श्री राम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं...
SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी...
अगर कोई अपराधी है, वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है...
A century as far as Ramsar sites are concerned!
Glad that the Jai Prakash Narayan Bird Sanctuary (Surha Tal) in Ballia, Uttar Pradesh has been designated as India’s 100th Ramsar site. This wetland is rich in avifaunal biodiversity, attracting several migratory and resident birds.
India’s unwavering commitment to protecting our natural surroundings and wetlands in particular is clearly reflected in this feat.
Over the years, efforts to conserve and rejuvenate wetlands have been strengthened through greater community participation, science, innovation and awareness initiatives. These endeavours are helping preserve biodiversity, secure ecological balance and create a greener future for coming generations.
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें। ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें। मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूँगा जो अपने घरों के और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके।
घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री @narendramodi जी ने ‘High-Level Committee on Demographic Change’ की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सरकार ने इस कमिटी का गठन कर लिया है।
जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी इस कमिटी में जनगणना आयुक्त के साथ श्री दुर्गा शंकर मिश्रा (Retd IAS), श्री बालाजी श्रीवास्तव (Retd IPS) और डॉ. शमिका रवि समिति के सदस्य होंगे। संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय, इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
Demographic Change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता, उत्तराखंड के दो बार के मुख्यमंत्री और केंद्र में सड़क एवं परिवहन मंत्री रहे मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खण्डूडी का आज 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे।
वे अपने ईमानदारी और सादगी के लिए विख्यात थे।
अटल जी की सरकार में चार वर्षों तक भूतल परिवहन मंत्री के तौर पर देश में महत्वाकांक्षी स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के तहत भारत के बड़े शहरों और उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तराखंड में बीजेपी को 2007 में जीत दिलाई। सीएम बनने के बाद अपनी सुरक्षा में कटौती की। सरकारी तामझाम कम किए। भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए लोकायुक्त बनाने का बिल लाए जिसके दायरे में मुख्यमंत्री को भी रखा।
क्या अपर्णा… तुमसे रोया भी ना गया !
अपर्णा यादव अपना चेहरा अपने दिवंगत पति से 90 डिग्री पूर्व की ओर रखकर...18 के डेसिबल पर चीखी होतीं...2 मिनट 53 सेकेंड तक आंखो से 5 मिलीलीटर आंसू निकाले होते...तो शायद वो आदर्श पत्नी होती।
या क्या पता इससे भी कुछ और नपा तुला तय है जो उन्हें करना चाहिए और वो नहीं कर पाई इसलिए वो आदर्श पत्नी नहीं रह गईं।
मुझे डर है उन पर सवाल उठाने वाले कहीं अपने घरों में परिजनों की मृत्यु की मॉक ड्रिल्स ना करवाते हों...ताकि सब उनके तय हिसाब से हो। पर ईश्वर के तय हिसाब का आज तक कौन हिसाब लगा पाया है।
और आपके घर की मृत्यु पर आपके परिजन आपके हिसाब से रोएंगे ना। अपर्णा यादव आपके फूफा की मृत्यु के हिसाब से कैसे आपकी भूमिका निभा सकती हैं? उनसे ये अपेक्षा क्यों?
कई लोग सवाल उठा रहे हैं जब पति बीमार थे तो वो असम क्यों गई…यहां क्यों गई… वहां क्यों गई? बड़ी साधारण सी बात है कि वो पत्नी और मां होने के साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष भी हैं, बीजेपी की नेता भी हैं...वो असम इसीलिए गईं क्योंकि उन्हें ये दायित्व भी निभाना था।
गिद्ध की तरह स्क्रूटनी पर बैठे समाज की जींस कभी मंदिरा बेदी की जींस से मैच नहीं खाती इसलिए वो कहता है कि उन्हें अपने पति के अंतिम संस्कार पर जींस नहीं पहननी चाहिए थी।
अपर्णा यादव महिला आयोग की अध्यक्ष हैं। जब उनके शोक पर सवाल उठ रहे हैं तो वो समझ सकती हैं उन्हें कैसे समाज से महिलाओं की रक्षा के लिए...उनके कल्याण के लिए... अपनी आवाज उठानी है।
दरअसल पति के जाने पर छाती पीटती औरतें इस समाज के लिए एक सुकून होती हैं...आश्वासन होती हैं। घूंघट के पीछे गश खाती रिरियाती औरतें समाज को उसके प्रति बेचारगी से भर देती हैं।
लेकिन बड़ा डराती है समाज को फिर से उठ खड़ी होती...उसके खांचे को मानने से इनकार करने वाली, उसकी बेड़ियों में ना बंधने वाली औरतें।
याद है आपको...
पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की 29 साल की पत्नी ऐशान्या को कहना पड़ा...बस मैं ये चाहती हूं कि अब मैं कभी हंसू तो लोग ये ना कहें कि बताओ इसके पति की तो हत्या हो गई थी और ये हंस रही है।
बड़ी साधारण बात है। दुख दुख होता है। कोई छाती पीट के रो लेता है कोई पथराई आंखो के पीछे सब सोख लेता है। निजी दुख पर किसी के लिए परफार्म नहीं करना होता और कैमरे के लिए तो हरगिज नहीं।
उसे रोने दीजिए , समझने दीजिए , संभलने दीजिए, संभालने दीजिए, दोबारा चलने दीजिए.. पुरुष के साथ भी तो आप ऐसा ही करते हैं ना..
पत्नी की मृत्यु पर अगर पति विधुर होता है तो पत्नी भी पति की मृत्यु पर विधवा ही होती है अपाहिज नहीं।
संवेदना की स्थिति में पुरूष को भी कंधा चाहिए होता है स्त्री को भी कंधा ही चाहिए होता है गोद नहीं।
जब आप एक स्त्री को ऐसे हालात से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें तो नीयत इतनी साफ रखे कि वो आगे बढ़े तो आगे आकर खुद ही ना खड़े हो जाएं।
बाकी हाय हाय बेचारी की उपमा वाली स्त्री आत्मनिर्भर होने के बाद कहलाती तो बड़ी तेज ही है।
इसलिए स्त्री का तेज सहने की क्षमता रखने वाला समाज बनिए। राजा राम मोहन राय और ईश्वर चंद विद्या सागर की आत्मा को भी शांति मिलेगी।
@aparnabisht7
আজ, যখন পশ্চিমবঙ্গের প্রথম বিজেপি সরকার শপথ গ্রহণ করছে, তখন আমাদের সকলেরই ডঃ শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায়ের কথা এবং দেশ ও বিশেষত: পশ্চিমবঙ্গের প্রতি তাঁর চিরস্থায়ী অবদানের কথা স্মরণ করা অত্যন্ত স্বাভাবিক। তাঁর স্বপ্ন বাস্তবায়নে আমরা চেষ্টার কোনো ত্রুটি রাখব না ।
কলকাতায় শপথ গ্রহণ অনুষ্ঠানে শ্রী মাখনলাল সরকার জি-র সঙ্গে দেখা হল। একনিষ্ঠ দেশপ্রেমিক শ্রী সরকার, ডঃ মুখোপাধ্যায়ের সঙ্গে কাজ করেছেন এবং জম্মু ও কাশ্মীরে তাঁর সঙ্গী হিসেবে থাকার সময় গ্রেপ্তারও হয়েছিলেন। পশ্চিমবঙ্গ জুড়ে আমাদের দলের ভিত্তি প্রসারিত করতে এবং সর্বস্তরের মানুষকে দলে যোগ দিতে অনুপ্রাণিত করতে তিনি নিজের জীবন উৎসর্গ করেছেন।
বিজেপির কর্মী হিসেবে আমরা গর্বিত যে আমাদের দলে এমন অনুপ্রেরণাদায়ী ব্যক্তিত্বরা রয়েছেন যারা জনগণের মধ্যে কাজ করে আমাদের দলকে শক্তিশালী করেছেন।
वीरता और पराक्रम के अमर प्रतीक, देश के महान योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मातृभूमि की आन-बान और शान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके अदम्य साहस और अटूट स्वाभिमान की गाथाएं युगों-युगों तक देशवासियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति का दीप प्रज्वलित करती रहेंगी।
A year ago, our armed forces displayed unparalleled courage, precision and resolve during #OperationSindoor. They gave a fitting response to those who dared to attack innocent Indians at Pahalgam. The entire nation salutes our forces for their valour.
Operation Sindoor reflected India’s firm response against terrorism and an unwavering commitment to safeguarding national security. It also highlighted the professionalism, preparedness and coordinated strength of our armed forces. At the same time, it showcased the growing jointness among our forces and underlined the strength that India’s quest for self-reliance in the defence sector has brought to our national security.
Today, a year later, we remain as steadfast as ever in our resolve to defeat terrorism and destroy its enabling ecosystem.
अथक परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त की गई सफलता स्थायी होती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं मन को अद्भुत संतोष भी मिलता है।
न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।
यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च ।।