We have heard stories of Many Sultans and their errands.... Ahmad Shah Rangila was a famous name...
But none can Match current Sahe Alam love for Dance...
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।
दोनों वीडियो बहुत कुछ बताते हैं
मुंगेर, बिहार में एंबुलेंस नहीं मिली, तो शव को रस्सी से बांधकर ई-रिक्शा में 30 किमी दूर घर ले गए परिजन
आंध्र प्रदेश पहुंचे मोदी के स्वागत के लिए करोड़ों खर्च कर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
जूते पहनकर कौन भगवान श्रीराम को चढ़ावा चढ़ाता है? हिंदू तो अपने घर के मंदिर में भी जूते-चप्पल उतारकर ही भगवान के दर्शन करते हैं। लेकिन एक ईसाई माँ और पारसी पिता से जन्मे राहुल गांधी से हिंदू आस्थाओं के आदर की अपेक्षा भी कैसे की जा सकती है?
और भगवा पहन कर बैठा यह व्यक्ति कांग्रेस का नेता और राहुल गांधी का स्वघोषित चमचा है।
एक ओर हाथों में प्रभु श्रीराम की तस्वीर थामकर आस्था का प्रदर्शन, और दूसरी ओर उसी तस्वीर को ज़मीन से स्पर्श कराना, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
यह करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है। प्रभु श्रीराम केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। इसलिए उनके चित्र को इस प्रकार ज़मीन से स्पर्श कराना पूरे हिंदू समाज का अपमान है।
राहुल गांधी और कांग्रेस को इस अपमान के लिए तुरंत हिंदू समाज से माफ़ी मांगनी चाहिए।
Dear India,
Listen to this young correspondent. He used to work under Prannoy Roy's @ndtv
Fascinating insights into adanification of NDTV-spills the beans on the godi channel playbook!
DEAR #ANDHBHAKT, this is a free consultancy for you to understand your psychriatic condition.
राहुल जी,
RSS एक दीमक की तरह पूरे देश को खा रहा है...
हर एग्जाम, हर नियुक्ति, हर ठेके, हर सरकारी सब्सिडी को ये स्वयं सेवक लूट रहे है...
जैसे ईस्ट इंडिया कंपनी में अंग्रेज लूटते थे आज के समय ये संघी दीमक की तरह लूट रहे ... राम मंदिर से लेकर पेपर चोरी में हर जगह यही निकलेंगे
गोल्ड फ्लैक सिगरेट का पैकेट 2014 में - 90 Rs
गोल्ड फ्लैक सिगरेट का पैकेट 2026 में -115 Rs
बियर की बोतल 2014 में - 130 Rs
बियर की बोतल 2026 में - 170 Rs
पेट्रोल का रेट प्रति लीटर 2014 में - 63 Rs
पेट्रोल का रेट प्रति लीटर 2026 में - 113 Rs
अब बडी मज़ेदार बात देखिये.
सिगरेट का रेट 35 रूपये डिब्बी बढ़ा है
बियर का रेट 40 रूपये बोतल बढ़ा है
जबकि पेट्रोल का रेट 50 रूपये लीटर बढ़ा है
आदमी सिगरेट नहीं पियेगा, चल जायेगा
आदमी बियर नहीं पियेगा, चल जायेगा
पर पेट्रोल उसको रोज़ भरवाना ही पड़ेगा ना
जहर की कीमत रोज़ाना इस्तेमाल होने वाली चीज़ों से कम बढ़ी है. इससे पता चलता है इनको आपकी मेरी कितनी फ़िक्र है.??
जागो जनता जागो
कंगना @KanganaTeam राणावत भाजपा की आवाज़ अंदाज़ और चेहरा है!
जितनी गाली उसने लिखी है वो GenZ के लिये नहीं बल्कि स्वयं के लिये की है।
पता नहीं क्या खा के लिखा है
'अगर मेरे पास अधिकार होता तो मैं जंतर-मंतर के आसपास कर्फ्यू लगाकर प्रदर्शनकारियों को गोली मार देता।'
- ये बात RSS @RSSorg नेता और BJP @BJP4India के Intellectual Cell के पूर्व प्रमुख टीजी मोहनदास ने कही है
मोहनदास ने यह भी कहा- 'प्रोटेस्ट में ऐसी लड़कियां थीं, जिन्हें रेप पसंद है और अगर उनके साथ ऐसा होता तो वे कहीं शिकायत नहीं करतीं।'
मोहनदास का ये घटिया बयान RSS की घिनौनी, हिंसक व महिला विरोधी मानसिकता का सबूत है और RSS हमेशा ऐसे लोगों को संरक्षण देती आई है।
देश को नफरत और हिंसा की आग में झोंकना RSS का इतिहास रहा है, जिसे ये देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
ऐसे कुंठित और नफरती लोगों के खिलाफ तुरंत एक्शन होना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।
The energy of India’s Gen Z gives me hope.
This generation believes in satya and ahimsa, carries compassion and courage, and will lead India towards a brighter, more just future.
I'm excited to see them step into the political sphere.
दो संस्थाएं थी जिनपर RSS का शत प्रतिशत कंट्रोल था:
- शिक्षा मंत्रालय
- राम मंदिर ट्रस्ट
बीते दिनों दोनों की जो हालत हुई है उससे एक बात और साबित हो गई कि ‘भाई साहब’ लोग सिर्फ़ भूजा खाकर बौद्धिक देने के योग्य हैं, किसी गंभीर जिम्मेदारी के लायक नहीं।
मोदी जी, अपने "फ्रैंड" को एक मंत्रालय से हटाकर दूसरे में बैठाकर बचाने की आपकी साज़िश देश के छात्रों और भारत की जनता को मंज़ूर नहीं।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और देश की education system की बर्बादी के चिन्ह और अनेक छात्रों की मौतों के ज़िम्मेदार हैं।
उन्हें अब किसी और की ज़िंदगी उजाड़ने नहीं देंगे। धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से जाना ही पड़ेगा - ये non-negotiable demand है।
Why was Mr Vineet Joshi holding 5 crucial posts before his transfer last night? --
Secretary, Higher Education Dept
Secretary, School Education Dept
Chairman, UGC
Chairman, CBSE
Chairman, NTA
One Minister,
One Secretary/Chairman!
Mr Joshi may have held some of these posts in an Acting capacity, but surely some one else could have been given in-charge instead of burdening one person