हम #America को खरी-खरी क्यों नही सुना पाएंगे?
कौन सा झूठ बोला था बेशर्म और बेहूदे Marco Rubio ने?
चीन जाने के लिए क्यों बदली गई Rubio के नाम की 'spelling'?
#China में ट्रम्प और #Rubio की आवाज़ क्यों नहीं निकली? अमेरिका ने चीन से क्यों नहीं कहा हमारे मंत्री पर लगे sanction हटाओ?
क्या मजबूरी है कि हम अमेरिका के सामने अपना मुंह खोल नहीं पाते?
हमारे नाविकों की हत्या में किन अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हुआ?
हम छाती ठोंक कर अमेरिका से सवाल क्यों नहीं पूछते?
सरकार मारे गए नाविकों के परिवारों से संवेदना क्यों नहीं जताती? सरकार अपनों से क्यों बात नहीं करती?
👉🏾 इस शो में मेरी बात पूरी नहीं होती तो कहाँ होगी? जो संदीप ने कहा उसको ज़रूर करें, क्या है वो बात? 😊
आपकी राय
#DibangOfficial
Abbas Araghchi ने अकेले ही US के सुपरपावर दौर को खत्म कर दिया है
🇮🇷पहले: Complete sanctions
🇮🇷अब: 24 अरब डॉलर की ईरानी संपत्ति की वापसी
🇮🇷पहले: इलाके में US के बेस की मौजूदगी
🇮🇷अब: इलाके से US सेना की वापसी
🇮🇷पहले: एक भी पैसा नहीं दिया गया
🇮🇷अब: US 300 अरब डॉलर दे रहा है
🇮🇷पहले: ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा
🇮🇷अब: ईरान न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा
🇮🇷पहले: तेल से जुड़े प्रतिबंध
🇮🇷अब: तेल से जुड़े प्रतिबंधों पर रोक
🇮🇷पहले: इज़राइल और US इलाके में युद्ध लड़ रहे थे
🇮🇷अब: लेबनान समेत हर जगह स्थायी युद्धविराम
🇮🇷पहले: US ईरान के अंदरूनी मामलों को कंट्रोल कर रहा था
🇮🇷अब: US ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देगा
ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में रूस, चीन और UAE का दौरा किया और हर तरफ रणनीतिक रूप से मज़बूत स्थिति बनाई
ऐसा करके, उन्होंने ट्रम्प को एक ऐतिहासिक हार का सामना करने वाला बना दिया ।
हमें बताया जा रहा था कि भारत की बेहाल अर्थव्यवस्था की वजह अमेरिका-ईरान की जंग है। हर महंगाई, हर गिरावट और हर परेशानी का दोष सरकार की नीतियों पर नहीं, पश्चिम एशिया के तनाव पर था।
अब जब जंग खत्म हो गई है, तो मोदी जी का बहाना भी खत्म हो जाना चाहिए।
क्रूड ऑयल के दाम कम होंगे। सप्लाई चेन सामान्य होंगी। मांग स्थिर होगी। स्वाभाविक रूप से, इसका फायदा देश के ग्राहकों को भी मिलना चाहिए।
मतलब यह कि पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LPG और LNG के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर कटौती की जानी चाहिए।
क्या इस खुशखबरी का ऐलान मोदी जी फ्रांस से ही करेंगे? या फिर देश को उनके वापस लौटने का इंतज़ार करना पड़ेगा?
अमरीका की जिस कथित प्रतिष्ठित मैगज़ीन @TheAtlantic के पन्नों को पढ़कर एक मीडिया हाउस ज्ञान दे रहा था कि ईरान में रोटी EMI पर मिल रही है वहां ये भी छपा है कि मोदी सरकार ने चुनाव जीतने के लिए नफ़रत को हथियार बनाया और संविधान की बुनियाद को खोखला किया !जा रहा है।क्या उस मीडिया हाउस में हिम्मत है इस सुर्खी को चला सकें?
कांग्रेस सरकार के वक्त भारत के आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया गया!
जब अमरीका ने डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था तो उसे दो टूक जवाब मिला था।
#GenZ देखो 2014 से पहले का भारत!
अमेरिकी विदेश मंत्री से फ़ोन पर बातचीत के बाद
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि तीन भारतीयों के मारे जाने को लेकर भारत के भारी विरोध को दोहराया। व्यापारिक जहाज़ों पर जानलेवा हमले न्यायोचित नहीं
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा हर जहाज़ को अमेरिकी सेना का आदेश मानना अनिवार्य। उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“जहाज़ किसी भी देश के झंडे वाला क्यों न हो अमेरिका कैसे हमले कर रहा है? क्या ये सैन्य जहाज़ थे? अमेरिकी हमले ग़ैरक़ानूनी हैं। ट्रंप की दादागिरी है। इनमें भारतीयों की जान गई है। हमारे देश के प्रधानमंत्री ने एक शब्द तक नहीं बोला है” : @asadowaisi
विदेश मंत्री जयशंकर मार्को रूबियो से बात करके ये जताने की कोशिश कर रहे थे कि उन्होंने अमेरिकी सेना द्वारा भारतीयों के मारे जाने पर विरोध किया है।
लेकिन मामला तो उल्टा दिख रहा है। रूबियो ने जयशंकर को हड़का दिया है कि चुपचाप अमेरिकी फ़रमानों का पालन करो और वहाँ से तेल लाने की कोशिश मत करो।
क्या विदेश मंत्री अब अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित इस ख़बर का खंडन करेंगे, इसके ख़िलाफ़ विरोध जताएंगे....
अमेरिका जब कहता है तेल ख़रीदो - तो हम ख़रीदते हैं
जब कहता है बंद करो - को हम बंद कर देते हैं
और ये हमारे विदेश मंत्री कह रहे हैं।
इससे शर्मनाक और क्या होगा ?
क्या हम अब एक संप्रभु राष्ट्र हैं या नहीं ?
नेपाली नागरिक अपने देश का राजदूत बनने के लिए खुद को नामांकित कर सकते हैं। आवेदक के लिए ग्रेजुएट होना और आपराधिक रिकॉर्ड साफ़ होना ज़रूरी है।
@YeshiSeli की रिपोर्ट
ऐसा तो भारत में भी होना चाहिए 😅