हर किलोमीटर पर Vigilance। हर सिग्नल पर Judgement। हर स्टेशन पर Precision। हर पल Safety।
ALP की जिम्मेदारी Level-6 की है, तो Grade Pay भी ₹4200 होना चाहिए।
#AlpGradePay4200#8thPayCommission#ALPJOB
घर से वापसी ! होली पर! 📚🛤️..🚶🚶🏡
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ज़िम्मेदारी बाँधती हैं , कदमों के रास्ते ;
घर भी छोड़ना पड़ता है ,घर ही के वास्ते।
खाकर सुकून भरी रोटी होली पर घर की ;
राही चल दिए फिर से इस रोटी के वास्ते।
~दीपक..✍️
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#upsc#poet#MotivationDaily
अपने बुजुर्गों को साथ रखने में भी , घृणा होती है इनको;
मगर उनकी दौलत पर कुत्ता भी बनना जानते हैं ये लोग।
___________________|| दीपक ||..✍️😊
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#motivation#quotes#poetry
🚶चलना अकेला है, साथ नहीं आने वाले ;
ये मज़ाक बनाने वाले ।
ये सब भूल जाएंगे ,तुम्हारे गीत गाएंगे
ये आँख दिखाने वाले , औकात बताने वाले
चलना ..अकेला.. है! साथ नहीं आने वाले।
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.............|| दीपक ||..✍️
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#uppcs#upsc#motivation#poetry#Result
एक UGC क़ानून क्या आया संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देने लगे! लॉजिकल हो गए!
ये ज्ञान तब कहाँ था जब अख़लाक़ और हरिओम वाल्मीकि को पीट-पीटकर मार डाला गया?
समानता का ये लॉजिक तब कहाँ था जब कमजोरों के सिर पर पेशाब की जा रही थी?
जिनको संस्कृति, कुल मर्यादा, संस्कार, पति, पिता, माता, समाज, की परवाह नहीं थी या कहिये उनका खुद कोई वजूद नहीं था ऐसे मेल डिजिटल काल बॉय, और फीमेल डिजिटल वेश्या बन गयी आज ऐसे लोगो से इंस्टाग्राम, x, टेलीग्राम, सब भरा पड़ा है आपके कर्म ही आपकी पहचान है 🙏
कभी-कभी लोग मुझसे आकर कहते हैं कि ज़िंदगी बहुत परेशान कर रही है, प्यार छोड़ गया, एग्ज़ाम्स नहीं निकल रहे, बहुत डिप्रेशन में हूँ।
उनसे मैं हमेशा एक ही बात कहता हूँ अगर तुम्हारे पास थेरेपी का इंतज़ाम नहीं है, अच्छे साइकाइट्रिस्ट को नहीं दिखा सकते और अच्छे दोस्त भी नहीं हैं, सोशल लाइफ जीरो पर है, तो बस एक काम करो ओशो को सुनो।
दो से तीन महीने तक लगातार सुनो, ओशो तुम्हें भीतर से बदल देंगे। जितने भी वक्ताओं को मैंने सुना है, उनमें ओशो का सम्मोहन कुछ अलग ही है। लोग नहीं जानते कि उन्हें क्या सुनना चाहिए, लेकिन ओशो जानते हैं कि तुम क्या सुनना चाहते हो।
उनके डिस्कोर्स हर जगह उपलब्ध हैं यूट्यूब पर, उनकी वेबसाइट पर, वो में नीचे मेंशन कर दूंगा वहाँ तुम सुन भी सकते हो और पढ़ भी सकते हो। उनकी किताबें असल में उनके लाइव लेक्चर्स का संकलन हैं, इसलिए जब तुम उन्हें पढ़ोगे तो महसूस होगा जैसे कोई तुम्हारे सामने बैठकर बोल रहा है। मेरा मानना है कि 20वीं सदी के महानतम orator में से एक ओशो भी हैं।
ओशो को सुनने वाला एक चीज़ ज़रूर पा लेता है ज़िंदगी की समस्याएँ अब पहले जितना परेशान नहीं करतीं। वो जीवन को एंजॉयमेंट के साथ जीना सीख जाता है, थोड़ा मुस्कुराना, थोड़ा ठहरना, थोड़ा जीना यही वो सिखाते हैं।
लेकिन एक बात याद रखना उनका आकर्षण बहुत गहरा है। अगर लगातार सुनते रहोगे, तो उनका सम्मोहन तुम्हें उनकी आंधी में उड़ा ले जाएगा। इसलिए बीच-बीच में विराम लेना ज़रूरी है। दो-तीन डिस्कोर्स सुनने के बाद थोड़ा रुक जाना, खुद को संभालना साइंस और ह्यूमन ब्रेन पर लेटेस्ट रिसर्च पढ़ लेना जिससे ध्यान थोड़ा तार्किक हो जाए, रैशनल रहो। हर बात को दिल में उतरने मत दो, वरना तुम खो जाओगे। ओशो को सुनो, फिर जीवन को महसूस करो। धीरे-धीरे तुम्हारा thought process बदल जाएगा, भय, चिंता, डिप्रेशन सब पीछे छूट जाएगा, और तुम देखोगे ज़िंदगी अब उतनी भारी नहीं लगती, जितनी पहले लगती थी।
कुछ बातें जो मैने सीखी:
न बीता हुआ कल, न आने वाला कल, बस वर्तमान का यह पल ही सब कुछ है। जिंदगी अभी और यही है इसी क्षण में है इसी क्षण में परमात्मा भी है परमात्मा आपके अंदर है बाहर बैठा कोई व्यक्ति नहीं l
निडरता से जीना एक ठसक के साथ आचार्य प्रशांत भी यही बोलते है, आप जैसे हैं वैसे ही सर्वश्रेष्ठ हैं किसी की नकल ना करें l आप अपनी चिंता करें लोग क्या कहेंगे इसकी फिक्र ना करें मनुष्य जीवन अनमोल है इसे व्यर्थ ना गवाएं l
सुख-दुख कुछ भी नहीं ठहरता यह भी बीत जाएगा l
किसी से कोई गलती हुई है तो उसे माफ कर दें बीती बातों को पकड़कर नहीं बैठे रहे।
संसार में रहते हुए सन्यासी बनना है हर काम को होश पूर्वक करना है चले तो होश पूर्वक बैठे उठे सब कुछ होश पूर्वक करना चाहिए , होश पूर्वक किया गया हर काम ही ध्यान बन जाता है l
प्रेम ,ध्यान और आनंद पूर्वक साक्षी भाव के साथ जीवन को जीए l
और लास्ट में जीवन को बस एंजॉय करे ज्यादा लोड न ले, सब काम करे नाचे गाए खुशियां मनाए घूमे फिरे, जीवन को उच्चतम शिखर पर ले जाए, खूब विज्ञान पढ़े खूब गणित पढ़े और नई नई खोज करे, नदी की तरह बहते रहे पढ़ते रहे और अपने ज्ञान को बढ़ाते रहे। इंसान खोजी है खोज करते रहे and be rational किसी पर अंध विश्वास न करे।
जीवन यात्रा... 🚶♂️
https://t.co/xDAjN384II
कितने शर्म की बात है कि हम
कुत्ते को गोद में उठा सकते हैं,
उसे रसोई में भी ले जा सकते हैं, लेकिन
इंसान के स्पर्श मात्र से धर्म भ्रष्ट हो जाता है।
– शहीद भगत सिंह |
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