दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष आंखें खोल कर देखें गरीब भारत का प्रधानमंत्री हर वक्त जश्न में डूबा रहा है अपने जन्मदिन पर सरकारी खजाने अरबों रुपये का सरसों के तेल का दीया जलवाता है।
देशभर में सरकारी आयोजन जश्न पर अरबों रुपये खर्च किया जाता है।
और देश की जनता एक एक बूंद बचा हुआ तेल उन दीयों से निचोड़ती है।
सच में देश की जनता मूर्ख है जो यह सब असहाय होकर टकटकी लगाकर देखती है।
ये विशुद्ध अश्लीलता है!
बिहार बाढ़ से पीड़ित है, कई जाने चली गई है मगर एक आत्ममुग्ध बूढ़े के जन्मदिन पर करोड़ों के दिये बहा दिये गए!
मोदी जी शर्म भी नहीं आती?
@smritiirani@narendramodi हिन्दू धर्म में, गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद घर में दीपक (दिया) मृतक की आत्मा के लिए जलाया जाता है। लेकिन आपको इसका आध्यात्मिक ज्ञान कहाँ है