Telangana Police arrested Rashtriya Dalita Sena founder Hamara Prasad just a day before his book critical of Dr BR Ambedkar was to be launched, after protests erupted across Telangana.
Ironically, Ambedkar himself warned against political hero-worship. When protests lead to arrests and book seizures, are we defending his legacy, or defeating dissent by outrage?
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ब्रिटिश नेता Lord Simon ने 25 फ़रवरी 1947 को ब्रिटिश House of Lords में कहा था कि वे मानते हैं कि भारत में लोकतंत्र कभी संभव नहीं था और न होगा, क्योंकि उनके अनुसार लोकतंत्र के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ भारत में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने इसे गंगा के किनारे oak tree उगाने जैसा बताया।
@scribe9104 ब्रिटिश नेता Lord Simon ने 25 फ़रवरी 1947 को ब्रिटिश House of Lords में कहा था कि वे मानते हैं कि भारत में लोकतंत्र कभी संभव नहीं था और न होगा, क्योंकि उनके अनुसार लोकतंत्र के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ भारत में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने इसे गंगा के किनारे oak tree उगाने जैसा बताया।
@scribe9104 लोकतंत्र का भारतीय संस्करण सामान्य वर्ग की राख से उपजाऊ बना हुआ है, आप सामान्य वर्ग को हटा दीजिए, इस देश की राजनीति खत्म हो जाएगी.
अंग्रेजों की बांटो और राज करो नीति को यदि दुनिया में किसी ने सच्चे मन से अपनाया तो वो भारत है!
यदि आप हमारे 'आरक्षण सुधार आंदोलन' @RHAreforms से जुड़ना चाहते हैं तो ये रहा गूगल फॉर्म। आपके डेटा को हम कहीं शेयर नहीं करेंगे। यह एक स्वैच्छिक कार्य है।
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दरअसल असली समस्या यही है कि संस्थान में cast based discrimination नहीं है!
जब पूरे देश को इस आधार पे बांटा जा रहा है तो आखिर ऐसे संस्थान इस नीति के अगेंस्ट कैसे जा सकते है?
यहां भी जातीय भेदभाव को लाओ!!
@DrLaxman_Yadav जातिवाद तो है, नकल करने से रोकना जातिवाद ही तो है!
चूंकि अब जब ये स्पष्ट है कि भारत से जातिवाद नहीं मिट सकता तो ऐसे में विकल्प एक ही है, हर वर्ग का अपना अलग शिक्षण संस्थान होना चाहिए।
@JaipurDialogues आत्मघाती समाजिक न्याय के लिए. पूरा तंत्र और देश हार गया बुद्धि शून्य गँवारों को योग्य बनाने की जिद में! उन्हें प्रतिभाशाली बनाने की जगह मेरिट को ही खत्म किया जा रहा है 😔
यहां के लीचड़ लेंगे दुनिया से टक्कर?
बीजेपी सामान्य वर्ग को लेकर न कल गंभीर थी और न आज! दरअसल ये GC को एक समूह मानते ही नहीं. पहले हर्ष और अब शेखावत...!
इन नमूनों से मीटिंग करके इनका सिर्फ एक उद्देश्य है इनको खत्म करो. और ये नमूने इसे अपनी उपलब्धि बता रहे हैं!
@IAMRAJSHEKHAWAT एक बात बताइए, आपने कितनो को जोड़ा? मकराना जैसे वर्ग गौरव जो सड़कों पे घूम के लोगों को जगा रहे हैं, क्या आपने उनसे पूछा?
ये बेहद घृणित कार्य था जो अपने किया है!
हर्ष स्टार था आज धूल है, आपका भी वही परिणाम होगा. 😠
@TheBrahminVoice यदि इन्होंने ऐसा कहा है तो इसका पुरजोर विरोध है.. ये क्या मूर्खता है?
सबके अपने व्यक्तिगत अनुभव होते हैं, लेकिन इसका ये कत्तई अर्थ नहीं कि वो अनुभव एक पूरी जाति को परिभाषित करता हो! ऐसे लोग हर जाति में हैं लेकिन इसका अर्थ ये नहीं कि ये अनुभव सबका हो!
ये अस्वीकार्य होना चाहिए सबको