संसद के भीतर हो या संसद के बाहर… हिंदी/अंग्रेज़ी हो या बंगाली भाषा… तृणमूल कांग्रेस की सांसद @sayani06 अपनी वक्तृत्व कला से समाँ बांध देती हैं। सुनिए कि हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता और धार्मिक सद्भावना पर इन्होंने कैसे शानदार उद्बोधन किया!
वडोदरा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक सुरक्षाकर्मी अचानक खड़े-खड़े बेहोश होकर गिर पड़ा। उस समय BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP Nadda संबोधन दे रहे थे। हैरानी की बात यह रही कि न तो नड्डा ने अपना भाषण रोका और न ही मंच पर मौजूद BJP नेताओं में से कोई उसकी मदद के लिए आगे आया।
#jpnadda #bjp
“ऐसा समय है जिसमें कुछ लोग नैतिकता और आध्यात्मिकता से दूर होते जा रहे हैं”
“मैं फ़्लाइट पकड़ने की चिंता से अपना कर्तव्य नहीं छोड़ सकता… और मेरा हाल का इतिहास इसका उदाहरण है”
RSS के मनमोहन वैद्य की किताब के विमोचन के मौक़े पर किस पर इशारा कर गए धनखड़?
GST का सच!
Old GST : 12%
New GST : 18%
मेरे भाजपा वाले एक सनातन धर्मी दोस्त कल अपने लिए एक टीशर्ट लेने गए। जीएसटी का असली चेहरा देखकर भाई के होश फ़ा-ख़ता हो गए। उन्हें एक जीएसटी विरुदावली सम्मेलन में जाना था; नहीं गए! दिल 💖 को बड़ी गहरी चोट लगी!
इस देश के सुशिक्षित लोगों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, न्यायाधीशों, मंत्रियों, अफसरों आदि के हिये में पैसा कमाने की कभी खत्म न होने वाली भूख का अग्निकुंड जलता रहता है। ये सब निरक्षरता को हर समय निंदित करते हैं और दावा करते हैं कि शिक्षा से ही समाज बेहतर होगा; लेकिन करुणा का जो सागर निरक्षर लोगों, मज़दूरों और वंचितों के हृदय में हिलोरें लेता है, उस सबके सामने हमारी बड़ी डिग्रियाँ और कार्पारेट घरानों की अकूत संपदा तुच्छ है। मोर सिंह को मेरे प्रणाम।
धर्म का अफ़ीम कैसे चटाया जाता है? उसका जीवंत उदाहरण। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों से योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद कह रहे हैं!
‘गंगा मैया गंगा पुत्रों का पैर धुलने आती है।
आदमी सीधे स्वर्ग जाता है’
धन्य हैं!
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए झुंझुनूं के जवान की मां रक्षा मंत्री के सांसद में दिए बयान के बाद पीड़ा में है।
रक्षा मंत्री के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर में एक भी भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ।
#OperationSindoor#RajnathSingh
भाईयों #YehThikKarKeDikhao अब देश के बड़े मीडिया हाउसों की सुर्खियों में है।
खुरपेंची टीम भरोसा दिलाती है कि आप सब और Team खुरपेंच मिलकर इसे एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाएंगे।
Jai Hind 🙏🇮🇳
आपको सुनकर हैरानी और हंसी आ सकती है..लेकिन 1940-50 के समय केरोसिन का विज्ञापन करना पड़ता था; क्योंकि केरोसिन की तुलना में जलाऊ लकड़ी सस्ती थी।इस कारण से केरोसिन की बिक्री बढ़ाने के लिए बरमाशेल कंपनी ने महम्मद रफी की आवाज़ में एक विज्ञापन गीत गवाया था। वह विज्ञापन केवल रेडियो पर चलाया जाता था; क्योंकि उस समय रेडियो ही विज्ञापन का मुख्य माध्यम था। इस विज्ञापन को सुनें! कानों के लिए सुखद लगता है उस समय की बर्मा सेल कंपनी का केरोसीन को लोग घासलेट भी बोला करते थे!
छलनी में मिट्टी नहीं मूर्खता छान रहा विश्वगुरु देश।
छावा फिल्म देखने के बाद एमपी के बुरहानपुर किले में मिट्टी में सोने की तलाश करती पब्लिक। लोगों का कहना है कि फिल्म में बताया था कि मुगलों ने यहीं सोना छिपाया था।
#Chhaava#socity#viralvideo
शुक्रवार को ओलों ने किसानों को बुरी तरह तोड़ दिया है. पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया जब खेतों में पहुंचे तो एक किसान जार-जार रोने लगे. राजस्थान के किसानों को अक्सर इस स्थिति से जूझना पड़ता है. बड़ा ही मार्मिक दृश्य है. इस स्थिति में सरकार को तत्काल पीड़ित किसानों की मदद करनी चाहिए.
#farmers
दरअसल महाकुंभ 1989 में जब हुआ था तब इलाहाबाद के पुलिस अधीक्षक प्रसिद्ध साहित्यकार विभूति नारायण राय थे और मुख्यमंत्री थे नारायण दत्त तिवारी।वही तिवारी साहब, जो अत्यंत वयोवृद्ध होते हुए भी अंतिम समय तक धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के कामों में निरंतर लगे ही रहते थे! 💃
पुलिस अधीक्षक विभूति नारायण राय ने अभी एक टेलीविजन पर कहा कि उनके ऊपर उत्तर प्रदेश के तमाम मंत्रियों का दबाव था कि उनके स्नान की VIP व्यवस्था की जाए।🤓
विभूति नारायण राय और तत्कालीन जिलाधिकारी ने तुरंत मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को फोन किया और इस संदर्भ में बात कि हम जनता को सुविधा प्रदान करने में लगे हुए हैं, VIP प्रोटोकॉल से अव्यवस्था फैलेगी।
मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि कुंभ में कोई भी मंत्री निजी तौर पर जा सकता है ,उसे सरकारी प्रोटोकॉल नहीं मिलेगा।
विभूति नारायण राय के अनुसार सारे मंत्री बिना प्रोटोकॉल के निजी तौर पर चुपचाप आए और कुंभ संगम में स्नान करके चले गए।
मगर वह दौर और था!
(एंटीसोशल मीडिया से)😊🙏
कुंभ में कई वायरल चेहरों में एक मोनालिसा है। वह लड़की खुद कह रही है कि इतने लोग फ़ोटो खिंचाने आ रहे हैं वो अच्छा नहीं लग रहा। काम नहीं कर पा रही, मालाएं नहीं बेच पा रही। आज किसी ने वीडियो डाली कि उसे भीड़ से बचाया जा रहा है। इस देश का मीडिया, लोग और इंस्टाग्रामर इतने ठरकी हो चुके हैं कि उन्हें मेहनत करती लड़की की कहानी नहीं, बस उसके शरीर, चेहरे की सुंदरता दिखानी है।
अभी की खबर है कि उसके पिता ने उसे घर वापस भेज दिया। बधाई हो, आप उसकी रोजी रोटी में मदद तो न कर सके लेकिन उसका काम जरूर छीन लिया। साल भर बाद फिर कोई मीडिया वाला उसे खोजता पहुँचेगा कि देखो किस हाल में है मोनालिसा।
नोट: वो वीडियो और फ़ोटो नहीं लगा रहा हूँ क्योंकि इस समाज को सिर्फ शरीर देखना है।