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"झूठे इन्सान कि ऊंची आवाज सच्चे इन्सान को खामोश करा देती है..........
लेकिन सच्चे इन्सान की खामोशी झूठे इन्सान की बुनियाद हिला दे���ी है। "
~ Ef SP
शब्द आत्मा है लेखक की, कलम सारथी..
कविताएं प्रियतमा है उसकी, कहानी है ज़िन्दगी...
पन्नों ने भी दोस्ती खूब निभाई है, खुदकी दे ज़िंदगी लेखक की बातें हर किसी तक पहुंचाई है....
रचनाएं तब जा के जीवित हो पाई हैं.....
@DrKumarVishwas@ayushmannk@thekiranbedi
मैं करता रहा अच्छाई वह दिलों में बुराई ���साये बैठे रहे।
मैं करता रहा देश की बात वो दिलों में धर्म, जात की दीवार लगाए रहे।
मोहब्बत का पैगाम दे गले पर खंजर लगा रहे मेरे देश में कुछ ऐसे पापी भी समा रहे।
जो धर्म जाति पर मेरे देश को जला रहे, जो धर्म जाति पर मेरे देश को जला रहे.....
ज्योती हो तुम मेरे दिल की तुम ही तपस्या हो मेरी.... इस एक तरफा मोहब्बत में कच्ची सड़क पर पड़ती धूप सी तपन है , जो तुम्हे भुलाने नहीं देती.... जो तुम्हें ��ुलाने नहीं देती.....।
: नरेश
#amitabh #Gulzar #bewfai @ianuragbisht @ns101595p
पत्थर का आकार बदल दे पर पानी सी कोमल है वो , वो कभी मां रूप में प्यार दिखती कभी बहन बन बचपन हैं साथ बिताती... वो घर की है कुंजी , बच्चों को दूध पिला वो मजबूत है बनाती उसी के आने से घर में है लक्ष्मी आती.. वहीं तो नारी कह���ाती.. वही तो नारी कहलाती..
#womenssafety #AmitabhBachchan
बेताब हैं ये हवाएं कुछ कहने को , मुस्कुरा रही हैं बुँदे आने को... सूरज ढल रहा है एक नई सुबह लाने को , वो कर रही हैं 16 सोमवार का व्रत मुझे पाने को...
:- नरेश
#ShayriTwitter#poetry@ns101595p