शिवसेना तोड़ दी, एनसीपी तोड़ दी, AAP तोड़ दी, तृणमूल तोड़ दी, शिवसेना फिर से तोड़ दी, JDU को लगभग खत्म दिया, कांग्रेस तोड़कर दो राज्यों में सरकार गिराई, पीडीपी खत्म, अकाली खत्म, लोजपा खत्म, जेजेपी खत्म...
भाजपा पूर्ण बहुमत के बावजूद पार्टियों को क्यों तोड़ रही है?
असल में भाजपा 240 सीटों से डर गई है। वह समझ चुकी है कि जनाधार खिसक गया है। अब वे 2029 का इंतजाम कर रहे हैं कि विपक्ष में कोई मजबूत पार्टी ही न बचे। जनता के सामने कोई विकल्प न रह जाए। इसलिए बहुमत की सरकार बनने के बाजूद देश से विपक्ष को खत्म करने के अभियान पर काम चल रहा है।
देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्या भविष्य बर्बाद कर रही है, लेकिन भाजपा सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए काम कर रही है।