सरफ़रोश था इश्क़ ए वतन में,
यूँ ही तख़्तो ताज ठुकराता कौन है,
होती है आतिश कुछ वतन परस्ती की,
यूँ ही आफत में जान जलाता कौन है,
मुफ़लिसी में भी स्वाभिमान क़ायम था,
यूँ मूछों पर ताव चढ़ाता कौन है,
अजीज है आज़ादी चाहे जान चली जाए,
यूँ घास की रोटियाँ खाता कौन है !#महाराणा 🙏
सरफ़रोश था इश्क़ ए वतन में,
यूँ ही तख़्तो ताज ठुकराता कौन है,
होती है आतिश कुछ वतन परस्ती की,
यूँ ही आफत में जान जलाता कौन है,
मुफ़लिसी में भी स्वाभिमान क़ायम था,
यूँ मूछों पर ताव चढ़ाता कौन है,
अजीज है आज़ादी चाहे जान चली जाए,
यूँ घास की रोटियाँ खाता कौन है,
#जय_भवानी🙏🚩
General MM Naravane #COAS conveys warm greetings and best wishes to All Ranks of #IndianArmy, Veterans, Veer Naris, Civilian Staff & their Families for the New Year 2022. May the New Year bestow success, happiness & good health to one and all.
#NewYear#AmritMahotsav
माता वैष्णो देवी धाम में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे से मन अत्यंत व्यथित है।
माँ आदिशक्ति हादसे में दिवंगत हुए लोगों की आत्माओं को शांति व दुर्घटना में घायल हुए लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की कृपा करें।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
ॐ शांति!
बिना आरक्षण के बाद भी #ठाकुर समाज पढ़ लिखकर नौकरी प्राप्त करे। तो देखिए कैसे एक #समुदाय और #मीडिया इसको #ठाकुरवाद का नाम देते है।
Note:- समय रहते रहते संगठित हो जाओ #राजपूतों
भारत की परंपरा में प्रचलित अनेक कैलेंडर काल और परिस्थिति अनुसार प्रभावी रहे हैं, यह मात्र एक व्यवस्था है तारीखों की।
कैलेंडर में धर्म ढूंढना क्या धर्म की परिभाषा के साथ ज्यादती नहीं है???
आंग्ल वर्ष 2022 के आगाज पर हार्दिक शुभकामनाएं।
@Shri_PF@weareskpf
जम्मू कश्मीर के वैष्णों देवी माता मंदिर में भगदड़ से हादसे का दुखद समाचार प्राप्त हो रहा है। हादसे में दिवंगत व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। हादसे में घायल व्यक्तियों को ईश्वर जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
#Vaishnodevi
#कालीपुत्र_कालीचरण
🤷🏻♂️ गजब कानून है देश का जहां दंगे फैलाने वाले, हिंदू धर्म का अपमान करने वाले, खुलेआम ग्रह युद्ध की धमकी देने वाले आजाद घूमते हैं और गांधी को अपशब्द कहने वालों को रातों-रात गिरफ्तार कर लिया जाता है।
अभिव्यक्ति की आजादी क्या केवल एक वर्ग के लिए है
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉️
वर्ष 2021 ने अपने प्रारंभ में महामारी के माध्यम से मनुष्य के अतिआत्मविश्वास को आईना दिखाया वहीं अपने अवसान के समय हीरक जयंती समारोह के माध्यम से परमेश्वर के विश्वास पर होने वाले पुरुषार्थ को पुष्ट किया।
@shri_kys@weareskpf@Shri_PF@laxman5268