हिंदू संगठन के नेता बहुत ज्ञान दे रहे थे कि उत्तराखंड में हिंदू घट रहे हैं मुस्लिमों की आबादी बढ़ रही है तभी सामने बैठे एक रिपोर्टर के अंदर का पत्रकार जाग गया…
पुलिस ने हिंसा के आरोप में एक मस्जिद से 49 मुस्लिम लोगों को गिरफ्तार किया। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वे उस समय तरावीह की नमाज़ पढ़ रहे थे।
खबर है कि ये झड़प पूजा की जगहों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ था जिसने हिंसा का रूप ले लिया था जिसके बाद पुलिस ने गिरफ़्तारियां शुरू की।
जिन भगवा आतंकवादियों ने दंगा की थी वो आजाद है ! कानून सिर्फ बेकसूर मुसलमानों के लिए जाग उठती है !
आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जो हुआ, वह सिर्फ एक कार्यालय पर हमला नहीं था वह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार था।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं और भाजपा से जुड़े गुंडों द्वारा कांग्रेस कार्यालय में घुसकर जिस प्रकार हंगामा, तोड़फोड़ और अभद्रता की गई, उसका वीडियो साफ बता रहा है कि ये लोग विचारों से नहीं, हिंसा से राजनीति करना चाहते हैं।
ये केवल पोस्टर नहीं फाड़ रहे..
ये राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार कर रहे हैं।
ये लोकतांत्रिक अस्मिता को रौंद रहे हैं।
अगर हाथ में “भाजपा” के झंडे की जगह इन “पत्थरबाज़ों” के सर पर टोपी होती तो पूरी गोदी मीडिया ने इनके “आतंकी” और “दंगाई” बता दिया होता ।
भाजपा शासित राज्य की पुलिस ने इन पर गोलियाँ चला दी होती ।
यूथ कांग्रेस का अहिंसक लोकतांत्रिक प्रदर्शन “शर्मनाक” था तो फिर भाजपा का हिंसक प्रदर्शन “राष्ट्रवादी” कैसे ??
अब सारे गोदी मीडिया के मुँह में दही कैसे जम गई है ?
क्या जवाब दे सकती है देश की बिकी हुई मीडिया ??
ये खुली गुंडागर्दी और नफ़रत की सड़ी हुई मानसिकता है, फ़िरोज़ाबाद में बिना किसी सबूत एक मुस्लिम युवक सुरेब ख़ान पर थूकने जैसा झूठा आरोप लगाकर उसकी धार्मिक पहचान को निशाना बनाना बताता है कि कुछ लोग क़ानून नहीं, भीड़तंत्र चलाना चाहते हैं।
“तुम मुस्लिम हो, यहाँ मत आना” ये बयान सीधा-सीधा संविधान और इंसानियत दोनों पर हमला है, जिस मोहित का नाम सामने आ रहा है, वही शख़्स पहले भी मुस्लिम महिलाओं को लाइव स्ट्रीम में गालियाँ देकर अपनी घटिया सोच दिखा चुका है। ऐसे लोग न धर्म के रक्षक हैं, न समाज के ये सिर्फ़ नफ़रत के सौदागर हैं। @firozabadpolice संज्ञान लें!!
लाजपत नगर में महिलाओं से बदतमीज़ी -
आपने देखे हैं ऐसे अंकल ?
मैं ऐसे हज़ारों अंकलों को जानता हूँ जो भारत में धर्म के नाम पर नफ़रत फैला रहे हैं, यहाँ क्रिसमस और Santa Claus को गाली दे रहे हैं
मगर उनके बच्चे अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में खूब Merry Christmas करते हैं। और इन ज़हर से भरे माँ बाप को डॉलर भेज रहे है ।
दोगले पूरे दिन पार्क में बैठकर ज़हर उगलते हैं ।
हिन्दुवादियों द्वारा ‘दूसरे’ संप्रदाय कि विरुद्ध किए जाने वाले अपराध को सामान्य करने का षडयंत्र जारी है। यह जोकर ईसाईयों के कार्यक्रम में जाकर उन्हें धमका दे रहा है। उनकी धार्मिक किताब को बुरा-भला कह रहा है। मजाल भला कि इस जोकर पर UAPA या NSA लगे।