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कांग्रेस की घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन का जिक्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। #ops मुद्दे को नकारना लाखों–लाखों सरकारी शिक्षकों/ कर्मचारियों के लिए निराशाजनक हैं। इस लोकसभा चुनाव में अब शिक्षक/कर्मचारी कांग्रेस को न वोट देंगे न समर्थन।
सरकार की गोद में बैठे अपने आकाओं के कहने पर सरकारी कर्मचारियों, किसानों व मजदूरों की आवाज़ को दबाने वाली प्रिंट मीडिया को सबक अब देश की जनता को ऐसे ही सीखना पड़ेगा।
#पुरानी_पेंशन_शंखनाद_महारैली
आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में जो देश भर के सरकारी कर्मचारियों का पुरानी पेंशन के समर्थन में जनसैलाब उमड़ा उससे साफ प्रतीत होता है सरकारों द्वारा सरकारी कर्मचारियों पर नई पेंशन स्कीम #NPS को जबरदस्ती1/1
हमारी राष्ट्रीय स्तर की मीडिया का कद सरकार के सामने कितना छोटा हो गया है। इतने बड़े जन सैलाब को अनदेखा करना राष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे साफ होता है जब मीडिया एक पढ़े-लिखे सरकार के नुमाइंदों की आवाज को नहीं दिखा सकती तो एक आम इंसान को कैसे इंसाफ1/3
हमारी राष्ट्रीय स्तर की मीडिया का कद सरकार के सामने कितना छोटा हो गया है। इतने बड़े जन सैलाब को अनदेखा करना राष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे साफ होता है जब मीडिया एक पढ़े-लिखे सरकार के नुमाइंदों की आवाज को नहीं दिखा सकती तो एक आम इंसान को कैसे इंसाफ1/3
तो सरकार को राष्ट्र हित में सरकारी एवं अनुदानित विद्यालयों की संख्या बढ़ानी चाहिए न कि इनको खत्म करे। जिससे समाज के अंतिम पायदान के लोगों को विशेषकर गरीब तबके के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सकें। 1/2
सरकार ये सब करके देश के गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है। देश के हर बच्चे को मुफ्त श्रेष्ठ शिक्षा पाने का अधिकार है सरकार की नीति बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन रही हैं। अगर सरकार वास्तव में गरीबी, भुखमरी, अशिक्षा, बेरोजगारी, खत्म करना चहती है1/1