शिक्षक अवकाश ,भत्तों व हाज़िरी की व्यवस्था में विभाग के अधिकारी व कर्मचारी से समानता की माँग कर रहे हैं,लेकिन एक योजना के तहत शिक्षकों को केवल डिजिटल हाज़िरी का विरोधी बताया जा रहा है ।यह षड्यंत्र नहीं चलेगा ।समानता लागू करनी होगी ।
#Boycottdigitalattendance
शिक्षकों पर विश्वास कीजिए। हमारे बारे में नेगेटिव नैरेटिव मत गढ़िए। समाज में हमें विलेन मत बनाइए। हमारा दमन करके आप भविष्य को दुष्प्रभावित कर रहे हैं। हमें कोई विशेषाधिकार नहीं, साधारण सहूलियत चाहिए, बस। जय हिंद। #NoInfraNoAttendance#boy
सत्य निम्नलिखित प्रकार का होता है:-
1- मेरा सत्य,
2- तुम्हारा सत्य और
3- हमारा सत्य।
तीसरे प्रकार का सत्य अत्यंत दुर्लभ श्रेणी का है, जबकि अन्य दोनों सत्य ही समाज में ज़्यादा पाये जाते हैं।
#हिंदीनामा#hindinama#TruthMatters#SatyamevaJayate
सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयात् न ब्रूयात् सत्यमप्रियं। प्रियं च नानृतं ब्रूयात् एष धर्मः सनातनः॥
(सत्य बोलें, प्रिय बोलें पर अप्रिय सत्य न बोलें और प्रिय असत्य न बोलें, ऐसी सनातन रीति है)
#tusedayvibes#hindinama#हिंदीनामा#contemptofcourt
रेत पर क़दमों के निशां ढूंढते हो
गाफ़िल हो गोया ये क्या ढूंढते हो
नज़र में नहीं जिस डगर के निशां
हवाओं से फिर क्या पता पूछते हो। #ammu#hindinama#हिंदीनामा
प्रिय उम्मीद,
सुना है, तुम्हारा दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए
कहते हैं, उम्मीद पे दुनिया कायम है
सही ही कहते होंगे
मैंने भी उम्मीद नहीं छोड़ी है
तुमसे बस एक ही गुज़ारिश है
तुम भी मेरा दामन मत छोड़ना
मैं हूँ तभी तुम हो।
#हिंदीनामा#hindinama#yourquote
जो अतीत को नियंत्रित करते हैं वे ही भविष्य को नियंत्रित करते हैं और जिनका वर्तमान पे नियंत्रण है वे अतीत को नियंत्रित करते हैं।
~जॉर्ज ऑरवेल
#mondaythoughts#hindinama#हिंदीनामा
“अकेले कमरे में जब तकलीफ़ दुश्वार हो जाती है, तो अक्सर लोग बाहर चले आते हैं। सड़कों पर। पब्लिक पार्क में। किसी पब में। वहाँ आपको कोई तसल्ली न भी दे, तो भी आपका दुःख एक जगह से मुड़कर दूसरी तरफ़ करवट ले लेता है।”
#NirmalVerma
"जिस दिन मुझे मौत आए
मौत मेरी इक शर्त मानकर आए
पहले जीते-जी मुझसे मुलाक़ात करे
मेरे घर-आँगन में मेरे साथ खेले
जीने का मतलब जाने
फिर अपनी मनमानी करे..."
https://t.co/HANopstmMq
"वस्तुतः(दरअसल)" एक ऐसा शब्द है जो किसी वाक्य के पूर्व आकर ये तय कर देता है कि वो वाक्य सार्वभौमिक/निरपेक्ष नहीं है। विडंबना ये है कि ये "दरअसल" किसी भी वाक्य के पूर्व लग सकता है।
@Hindinama2