करोड़ों लोगों का नीट पेपर लीक से कोई वास्ता नहीं है फिर भी उन्होंने इस आंदोलन में सहयोग दिया है,चूँकि वो 12 साल से हिन्दू मुस्लिम जहर से, महंगाई से,महंगे अस्पताल-दवाइयों से,बेरोजगारी से, भ्रष्टाचार से, MP MLA की खरीद फरोक्त से, बुलडोज़र के जुल्म से,बंद होते स्कूलों से परेशान हैं.
जंगे आज़ादी पार्ट 2 शुरू हो चुकी है.यह सब एक दिन में नहीं हुआ.2014 से समाज में नफरत बोने का परिणाम है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महंगाई पर कोई बात नहीं होती. सिर्फ नफरत ही नफरत. अब युवा जाग गया है. हिंदुस्तान आज़ाद होकर ही रहेगा
@raghav_chadha पार्टी बदलने से उसके समर्थक और उसके विरोधी, जो पहले उसे अपशब्द बोलते रहे हैं, दोनों ही असहज स्थिति में आ जाते हैं। अपने को अपमानित, ठगा हुआ सा महसूस करते हैं।
@raghav_chadha पार्टी बदलना कोई व्यक्तिगत मामला नहीं होता,बल्कि हज़ारों लोग जो उसके पीछे खड़े होते हैं, उसके लिए गली-मुहल्ले,शादी-पार्टी, बस-ट्रैन में बहस करके आपस में झगड़ते हैं,सिर फुटव्वल होते हैं, गाली-गोली भी खाते हैं, उन लोगों की भावनाओं से धोखा होता है,उन सबके साथ विश्वास घात होता है।
हत्या या आत्म हत्या करने या करवाने से तो तलाक को आसान बना देना ही अच्छा है.... अगर तलाक के कानून को आसान बना दिया जाए, तो हर साल हज़ारों औरतों को कतल होने से बचाया जा सकता है और इसी तरह से हर साल हज़ारों पुरषों को भी आत्म हत्या करने से बचाया जा सकता है.
@JaikyYadav16@raghav_chadha पार्टी बदलने से उसके समर्थक और उसके विरोधी, जो पहले उसे अपशब्द बोलते रहे हैं, दोनों ही असहज स्थिति में आ जाते हैं। अपने को अपमानित, ठगा हुआ सा महसूस करते हैं।
@JaikyYadav16@raghav_chadha पार्टी बदलना कोई व्यक्तिगत मामला नहीं होता,बल्कि हज़ारों लोग जो उसके पीछे खड़े होते हैं, उसके लिए गली-मुहल्ले,शादी-पार्टी, बस-ट्रैन में बहस करके आपस में झगड़ते हैं,सिर फुटव्वल होते हैं, गाली-गोली भी खाते हैं, उन लोगों की भावनाओं से धोखा होता है,उन सबके साथ विश्वास घात होता है।