CJP Protest के दौरान PM Modi @narendramodi के खिलाफ इस्तेमाल की गई गालियों ने सिर्फ़ एक नेता नहीं, लाखों आम भारतीयों को आहत किया।
किसी ने उन्हें अपना पिता माना, किसी ने अपना बेटा… लेकिन protest के नाम पर ऐसी भाषा को क्या कोई सही ठहरा सकता है?
ये बात राजनीति की नहीं, संस्कारों की है।
@shreya_arora22
These cockroaches (worst group of Gen Z) are used by the leftist liberal gang for their agenda!
Trust me, many of them will be embarrassed about this, years down the line, when they will be civilized with responsibility of employment, marriage, kids!
“They wanted to parade me naked. My clothes were torn. I was touched inappropriately. All this because I am a Brahmin.”
Ruchi Tiwari is still waiting for the justice. BJP police took no action against thosee bhimtas.🙂
When irresistible weed meets immovable hallucination.
According to Arundhati Roy, the 1961 liberation of Goa by India was in reality an Upper-caste Hindu State waging a war against Christians.
Mumbai Poster girl Rhiya Yadav Ahir came to Police station to file FIR.
"If you abuse me on my Insta ID, I will file case against you. If you abuse PM Modi then I don't care"
A 40-year-old actor @RichaChadha celebrated by Bollywood has this to say about senior citizens:
“Leave some food (for senior citizens) on a newspaper at the corner of the road at safe distance.”
I guess @FranceinIndia accorded her with the ‘Order of Arts and Letters’ for such perverse views on the elderly.
By choosing silence, Bollywood — producers, directors, actors — is complicit. So are OTT platforms that host her.
Senior citizens, you have contributed way more to this nation than these creatures. Stand up for your dignity, call her out.
🔸Bhopal’s Amrapali Enclave where Uzma Raza, also known as Anjali Singh
- Owner of Ratapani Jungle Resort, argues with residents over Shiv Mandir
- Calling it “bloody thing”
- Daughter-in-law of ex-Madhya Pradesh Chief Secretary A.V. Singh
- Google Ratapani Jungle Resort
😳
ये नसीहतें अपने पास रखो उपाध्याय,तुम एक सफल बाप बनने लायक हो ही नहीं,तभी तो तुम्हारी औलादें तुम्हारा भुर्ता बनाती हैं।
तुम क्या समझते हो जो Gen g लड़कियां सार्वजनिक रूप से कैमरे पर बयान दे रहीं कि " मोदी का छोटा है ", मोदी मूठ नहीं मार सकता,उनके बाप,बाप कहलाने लायक हैं? या तो वो धनपशु हैं अथवा भड़वे,जिन्हें अपने बच्चों पर ध्यान देने का समय नहीं।
अपनी कमजोरियों का सामान्यीकरण मत करो।आज भी भारत में करोड़ों सुसंस्कृत Gen g बच्चे हैं,जिन्हें मर्यादा भी पता है और अनुशासित भी हैं।
पांच दस हजार उच्छृंखल युवाओं की भीड़ भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
कभी गुरुकुलों में जाकर उन वेदपाठी बच्चों से मिलो जो भारत की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए अविरत प्रयत्नशील हैं।
@sanket
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
Constable Abhishek Kumar has been suspended for firing four rounds into the air to ensure the safety of lives, property & government assets after being surrounded by a mob in siwan.
No reports of any injuries to individuals within the crowd during this particular incident.