@DrDCSHARMAUPPSS सबसे बड़ी बात ये है कि जो परीक्षा देने के लिए कोर्ट आदेश की है वो दूर दूर तक भी बच्चों के शिक्षण कार्य में काम नहीं आती । प्राथमिक शिक्षा में व्यवहारिक ज्ञान ज्यादा काम आता है बाकी न्यूनतम शिक्षा सभी के पास पहले से ही हैं जितनी जिस समय जरूरी थी । इसलिए आदेश गलत है ।
@DrDCSHARMAUPPSS बेसिक शिक्षा विभाग के ही अति महत्वाकांक्षी शिक्षकों (2015 में नियुक्त विज्ञान और गणित के शिक्षकों ) ने ही पदोन्नति में टेट की अनिवार्यता के लिए बार-बार न्यायालय का सहारा लिया. जिसके कारण आज तक पदोन्नति नहीं हो सकी
#JusticeForTeachers
देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं ।
परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@dpradhanbjp@jayantrld@CMOfficeUP@myogiadityanath@rajnathsingh@aajtak@brajeshlive@Aamitabh2@ABPNews
#NoTetBeforeRteAct
यह शिक्षक वर्ग हैं ,सब समझते हैं ।
आरटीई में 2017 मे�� संशोधन करके सभी कार्यरत शिक्षकों को टेट आपने अनिवार्य किया है ।तो पिछली सरकार की क्या गलती है ?पिछली सरकार ने तो 23 अगस्त 2010 के राजपत्र में आरटीई से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को स्पष्ट छूट दी है ।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अध्यादेश भारत सरकार लायेगी ,तो पश्चिम बंगाल की सरकार से इसका क्या लेना देना है?
यह इस प्रकार की गारण्टी है जैसे 2014 के यूपी चुनाव में शिक्षा मित्रों के लिए ली गई थी ।जिसका परिणाम सब देख रहे हैं ।20 लाख शिक्षक तनाव में हैं,कुछ तो आत्महत्या कर चुके हैं।वकीलों की फीस हेतु शिक्षकों की मेहनत की कमाई जा रही है और आप राजनीतिक बयान दे रहे हैं ।
यदि इसी सत्र में यह अध्यादेश लाते हैं तो सही है ,अन्यथा शिक्षक सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए तैयार रहें ।
#आरटीई लागू होने से पूर्व नि���ुक्त शिक्षकों पर टेट लागू करने के निर्णय से व्यथित व लगातार फ़ोन करके अपडेट माँग रहे शिक्षक साथियों को अवगत कराना चाहता हूँ कि सुप्रीम कोर्ट में क़ानूनी कार्यवाही हेतु अधिवक्ताओं से हुई बातचीत के क्रम में शीघ्र अपना पक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी चल रही है ।
आप सब भली भाँति जानते हैं कि इस समस्या के पीछे एनसीटीई के भ्रामक शपथ पत्र और २३ अगस्त २०१० के पैरा ४ को स्पष्ट न करना है ।
एनसीटीई को भा���त सरकार के निर्देश के बाद ही इस समस्या का हल है
इसलिए भारत व्यापी ��ंदोलन हेतु अन्य राज्यों से लगातार वार्ता चल रही है ।शीघ्र ही दिल्ली कूच की तिथि घोषित की जाएगी ।
सभी साथी एक्स (X) पर सक्रिय रहें और अपने प्रदेश व अन्य राज्यों के साथियों को जागरूक करें ।
आपकी एकता ही आपको सफलता प्रदान करेगी ।आपका सदैव नारा रहा है कि
“हर जोर जुल्म की टक्कर पर संघर्ष हमारा नारा है “।देश के लाखों शिक्षकों की कोई जीविका छीन ले ।इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
#शिक्षक_एकता_जिन्दाबाद