जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ, मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है।
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।।
- @BhimArmyChief
आधुनिक भारत के शिल्पकार, संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की 135वीं जन्म जयंती पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं💐
“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।” — डॉ. भीमराव आंबेडकर
जय भीम, जय संविधान जय भारत 🇮🇳🔥
#AmbedkarJayanti
संविधान की शक्ति, लोकतंत्र का सम्मान और देशभक्ति का अभिमान गणतंत्र दिवस हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
सभी देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
जय हिंद जय भारत!#RepublicDay
संविधान, बाबा साहब के विचार और सामाजिक समरसता को ज़मीन पर उतारने वाली महानायिका आदरणीय सम्माननीय माननीय बहन कुमारी मायावती जी को जन्मदिवस की बहुत-बहुत बधाई….
आप भारत देश का प्रतिनिधित्व करें हम ऐसी कामना करते हैं।
सभी देशवासियों को जनकल्याणकारी दिवस की बहुत-बहुत बधाई।
अपने ही देश में अपने ही लोगों को जाने पर पाबंदी है ये बीजेपी सरकार भाई चंद्रशेखर आजाद और हम को गाजीपुर बॉर्डर पर रोकने का प्रयास किया पर इनको पता नहीं है ये वो तूफान हैं जो कभी रुकते नहीं ये वो शोले हैं जो कभी बूझते नहीं.@BhimArmyChief
गाजीपुर बार्डर पर @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद ने पुलिस को दौड़ाया 👇
चकमा देकर रोड पर निकले और अकेले ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेरठ के कपसाड़ गांव के लिए निकले
जिसके नाम में ही "आजाद" हो आखिर उसे कैसे रोक सकते हो।।
मेरठ पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना सांसद आदरणीय बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद जी से प्रशाशन की नोक झोंक के बाद बाइक पर निकले पीड़ित परिवार से मिलने @BhimArmyChief
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं सभी देशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं।
#AmbedkarJayanti#jaibhim
कल दिनांक 16 फ़रवरी को सतगुरु रविदास जी की जन्मजयंती के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील में आयोजित कार्यक्रम में अपनों के बीच पहुँचे।
सम्मानित आयोजक कमेटी और सम्मानित जनता का दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत आभार और साधुवाद….🙏
प्रयागराज महाकुंभ जाने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़ के बीच, रेलवे की गंभीर लापरवाही के कारण, मची भगदड़ में काफी लोगों की हुई मौत व घायल होने की घटना अति-दुखद। पीड़ितों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा पीड़ितों की पूरी मदद भी करे।
कुंभ में हुई भगदड़ के बाद मौतों के आंकड़ों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मीडिया की खबरों के अनुसार " 29 जनवरी की तड़के अस्पतालों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि वे कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और पटना तक शवों को छोड़कर आए हैं।"
जनता इस विरोधाभास को लेकर चिंतित है कि प्रशासन द्वारा बताए गए आधिकारिक आंकड़े और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही में इतना बड़ा अंतर क्यों है? यह त्रासदी लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में तुरंत स्पष्टीकरण दें और मृतकों के सही आंकड़े जारी करें ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय और सहायता मिल सके।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में भगवान आदिनाथ निर्वाण लड्डू पर्व के दौरान मंच दुर्घटना में 7 लोगों की मृत्यु और 75 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर अत्यंत हृदयविदारक है।
शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, उन्हें ये असीम दुख सहने की शक्ति प्राप्त होने व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रकृति से प्रार्थना करता हूँ।
@BagpatDm मृतकों के परिजनों को मुआवजा प्रदान करें और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
1.देश के वर्तमान राजनीतिक हालात तथा खासकर दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के चिन्तनीय राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए बी.एस.पी. की आल-इण्डिया बैठक कल दिल्ली में आहूत।
2.बी.एस.पी. केन्द्रीय कार्यालय, 29 लोधी स्टेट में आयोजित इस बैठक में आल-इण्डिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों, केन्द्रीय स्टेट कोआर्डिनेटरों, बी.एस.पी. स्टेट अध्यक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद पार्टी के जनाधार को बढ़ाने व दिल्ली चुनाव के सम्बन्ध में भी जरूरी दिशा-निर्देश दिये जायेंगे।
जानकारी मिली है की यूपी के जनपद अलीगढ़ के ग्राम इब्राहिमपुर भीमपुर गोंडा रोड़ वहाँ ग्राम समाज की ज़मीन पर एक समाज के पक्ष के द्वारा मंदिर वगेरह का काम शुरू किया गया और पहले से भी वहाँ अन्य धार्मिक स्थल बने हुए हैं जो ग्राम समाज की ज़मीन पर बिना पुलिस परमिशन के बने हुए हैं, तो डॉ बाबा साहब अम्बेडकर जी को मानने वाले लोगों के द्वारा भी गाँव में ही दूसरी जगह ग्राम समाज की ज़मीन पर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा लगा दी गई, वो भी गाँव के वर्तमान प्रधान की रजामंदी से। तो गाँव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा विरोध किया गया और फिर पुलिस प्रशासन प्रतिमा को वहाँ से हटाने आ गया है तो मेरा @aligarhpolice@Dm_Aligarh@UPGovt और तमाम अधिकारियों से कहना है कि प्रशासन बाबा साहब की प्रतिमा तो हटाने पहुँच गया और पूरा दवाब बना रहा है लेकिन जिन दूसरे पक्ष के लोगो के द्वारा ग्राम समाज की और जमीनों पर जो भी धार्मिक स्थल बनायें गयें हैं क्या प्रशासन उन्हें भी वहाँ से हटाएगा?
जब डॉ अम्बेडकर के मानने वाले लोगो के द्वारा ग्राम समाज की ज़मीन पर बने धार्मिक स्थलों का विरोध नहीं किया गया तो आख़िर बाबा साहब का विरोध करने वालों के साथ पुलिस ढाल की तरह क्यों खड़ी हैं।
क्या ग्राम समाज की ज़मीन पर केवल एक ही पक्ष का अधिकार हैं की वे धार्मिक स्थल बना सके क्या बाबा साहब के मानने वाले लोगो का ग्राम समाज की ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं है।
जबकि सबकी संख्या सामाजिक आधार पर गाँव में लगभग बराबर है।
मेरा प्रशासन से निवेदन है की बाबा साहब की प्रतिमा हटाने से पहले अन्य धार्मिक स्थलों को भी हटाया जायें तो वरना ये पक्षपाती रवैया बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है।
प्रशासन का ये रवैया हमें मजबूर करेगा अलीगढ़ कूच करने पर।
जब एक ओर देश संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं दूसरी ओर तथाकथित धार्मिक राज्य के नाम पर मनु के विधान को लागू करने की साजिश रची जा रही है।
क्या ग़ज़ब नौटंकी चल रही है, एक तरफ़ प्रधानमंत्री @narendramodi जी द्वारा संविधान पर सिर पटक - पटक कर संविधानवादी होने का दावा किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ़ प्रयागराज के महाकुंभ में हिंदू राष्ट्र के लिए संविधान का प्रारूप को सामने लाया जा रहा है।
भारत का संविधान स्वतंत्रता, समानता और न्याय की गारंटी देता है। इसे मनुस्मृति और चाणक्य नीति जैसे पुराने और भेदभावपूर्ण नियमों से बदलने की कोशिश करने की बात करना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह आधुनिक भारत की संकल्पना के खिलाफ है।
मनुस्मृति, जो जातिगत एवँ लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानता का प्रतीक है, को आधार बनाना भारत के संविधान द्वारा प्रदान किए गए मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। यह कमजोर वर्गों, महिलाओं और समाज के हर उस व्यक्ति के अधिकारों पर हमला है, जिसे संविधान ने समानता का अधिकार दिया है।
यह भारतीय लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है। यह देश को विभाजित करने, कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों से वंचित करने और धार्मिक उन्माद फैलाने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। यह विभाजनकारी और असमानता बढ़ाने वाला कदम है।
डबल इंजन सरकार को जवाब देना चाहिए कि इस संविधान विरोधी कृत्य को अंजाम देने वाले तथाकथित धर्माचार्य के यहां आपके डिप्टी CM क्या करने गए थे? क्या मुख्यमंत्री योगी @myogiadityanath का बार-बार प्रयागराज में प्रवास इस एजेंडे का हिस्सा था? अगर ऐसा नहीं है तो संविधान विरोधी सोच रखने वाले इन देशद्रोहियों पर कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही?
कान खोलकर सुन लो संविधान विरोधियों भारत का संविधान हमारी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और लोकतंत्र की नींव है। इसे कमजोर करने की कोशिश @AzadSamajParty@BhimArmy_BEM के संविधानवादी कार्यकर्ता किसी कीमत पूरी नहीं होने देंगे। यह देश संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही प्रगति करेगा, न कि किसी धर्म आधारित राष्ट्र की अवधारणा से। संविधान को कमजोर करने की हर कोशिश नाकाम होगी।
(संविधान-विरोधियों, ध्यान रहे – भारत का भविष्य धर्म और जाति के नाम पर नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता और न्याय के आधार पर लिखा जाएगा।)
जय भीम, जय भारत, जय संविधान।