AK47 के गोलीकांड की गूंज बिहार से लेकर दिल्ली में संसद तक हुई!
पर ना बिहार के मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री ने और ना ही केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने इस पर एक भी शब्द कहा! सबने मुँह में दही जमा लिया है!
देश के छात्रों और युवाओं को अपना गुलाम और आतंकवादी समझने की यह भाजपाई नीति बिहार में नहीं चलेगी!
@yadavtejashwi #RJD #Bihar
Education is meant to build values, safety, and respect.
Appointing an individual who supports rapists as Education Minister undermines all three. What kind of future are we building for our children?
एक ही दिल है मोदी जी, कितनी बार जीतेंगे❤️
सत्ता के शीर्ष पर बैठकर, विरोध करने वाले और अपशब्द कहने वाले बच्चों को भी अपना मानकर माफ कर देना इसके लिए सच में बहुत बड़ा दिल चाहिए..
"अमेरिका में पेटेंट है गौमूत्र"
- तोता रटंत त्रिवेदी
भाई आपको किसने रोका है गौमूत्र पीने से, पानी के जगह 4 लीटर गौमूत्र डेली पीजिये।
ऐसे नमूने भाजपा के इंटेलेक्चुअल कहलाते है!
नॉर्मलाइजेशन इस देश का सबसे बड़ा महा घोटाला है !!
यह नॉर्मलाइजेशन के कारण पढ़े लिखे योग छात्र नहीं हो पाते किसी नौकरी में , कई बार ऐसा हुआ कि मेरे से कम नंबर वाले वाले के नंबर बढ़कर उनकी नौकरी मिल गई है और मेरा नंबर एक भी नहीं बढ़ा ,
मैं नॉर्मलाइजेशन का शिकार हु ,
नॉर्मलाइजेशन नहीं होता तो मैं भी नौकरी कर रहा होता
दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस में अब तक
यह सवाल बहुत सही उठाया चंद्रशेखर आजाद जी ने पूरे विपक्ष को राहुल गांधी अखिलेश यादव सबको उठाना चाहिए आवाज यह मुद्दा
@priyanshu__63@BhimArmyChief@yadavakhilesh@RahulGandhi
बेगूसराय: आत्महत्या मानकर बंद कर दी गई थी केस फाइल, लेकिन तीन बेटियों ने हार नहीं मानी। 5 साल बाद SIT ने मां की हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीनों बेटियों ने आईजी विकास वैभव को कहा, "थैंक यू सर।"
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हमार मन की बात
Gen Z ने को शिक्षा लेकर जो आंदोलन और सर्जिकल स्ट्राइक किया उसका फायदा हम सबने देख लिया और हर लोगो ने महसूस भी किया।
मेरा दिल से गुज़ारिश की अब सब को Gen Z के साथ मिलकर हेल्थ सिस्टम पर सुधार के लिए इक्कठा आवाज उठाना चाहिए।
आज के तारीख़ के अगर आपका हेल्थ इन्शुरन्स नहीं हैं तो आप प्राइवेट हॉस्पिटल में कदम नहीं रख सकते और छोटे शहर के सरकारी हॉस्पिटल का हाल हम सबको पता हैं। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी और हॉस्पिटल का नेक्सस इतना मजबूत हैं की आप उनके चक्रव्यूह से वापिस नहीं निकल सकते हैं।
परिवार के एक सदस्य का बीमारी पूरे परिवार को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देता हैं। और ऊपर से इन प्राइवेट हॉस्पिटल , इन्शुरन्स कंपनी और मेडिसिन कंपनी का मार आपको जिंदगी भर के लिए पीछे धकेल देता हैं।
शायद मेरा ये मन की बात आपको तब तक अच्छा नहीं लगेगा जब तक आपके किसी नजदीक के साथ ऐसा नहीं हुआ हो लेकिन मेरी मानिए , ये कहानी हर घर की हैं।
सब मिलकर अगला आवाज इसपर उठाइए। मैंने पहले भी उठाया हैं और आगे भी साथ दूँगा इस मुद्दे पर 🙏🏻