ट्रैन मैनेजरों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए जो अपने स्टाफ के साथ ऐसा ब्यवहार करते है,दिन रात मेहनत करने के बाद ऐसा सलूक इनके साथ?इतनी बेरहमी से कौन मारता है.
Guwahati to Howrah Route!
@sushant_says@BhootSantosh@PAPA__Tweets@BramhRakshas
संस्कार ठेवा रे 😡
अजित पवार आज म्हणाले ही महाराष्ट्र ची भाषा नाही पण हे तितके खरे नाही .खरे तर शिवराळ भाषा राजकारणात आणण्याचे श्रेय सेने कडे जाते .भुजबळांना मैद्याचे पोते ,पवारांना बारामती चा मल्ल , ही उपाधी बाळासाहेब यांनीच दिली .मागे फडणीस यांचा वारु मोकाट उधळत होता तेव्हा
@bainjal@PMOIndia That is just eye washing. Final outcome will be in favor of the government. That's the predictable courts have been doing for these six years...
𝐔𝐑𝐆𝐄𝐍𝐓: “My 10-yo daughter is dying of cancer. I’m a poor labourer & will never be able to afford her life-saving treatment. My child is suffering in pain & all I can do is beg Allah to have mercy on her.”
Please help her here: https://t.co/JPRgh0QUiq
बस 2 बात समझ लो दोस्तों,
1. जब हम गाय के नाम पर लिंचिंग का विरोध करते हैं तो हम एक कार्टून के नाम पर किसी का गला काटने को भी उतना ही बुरा मानते हैं।
2. जब हम मनुस्मृति से चलने वाले ‘हिंदू राष्ट्र’ का कड़ा विरोध करते हैं तो हमें शरिया से चलने वाला ‘इस्लामिक देश’ भी मंज़ूर नहीं।
asato mā sadgamaya
tamaso mā jyotirgamaya
mṛtyor mā amṛtaṃ gamaya
From the false to truth.
From darkness to light.
From death to life.
Thank you Dadi for showing me what it means to live these words.
सरभंग (भंगी) समाज से आने वाली 4 बच्चों की मां नीलम देवी मेरी नजर में 'सरजूपार की मोनालिसा' हैं. इनकी खूबसूरती देख 2 पल के लिए मैं ठहर गई. नीलम यूरोप या अमेरिका से होती तो दुनियाभर में नाम कमा रही होती. लेकिन इस जातिवादी देश ने इन्हें हाशिये पर छोड़ दिया. ओह्ह् मेरी प्यारी नीलम🤗
राष्ट्रीय अनु.जा. आयोग द्वारा भेजे जाने वाली चिट्ठियां इसलिये बेअसर हैं क्योंकि यह रिसर्च अधिकारी द्वारा द्वारा भेजी जाती हैं।
के.मंत्री मा.@TCGEHLOT जी से निवेदन है कि रा.अनु.जा.आयोग में रिसर्च अधिकारी का नाम एनफोर्समेंट अधिकारी कर दिया जाए और वही आयोग की ओर से पत्र भेजें।
वोट लेते वक्त ‘मैं आपकी हर समस्या में साथ खड़ा हूँ’ कहने वाले नेताओं का चरित्र जनता के सामने आना इसी तरह जरूरी है।
गरीब व्यक्ति ने वरुण गांधी को रात में फोन क्या कर दिया उनके शब्द सुनिए ‘मैं तुम्हारे बाप का नौकर नहीं हूँ’।
सुनते चलिए, याद रखते चलिए, वक्त आने पर जवाब दीजिएगा।