जेन ज़ी मदर के तजुर्बे से सीखिये मोदी कुछ.
ये जंतर मंतर से बिना इस्तीफ़ा लिये जायेंगे नहीं. इन पर हिंदू मुसलमान, गोदी मीडिया का कुछ असर नहीं पड़ने वाला.
वहां खड़े पुलिसवालों से पूछिये, लाठीचार्ज के बाद अब उनका ये क्या हाल कर रहे हैं 😀
Believe it or not:2
धर्मेंद्र प्रधान जी @dpradhanbjp के नेतृत्व में देश के विश्वविद्यालयों में जिस लेवल के घोटाले हो रहे हैं पेपर चोरी उसका केवल एक छोटा सा हिस्सा है। उसका बड़ा हिस्सा बेहद डरावना है, वह गंगा ग्लास के घोल कर पी जाने जैसा है। दरअसल यह बात साफ नजर आने लगी है कि पेपर लीक समेत तमाम घोटाले केवल इसलिए हो रहे हैं जिससे ज्यादा से ज्यादा RSS के लोगों को सिस्टम में फिट किया जा सका। चलिए इसकी एक बानगी दिखाते हैं।
यह आलोक चक्रवाल हैं बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति। यह पूरी तरह से अयोग्य हैं।प्रधानमंत्री मोदी @narendramodi ने इनके खिलाफ लगे आरोपों का संज्ञान लिया था जो ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
मेरी तहकीकात में पता चला है कि यह पहले शेयर दलाल थे SEBI के निशाने पर रही कई कंपनियों में निदेशक रहे फिर धर्मेंद्र और संघ के सूरमाओं की कृपा से बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वीसी बने जबकि इनके पास वांछित योग्यता भी नहीं थी। व्यापक विरोध के बावजूद दो साल पहले इन्हें एक साल का सेवा विस्तार मिल गया।
अब इनके पाप देखिए। कैसे धर्मेंद्र प्रधान और संघ के सूरमाओं का दरबार लगाते हुए इन्होंने इस देश के युवाओं का हक मारा। गजब यह है कि इनके बारे में सारी सूचनाएं मेरे संघी मगर रीढ़ वाले मित्रों से मिली। बाद में मैने इनकी पूरी तहकीकात की।
आलोक चक्रवाल ने अपनी पत्नी नीलांबरी दवे को भी बिना योग्यता के सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति का पद दिला दिया। ग़जब यह रहा कि सौराष्ट्र विश्वविद्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान 15 वर्षों तक कुलपति आलोक चक्रवाल ने एक दिन भी कोई कक्षा नहीं ली। नियुक्तियों में इनके कारनामे देखिये उसके बाद NAAC पर आयेंगे।
1.स्टोर इंचार्ज गणेश शुक्ला की पत्नी प्रीति शुक्ला की नियुक्ति एचआरडीसी में।
2.क्लर्क प्रेम शंकर द्विवेदी की पत्नी आर्ची वर्मा की नियुक्ति एचआरडीसी में।
3.मीटिंग सेल के अशोक तिवारी के पुत्र की नियुक्ति एलडीसी (क्लर्क) पद पर।
4.क्लर्क के.के. भोई के पुत्र की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
5.सीनियर क्लर्क राजेश बत्रा के पुत्र यश बत्रा की नियुक्ति अकादमिक असिस्टेंट पद पर।
6.कर्मचारी संतोष तिवारी के पुत्र सौरभ तिवारी की नियुक्ति सेक्शन ऑफिसर (रजिस्ट्रार कार्यालय) पद पर।
7.डिप्टी रजिस्ट्रार अभयदीप तिवारी की रिश्तेदार शिवानी तिवारी की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
8.कुलपति आवास (वीसी बंगला) में पदस्थ मनोज उपाध्याय की पत्नी अंजली उपाध्याय की नियुक्ति जूनियर क्लर्क पद पर।
9.वित्त विभाग के श्रीकांत कड़ेकर के पुत्र प्रणव कड़ेकर की नियुक्ति परीक्षा विभाग में क्लर्क पद पर।
10.ऑडिट कार्यालय के असिस्टेंट दिलीप गुप्ता के पुत्र अभय गुप्ता की नियुक्ति जूनियर क्लर्क पद पर।
11.कर्मचारी गणेश प्रसाद यादव के पुत्र विजय यादव की नियुक्ति क्लर्क पद पर।
12.सीनियर क्लर्क राजेश पोर्ते की पत्नी रितु पोर्ते की नियुक्ति सूचना प्रकोष्ठ में।
13.गोपनीय विभाग के सेक्शन ऑफिसर के.के. तिवारी की पुत्री श्रद्धा तिवारी की नियुक्ति लैब असिस्टेंट पद पर।
14.पुस्तकालय मे कार्यरत राधेश्याम की बेटी ज्योति ठाकुर।
15.इंजीनियरिंग विभाग मे सहायक प्राध्यापक डॉ अनुराग सिंह की पत्नी श्रीमती प्रभा सिंह।
इन नामों के अतिरिक कई अन्य नाम और है जिनके परिजन या रिश्तेदार की नियुक्ति हुई। उपरोक्त नियुक्तियों के कारण यह संदेह उत्पन्न हो रहा है कि विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष एवं प्रतिस्पर्धात्मक होने के बजाय सीमित व्यक्तियों एवं उनके परिजनों तक केंद्रित होती जा रही है। जो सर्वाधिक शर्मनाक है वो यह है कि यह धर्मेंद्र की तस्वीर लगाकर उनके साथ खड़ा होने का दावा कर रहे हैं।
🚨 हिन्दू रक्षा दल के पिंकी चौधरी का बड़ा ऐलान, 26 जुलाई को 12 बजे जंतर मंतर पहुंचे।
पिंकी चौधरी ने कहा जंतर मंतर में जितने भी लोग हैं, सभी सनातन विरोधी हैं, उमर खालिद के लोग हैं, आप सभी लोग जंतर मंतर पहुंचे और जितने भी लोग जंतर मंतर में हैं सभी का पिछवाड़ा लाल करके ही घर वापस लौटें।
एक बात की भविष्यवाणी हम कर देते हैं, 26 जुलाई को पिंकी चौधरी नहीं पहुंचेंगे, एक फोटो या वीडियो शेयर करेंगे कि देखिए हमको पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया।
इनसे मिलिए इनका नाम प्रशांत यादव है , ग्रेजुएट हैं मास्टर्स कर रहे हैं , UPSC की तैयारी करते हैं,
और अपना खर्चा चलाने के लिए 16 हजार महीने पर गुड़गांव के सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी करते हैं !
जब 20 तारीख को जंतर मंतर पर जब युवाओं को पीटा गया तो खुद को रोक नहीं पाए , समर्थन देने के आ गए इसलिए इनकी कंपनी वाले ने इनको काम से निकाल दिया हैं !
अब दो तीन दिन से वर्दी में ही जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं !
लल्लनटॉप के पत्रकार ने जब इनसे नौकरी जाने पर पूछा तो कह रहे हैं कि नौकरी गई तो गई लेकिन जब शीशा देखूँगा तो गर्व महसूस होगा , कम से कम शर्म तो नहीं आएगी न !
सलाम है प्रशांत भाई के इस संघर्ष को , ईश्वर से दुआ करते हैं कि जल्द इन्हें सफलता मिले!
🚨Understand the Chronology 🚨
Don't believe the fake narrative set by Lashkar e Noida / Godi Media
The plan is set to forcefully provoke the students and blame them.
Look this guy explains what happened in Delhi yesterday. .
#jantarmantar#neet#Modi
Only for view above from previous candle
ACE
BEL
BIRLANU
CLEAN
CUMMINSIND
DATAPATTNS
DIACABS
FIEMIND
GHVINFRA
GLOBAL
GRSE
HAL
INDUSTOWER
KSCL
KARURVYSYA
VRLLOG
RAJESHEXPO-B
SAVERA
UBL
THERMAX
SRF
PDMJEPAPER
SIRCA
VEDL
SAREGAMA
दिल्ली आंदोलन की रात का ये वीडियो दिल छू लेता है
दिन में छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ,कई के सिर फूटे, किसी का हाथ टूटा, किसी के पैर। छात्रों के साथ-साथ कुछ पुलिस वाले भी घायल हुए।
और फिर शाम को जब दिल्ली पुलिस के जवान ड्यूटी खत्म करके वापस जा रहे थे
तो जो हुआ वो इतिहास बन गया।
घायल छात्र, खून से लथपथ कपड़े,फिर भी सड़क के किनारे खड़े होकर तालियां बजाकर दिल्ली पुलिस का स्वागत कर रहे थे।
क्योंकि छात्रों का कहना था -ये तालियां इसलिए क्योंकि आपने ड्यूटी में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आपने भी अपना फर्ज निभाया।
आंदोलन अपनी जगह, मांग अपनी जगह।
लेकिन इंसानियत और सम्मान सबसे ऊपर।
#DelhiProtest
अगर दिल्ली पुलिस के सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने पर 50 ट्वीट करने और खूब गुस्सा दिखाने के बाद थोड़ा सा आक्रोश बचा हो, तो इसपर भी दिखाइए। ऋषिकेश के सात मोड़ इलाके में जंगल की कटाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उत्तराखंड पुलिस जिस तरह उठाकर ले जा रही है, उसपर भी आपका खून खौलना चाहिए।
कभी जंगल उजाड़ने वाली तो कभी छात्रों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करनी वाली यह एक निक्कमी, बेशर्म और तानाशाह सरकार है।
@uttarakhandcops
#RishikeshDeforestation