सिद्धार्थनगर में शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश के बाद, दिव्यांगता और गंभीर बीमारियों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 😨 175 दिव्यांग, 25 कैंसर और 26 डायलिसिस के मामले सामने आए हैं।और फर्जी आवेदकों पर क्या कार्रवाई होती है
आखिर सिद्धार्थनगर मे क्या खेल चल रहा है
सिद्धार्थनगर में शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश के बाद, दिव्यांगता और गंभीर बीमारियों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 😨 175 दिव्यांग, 25 कैंसर और 26 डायलिसिस के मामले सामने आए हैं अब देखना है कि विभाग इन आंकड़ों की सत्यता की जांच कैसे करता है @BasicshikshakC@spousetaup25
#Justiceforschoolschildren
सरकार 50 से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से वंचित कर रही है ।साथ ही 149 तक की छात्र संख्या वाले प्राथमिक एवं 99 तक की संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद समाप्त कर रही है अर्थात् अब स्कूल बिना हेड मास्टर के चलाने की योजना है,जिससे शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर ही समाप्त हो गए हैं ।स्कूल बंद होने से हजारों रसोइयों की सेवा समाप्त होगी साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने की उम्मीद लगाये बैठे DelEd/बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की भर्ती नहीं हो पायेगी ।
प्रत्येक तिमाही पर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह पर गर्व करने वाली सरकार को इस प्रकार का निर्दयी /कठोर निर्णय वापिस लेना चाहिए ।
हमारी माँग है कि कोई भी विद्यालय बंद न किया जाये ।यदि सरकार वास्तव में शिक्षा का हित चाहती है तो प्रत्येक कक्षा पर एक सहायक अध्यापक एवं प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाये ।
सरकार के इस निर्णय से प्रभावित सभी साथियों से अनुरोध है कि 8 जुलाई को संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में उपस्थित होकर अपनी मांगों का समर्थन करें ।
@Info_4Education@UPGovt@thisissanjubjp भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए माननीय देवेंद्र प्रताप सिंह जी कीमांग को ध्यान में रखते हुए एवं शिक्षक विद्यालय में क्या प्रशासनिक कार्य कर लेगा जबकि वह कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं है। इसको भी ध्यान में रखते हुए अवकाश 30 जून तक करने की कृपा करें
@ajayjai77862471@JagranNews
महोदय,अगर शिक्षक दम्पति 10 वर्षों से अलग अलग जनपदों में सेवा दे रहे है,और अब साथ नियुक्ति मांग रहे हैं तो क्या गलत है?
क्या सरकार की ये नीति नही है?
आपका यह लेख आपके छिछलेपन को स्पष्ट करता है।न मिलना किसी से न शोध बस ऐ सी रूम में बैठकर छाप दिया!