध अतिक्रमण" है!
इमाम ने कहा कि संपत्ति के पास वैध दस्तावेज़ हैं, लेकिन हिंदूवादी नेता ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि इस मामले को अदालत में ले जाना चाहिए!
यह घटना बेहद हृदयविदारक, परेशान करने वाली और समाज के काले सच को उजागर करने वाली है। अनु मीणा की आत्महत्या केवल एक खुदकुशी नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक दबाव के चलते हुई एक संस्थागत हत्या जैसी है।
इस दुखद घटना से जुड़े कुछ बेहद गंभीर और संवेदनशील पहलू इस प्रकार हैं:
* **घरेलू हिंसा की क्रूरता:** वीडियो में दिखने वाली बर्बरता—पत्नी को जूते से मारना, धक्का देना और चेहरे पर थूकना—यह दर्शाती है कि गौतम किस कदर मानसिक विकृति और अहंकार से ग्रस्त था।
* **माफी और हिंसा का चक्र:** शराब की लत और हिंसा के बाद माफी मांग लेना घरेलू हिंसा का एक क्लासिक पैटर्न है। प्रताड़ित करने वाला व्यक्ति अक्सर विक्टिम को इस जाल में फंसाए रखता है कि "वह सुधर जाएगा।"
* **"घर न टूटे" का सामाजिक दबाव:** हमारे समाज में आज भी बेटी के मायके वाले इस डर में जीते हैं कि समाज क्या कहेगा। "बेटी का घर बसा रहे" की इसी चाहत में कई बार माता-पिता अपनी बेटियों को वापस उसी नर्क में भेज देते हैं, जहां उनकी जान को खतरा होता है।
* **बच्चे पर मानसिक असर:** यह पूरी हैवानियत उनके मासूम बेटे के सामने हो रही थी। एक बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर अपने पिता को मां के साथ ऐसी दरिंदगी करते देखने का क्या गहरा और आजीवन असर पड़ेगा, इसकी कल्पना भी रूह कंपा देने वाली है।
> कोई भी रिश्ता आपकी जान और आत्मसम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। "लोग क्या कहेंगे" या "घर टूट जाएगा" के डर से हिंसा को सहना बंद करना होगा। अगर आपके आस-पास या आपके साथ ऐसा कुछ हो रहा है, तो तुरंत आवाज उठाएं और कानूनी व पुलिस सहायता लें।
> * **महिला हेल्पलाइन नंबर:** 1091 / 181
> * **घरेलू हिंसा के खिलाफ राष्ट्रीय हेल्पलाइन:** 181
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अनु मीणा को न्याय मिलना चाहिए और दोषी पति गौतम को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
दिल्ली के मोहन गार्डन थाने में खुलेआम अन्याय! एक पीड़ित युवक की पत्नी के साथ असॉल्ट (मारपीट/उत्पीड़न) हुआ है, लेकिन पुलिस FIR दर्ज करने के बजाय महिला को दोपहर 3:00 बजे से थाने में बिठाकर रखी है।
जब युवक ने इसका वीडियो बनाना चाहा, तो उसे रोका गया। कानून के रखवाले ही न्याय की गुहार लगाने वालों को प्रताड़ित कर रहे हैं?
कृपया इस पर तुरंत संज्ञान लें और कार्रवाई करें! 👇 (वीडियो देखें)
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