अफ़सोसनाक
विश्व के लोकतंत्र का अध्ययन करने वाले , सबसे प्रतिष्ठित स्कैंडिनेवियाई संस्थान Vdem के अनुसार भारत पिछले कुछ सालों में दुनिया की बदतर एकाधिकार वाली व्यवस्था में बदल चुका है । 2018 के बाद बहुत तेज़ी से पतन शुरू हुआ है ।
इस रिपोर्ट ने हमारे सुप्रीम कोर्ट के चार वर्किंग जजेज द्वारा इतिहास में पहली बार की गई खुली प्रेस कॉन्फ़्रेंस में व्यक्त किए गए ख़तरे की पुष्टि कर दी है!
दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले लोकतांत्रिक देश के लिए इससे बुरा indictment और क्या हो सकता है?
योगी जी, #कानपुर की इस 9 साल की बिटिया की पुकार सुनिये. यह बच्ची अपने पड़ोस के 16 साल के लड़के की बुरी नीयत और गंदी नज़र से खुद को बचाने की गुहा लर लगा रही है. लड़का उसे जब तब पकड़ने की कोशिश करता है. बेहद अश्लील इशारे करता है. बच्ची अपनी माँ के साथ अकेली रहती है. इन्होंने पुलिस में शिकायत भी की, पर लड़के का परिवार पैसे वाला है इसलिए पुलिस माँ बेटी की नहीं सुनती.
@myogiadityanath जी क्या @kanpurnagarpol बच्ची के साथ किसी अनहोनी के हो जाने का इंतजार कर रही है?
@DMKanpur
🚨 Big Breaking 🚨
निशिकांत दुबे पर FIR दर्ज!
अयोध्या चढ़ावे घोटाले की सच्चाई छुपाने के लिए झूठी पोस्ट डालने वाले BJP सांसद निशिकांत दुबे को अखिलेश यादव जी ने 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था। अब FIR हो गई है!
ये वही दुबे हैं जो देवघर बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में जबरन घुसपैठ कर पुलिस से मारपीट कर चुके हैं, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा चुके हैं। अब सोशल मीडिया पर भी झूठ फैलाकर हिंदू समाज को बांटने की साजिश रच रहे थे।
समाजवादी पार्टी का साफ संदेश है!!
नफरत फैलाओगे तो बख्शा नहीं जाएगा!
झूठ बोलोगे तो जवाब देना पड़ेगा!
अब अदालत में हिसाब दो दुबे जी...
10 मिनट नहीं, पूरी उम्र हिसाब चलेगा!
#NishikantDubeyFIR
#अखिलेश_यादव
#SPAgainstHate
#FIR_Dubey
#अयोध्या_घोटाला
#Lucknow
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एक और बेहद गंभीर पहलू सामने आया है।
असल मामला चोरी की जांच का था। लेकिन अचानक सोशल मीडिया पर एक नया नैरेटिव उभरता है—“टिन्नू यादव ने अखिलेश यादव को 900/980 बार फोन किया।”
मैंने पिछले कुछ दिनों में इस पूरे दावे की डिजिटल फोरेंसिक पड़ताल की।
जो बातें अब तक सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं।
① इस दावे के समर्थन में अब तक न कोई आधिकारिक CDR सार्वजनिक हुई है, न SIT ने ऐसा कोई दावा किया है, न उत्तर प्रदेश पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही किसी अदालत के रिकॉर्ड में ऐसा कोई दस्तावेज़ उपलब्ध है।
② उपलब्ध सार्वजनिक डिजिटल ट्रेस में यह दावा पहले “980 Calls” के रूप में X पर दिखाई देता है। बाद में यही संख्या “900+” और फिर “सैकड़ों कॉल” में बदलती चली जाती है। यानी दावा स्वयं सोशल मीडिया पर बदलता रहा, जबकि उसका कोई आधिकारिक स्रोत सामने नहीं आया।
③ डिजिटल ट्रेस यह भी दिखाते हैं कि शुरुआती पोस्ट के बाद लगभग एक जैसी भाषा, एक जैसी पंक्तियाँ और यहाँ तक कि एक जैसी टाइपिंग की गलतियाँ (“Aaccused”) दर्जनों Facebook, X, Instagram और YouTube पोस्टों में दोहराई गईं। यह कम-से-कम इतना तो संकेत देता है कि अनेक पोस्ट स्वतंत्र रिपोर्टिंग नहीं बल्कि एक साझा टेम्पलेट पर आधारित थीं।
④ सबसे गंभीर बात यह है कि जब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज़ सामने नहीं आया, तब तक यह केवल सोशल मीडिया का अपुष्ट दावा था। इसके बावजूद बाद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक और सांसद निशिकांत दुबे जैसे सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों ने भी इसी नैरेटिव को अपने बयानों/पोस्टों में स्थान दिया।
लोकतंत्र में राजनीतिक आरोप लगाना अलग बात है, लेकिन किसी आपराधिक मामले में बिना सार्वजनिक साक्ष्य के किसी व्यक्ति को जोड़ देना बिल्कुल अलग बात है।
अगर वास्तव में CDR है—
तो उसे सार्वजनिक कीजिए।
अगर SIT ने यह कहा है—
तो उसका आधिकारिक बयान दिखाइए।
अगर अदालत में ऐसा रिकॉर्ड दाखिल हुआ है—
तो उसका दस्तावेज़ सामने रखिए।
लेकिन यदि ऐसा कुछ भी नहीं है, तो फिर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक अपुष्ट सोशल मीडिया दावा इतने कम समय में हजारों पोस्टों, वीडियो और फिर राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक बयानों तक कैसे पहुँच गया?
यह केवल एक वायरल पोस्ट की कहानी नहीं है।
यह इस बात का अध्ययन भी है कि डिजिटल युग में बिना आधिकारिक प्रमाण के कोई दावा कैसे जन्म लेता है, कैसे उसका शब्दांकन बदलता है, कैसे वह विभिन्न प्लेटफ़ॉर्मों पर कॉपी-पेस्ट होकर फैलता है और अंततः राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन जाता है।
राम मंदिर का चढ़ावा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का धन है।
बहस इस पर होनी चाहिए थी कि चोरी कैसे हुई, जिम्मेदार कौन है, जांच कहाँ पहुँची और जनता का पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा।
लेकिन यदि पूरी बहस को एक अपुष्ट डिजिटल नैरेटिव की ओर मोड़ दिया जाए, तो यह केवल राजनीतिक संचार का प्रश्न नहीं रह जाता—यह लोकतांत्रिक जवाबदेही और सूचना की विश्वसनीयता का भी प्रश्न बन जाता है।
डिजिटल फोरेंसिक का पहला सिद्धांत है—पहले प्रमाण, फिर प्रचार।
दुर्भाग्य से इस प्रकरण में क्रम उल्टा दिखाई देता है।
Super Exclusive-
मंदिर का पत्थर 5 गुने अधिक में?
राम मंदिर पर राजस्थान की खदान से विस्फोटक गवाही!
राम मंदिर की पत्थर ख़रीद में भी गड़बड़झाला?
क्या कदम-कदम पर घोटाला?
बंसी-पहाड़पुर की वो खदान!
कितने में आया सामान?
(SIT के लिए उपयोगी बयान)
सवाल-
क्या राम मंदिर की पूरी फाइल खुलेगी?
राम के आदर्श को रत्ती भर भी जगह मिलेगी?
So, the story is -
Rashtravadi BJP Nationalist leader Sri Anil Srivastava ji who is also Yuva Morcha state executive along with his associate Laxmi Tiwari arrived at the Bundelkhand Medical College, MP on late Thursday night.
Around 4 am, a woman PG doctor was attending to a poisoning case. Sri Srivastava ji & Sri Tiwari ji began “assisting” the treatment by touching the doctor herself. 🇮🇳
Instead of appreciating this extraordinary contribution to healthcare and nation-building, the lady doctor shamelessly objected. Soon several anti-national hospital staffs joined with her. 😡
Deeply hurt by such anti-national behaviour, nationalist Srivastava ji and Tiwari ji responded with the timeless democratic expression "Goli maar denge (we will shoot you all)." 🔥
Then, yesterday when mostly anti-nationals from medical fraternity along with few misguided started protest and stopped their work for several hours, police shamelessly registered a case against Shri Anil Srivastava ji & his associate Laxmi Tiwari ji.
However, hopefully this case also to be settled soon, becoz sir Anil Srivastava ji has a long list of Nationalist work to do. He simply cannot waste valuable time on such silly matters. 🔥
Bharat Mata Ki Jai. 🚩
Jai Sri Ram. 🚩
Nehru ki Galti. 🚩
etc. etc.
अयोध्या में लूट किस लेवल पर हुई वह जानने के लिए यह वीडियो देखें। यह भारत सरकार के पूर्व गृह सचिव एस लक्ष्मीनारायण हैं। यह व्यक्ति जिसका पूरा परिवार राम भक्ति में ही लीन रहा है पापियों ने उसके साथ भी ठगी कर ली।
इनका कहना है कि इन्होंने परिवार की राय से चंपत राय को स्वर्ण रचित श्रीरामचरित मानस भेंट किया जिसमें तकरीबन एक किलो सोना था। बाद मेँ पता चला वह गायब हो गया।
इन्होंने कई बार कई बार चंपत राय से शिकायत किया,पत्र लिखा लेकिन बदतमीजी से जवाब देकर इन्हें चलता किया। नृपेंद्र मिश्रा ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा सब चंपत देख रहे हैं।
अंत में हारकर एस लक्ष्मीनारायण जी ने विशेष सलाहकार महोदय से भी शिकायत की जिनका बार बार सेवाकाल केंद्र ने दबाव देकर बढ़वाया। लेकिन उनका यह कहना था कि जो आपने दान किया वह भूल जाइए।
हे राम। भक्तों का तो ऐसा अपमान भारतीय प्राचीन इतिहास में भी न हुआ होगा। रामचिरमानस ही चुरा लिए और अपने घर में करोड़ों की चोरी पर हल्ला मचाने वाला कह रहा है कि भूल जाइए।
सत्य हिंदी का ऐप अपने फ़ोन/ लैपटॉप पर डाउनलोड कर लीजिए । बहुत कुछ पढ़ने लायक अपलोड होता रहता है और वीडियोज भी रहते हैं । हर दो घंटे के समाचार बुलेटिन भी जारी होते रहते हैं । बहुत ही सीमित संसाधनों को कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने अपनी बुढ़ापे की बचत में से निकाल कर इस प्रयोग में 2018 में लगाया था । आपके सहयोग से अभी तक इसे जारी रखने में सफल हुए हैं । कृपया इसे अपना आशीर्वाद दीजिए और सबके फ़ोन तक पहुँचाइये । हम सर्वोत्तम नहीं हैं लेकिन हम ईमानदारी से अपने प्रयासों में लगे हुए हैं ।
2022 में गौकशी के शक में महाराष्ट्र के 2 लोगों को नर्मदापुरम में भीड़ ने अधमरा कर दिया, एक शख्स की मौत हो गई ... 4 साल सुनवाई के बाद जज तबस्सुम खान ने 14 दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई ... आरोपी उन्हें खुले आम धमका रहे हैं, पुलिस अभी मेटा से जानकारी ही मांग रही है @GargiRawat
यदि आपको अव्यवस्था का मज़ा लेना है, तो भारत आइए। लेकिन यदि आपको साफ़-सुथरा और पूरी तरह व्यवस्थित जीवन पसंद है, तो भारत आपके लिए कठिन हो सकता है।
- इंद्रा नूई, पेप्सी की पूर्व सीईओ
Ayodhya’a Pujari Lal Das Who was Murdered: Enduring legacy was to say that “movements rooted in faith cannot be exempt from public scrutiny, accountability and transparency”
@Sheeetalps recalls https://t.co/j3n4vBUvUi
बीजेपी नेता राम माधव कोलंबो में पाकिस्तानियों से ‘प्राइवेट मीटिंग’ कर आएं तो कोई बात नहीं…
…हंगामा तभी मचता जब पाकिस्तान हाई कमीशन में मणिशंकर अय्यर जैसे नेता पब्लिक फ़ंक्शन में चले जाएं!
https://t.co/X91bIUmZyF
क्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी यूपी चुनाव में मुद्दा बनेगा?
विपक्ष के पास सत्ता से मुक़ाबले के क्या रास्ते बचे हैं?
अर्थव्यवस्था की बदहाली के क्या असरात होंगे?
राहुल गांधी के रेजिसटेन्स का मानी क्या है?
इन सवालों और ऐसे ही कई सवालों पर हाल ही में हमने बात की वरिष्ठ पत्रकार और अपनी तरह के इकलौते विश्लेषक @Sheeetalps से।
उत्तरप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई हो रही पेट के कीड़ें मारने की दवा सरकारी जांच में फेल हो गयी है.
एल्बेंडाजोल-400 एमजी टेबलेट (National Deworming Day पर) सरकारी और निजी स्कूलों में भी राज्य सरकार की ओर से बच्चों को दी जाती है. कई बार इस दवा से बच्चों की तबियत बिगड़ते हुए भी देखी गयी है.
यूपी में घटिया दवा सप्लायर कंपनी एफी पैरेन्ट्रल्स को 3 साल के लिए बैन कर दिया गया है.
BIG NEWS: Adani Case में US Judge मोदीजी और ट्रंप के बीच चली मांडवाली के आड़े आ गया है
2024 में बाइडन सरकार के समय अमेरिका की अदालत में **गौतम अडानी** और उनकी कंपनी के ऊपर भारी आरोप लगे थे कि उन्होंने भारत के एक राज्य (आंध्र प्रदेश) में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए अधिकारियों को 250-265 मिलियन डॉलर यानि करीब 2500 करोड़ रुपये की रिश्वत दी और साथ ही अमेरिकी निवेशकों से ये बात छुपाई।
फिर ट्रंप सरकार आई। जिसके सामने मोदीजी ने सरेंडर की नीति अपना रखी है ऐसा राहुल गांधी ने कहा ।मई 2026 में अमेरिकी DOJ (Justice Department) ने अचानक कहा – “हम इस केस पर और समय नहीं लगाएंगे।” केस को हमेशा के लिए बंद करने की मांग की। लोग कह रहे हैं कि ये अडानी के 15 बिलियन डॉलर** (लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये) अमेरिका में निवेश करने का वादा करने के बाद हुआ। इसके लिए अडानी ने ट्रंप के एक मशहूर वकील को भी अपनी टीम में रखा था। ट्रंप जूनियर से भी उनकी मुलाकात की खबर आई थी।
इसी आधार पर अडानी की तरफ से वकीलों ने 24 जून को जज से अनुरोध किया कि – “केस फौरन बंद कर दिया जाए “!
लेकिन अब ट्विस्ट!** 26 जून 2026 को ब्रुकलिन के जज **Nicholas Garaufis** ने कहा – **“नहीं! तुरंत बंद नहीं होगा।”**
जज ने DOJ की चिट्ठी को”बहुत छोटी, बिना वजह बताए” बताया और लिखा: “सरकार ने पर्याप्त कारण या फैक्ट्स नहीं दिए। हमें पूरी डिटेल चाहिए।” DOJ को 13 जुलाई तक हर वजह और सबूत के साथ जवाब देना होगा। उसके बाद ही जज फैसला करेंगे।
ये ट्रंप सरकार के लिए अनपेक्षित रुकावट है। अडानी और मोदी जी के संबंध किसी पुन: परिचय के मोहताज नहीं हैं, इसलिए ये मामला भारत-अमेरिका रिश्तों और बिजनेस से भी जुड़ा है।
अब क्या होगा?** 13 जुलाई को DOJ क्या जवाब देगा? केस दोबारा खुल सकता है या बंद हो जाएगा?
आप क्या सोचते हैं?
#AdaniCase #USJustice #Trump #IndiaUSRelations