@PRATHORE1999@DEEPSBISHNOI_@narendramodi तू ही तोल रहा है हिजडा है तू भाइचारे के लिए अपनी माँ बहन भी सुलवा देगा बिश्नोई के आगे नाम से राठौड हटा के दलाल लिख ले कलंक है जो तेरे जैसे कपूत राजपूत समाज में पैदा हुए
अमृता देवी का कोई योगदान नहीं है जोधपुर के इतिहास और एयरपोर्ट से तुम अपने घर के खेतों के पेड़ पौधों के नाम अमृता रख लो एयरपोर्ट उनके नाम पर बनेगा जिनका योगदान था
जोधपुर की पहचान माँ अमृतादेवी के बलिदान से है!!
मेरा माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi से निवेदन हैं कि जोधपुर एयरपोर्ट का नामकरण पर्यावरण के लिए 363 लोगों के साथ अपने प्राणोत्सर्ग करने वाली महान वीरांगना माँ अमृतादेवी के नाम पर किया जाए!!
इससे समूचे विश्व में भारत के पर्यावरण रक्षा हेतु किए गए बलिदानों का संदेश जाएगा और भारत के लोगों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा!!
@PMOIndia@RamMNK@MoCA_GoI@AAI_Official@AmitShah@ashokgehlot51@SachinPilot
प्रलय के दिनों में
सप्तर्षि, मछली और मनु
सब वेद बचाएँगे
कोई नहीं बचाएगा प्रेमपत्र
कोई रोम बचाएगा
कोई मदीना
कोई चाँदी बचाएगा, कोई सोना
मैं निपट अकेला
कैसे बचाऊँगा तुम्हारा प्रेमपत्र।
सजल स्नेह का भूषण केवल
सरल प्रेम की सुंदरता;
छिपी मर्म-सी कोमल
उर में सहज, मिलन की आतुरता ।
ओठों पर विषाद की दृढ़ता,
पलकों में आगत के प्रश्न;
साँसों में स्वर बढ़ता
करुणा का; अलकों में भावी स्वप्न ।
सहसा आ सम्मुख चुपचाप
संध्या की प्रतिमा-सी मौन
करती प्रेमालाप,
प्रेयसि नहीं, परिचिता-सी वह कौन ?
कर्मों की छाया-सी गूढ़
मन की गोचर स्त्रीत्व अतीत,
स्नेह रही है ढूँढ--
धूमिल-सी है यद्यपि स्नेह-प्रतीती ।