“मैं भारत में पैदा हुआ और बड़ा हुआ लेकिन मेरा समर्थन हमेशा पाकिस्तान के लिए रहेगा और मैं कश्मीर को भारत से काटना चाहता हूँ”
“हम मुसलमान हैं हमारे लिए देश और पासपोर्ट का कोई मतलब नहीं, हमारे लिये सिर्फ़ मज़हब मायने रखता है”
एकदम यही बात उमर ख़ालिद और शर्जील इमाम कह रहे थे
ये भी पढ़ा-लिखा आदमी है, अपनी बात स्पष्ट तरीक़े से रख रहा है, बल्कि ये लोग अपनी बात चिल्ला-चिल्ला कर बता रहे हैं
पर अभी कुछ लोग आयेंगे और कहेंगे आपने इन्हें ग़लत समझा
भरत तिवारी “एनकांउटर” पर आज पुरे बिहार में कोहराम मचा हुआ है, सभी पत्रकार, न्यूज एजेंसीयां व नेता इस प्रकरण को लगातार उठा रहे, लाखों क्षत्रिय भाई भी भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए कमर कसकर कूद पड़े हैं...
भरत तिवारी के साथ जो हुआ वह देखकर मुझसे भी रहा नहीं गया और मैं भी सोचा न्याय के लिए आवाज बुलंद करु, लेकिन मैं देखा कि आलरेडी चौतरफा कोहराम मचा हुआ है...
फिर मैं विचार करने लगा कि, एक मनबढ़ व्यक्ति जो सरेआम प्रशासन को ग’न प्वाइंट पर रख दें, ऐसे सिरफिरे व्यक्ति के साथ प्रशासन ने जो कार्यवाही किया उसे इतना हाइलाइट किया जा रहा है...
लेकिन 2021 में होली के पावन पर्व पर जब ‘मधुबनी’ में क्षत्रियों का पुरा परिवार खत्म कर दिया गया था, पंडित संजय ओझा ने अपने टीम के साथ क्षत्रियों का न’रसंहार किया था, तब यह पत्रकार, न्यूज एजेंसीयां व अन्य क्यु इतना कोहराम नहीं मचाएं....??
ज्यादा पुराने प्रकरण को छोड़िए....अभी एक भी वर्ष नहीं हुआ जब सारण के मलमलिया में “शत्रुध्न भूमिहार” ने 25-30 लोगों के साथ फ’रशा व त’लवार से 4-5 क्षत्रिय युवाओं का ह’त्या किया था तब भी बिहार में इतना हाहाकार नहीं मचा था , आखिर क्यु ....?
अगर प्रशासनिक कार्रवाई से आहत होकर आप सभी एकजुट है तो फिर बताएं, जब 1857 क्रांति के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह जी के प्रपौत्र बबलू सिंह जी के साथ अपराध हुआ तब कहां थे यह सभी शुरवीर ...?
जाइए शुरवीरो आप न्याय मांगिए भगत तिवारी के लिए,
मेरे ज़हन मे मधुबनी के अबोध अनाथ बच्चों का दर्द है..
मेरे ज़हन में मलमलिया में हुए संहार का दर्द है...
मैं संवैधानिक दायरे में, प्रशासनिक कार्रवाई का पुरजोर समर्थश करता हूं, मनबढो का इलाज आवश्यक है...वरना कल को यही मनबढ़ मधुबनी जैसा काण्ड करते हैं...
ये उम्रकैद मां के बुढ़ापे, पत्नी के सुहाग, पिता की लाठी और गौमाता के सम्मान को मिली है...
14 गौभक्तों को दी गई सजा पर फूट पड़ा धर्मयोद्धा डॉ @SureshChavhanke जी का आक्रोश..
#BindasBol से उठी आवाज अब बनती जा रही राष्ट्रीय जनवाणी... सब एक स्वर में बोले - "सहमत नहीं वो इस दंड से".
#cowprotection
@UttamYadav_10 भैंस अगर पूंछ उठाएगी तो गोबर ही करेगी, गाना थोड़े ही गाएगी। गोबरबुद्धि ...!
खैर तुम्हारी गान जाली तो सुकून मिला।
वैसे शून्यकुमार का क्या हाल है 🤣🤣
मध्य प्रदेश में जज तबस्सुम ख़ान के एक फ़ैसले ने ज़बरदस्त बवाल कर दिया है-
जज तबस्सुम ने 14 गौ रक्षकों को उम्र क़ैद की सजा सुनाई है।
बहस छिड़ गई है- कि क्या इस फैसले के पीछे मजहब को पहले रखा गया और कानून को पीछे??
आप भी बताइए।
कड़वा है मगर सच है। दुख के साथ लिखना पड़ रहा है कि भारत भूषण तिवारी की जगह अगर:-
- भरत भूषण पासवान होते
- भरत भूषण पटेल होते
- भरत भूषण कुशवाहा होते
- भरत भूषण मांझी होते तो
- भरत ख़ान होते तो
अब तक:-
चिराग पासवान, नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, जीतन राम माँझी से लेकर असदुद्दीन ओवैसी तक न्याय के लिए आवाज उठा चुके होते।
लेकिन गरीब की मौत पर सब चुप्पी साधे हैं। भरत अगर अपराधी होते, मर्डर किए होते, हिस्ट्रीशीटर होते तो आक्रोश कम रहता। लेकिन एक समाजसेवी राष्ट्रभक्त का एनकाउंटर कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी का ट्विटर/X पर कोई अकाउंट नहीं है। यह कोई हो श्री वाला कालनेमी है जो रूप बदलकर बच्चे का फेम खा रहा है।
सभी भाई इसे अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके इस अकाउंट को सस्पेंड करवाये।
रीपोर्ट कालनेमी- @Vaibhavsooryava@BCCI@rajasthanroyals@XCorpIndia@officecmbihar
@Shubhamshuklamp "मासूम सूर्या चौहान के साथ जो हुआ वो बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला है। अपराध करके सोशल मीडिया पर रील बनाना साफ दिखाता है कि ऐसे अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं था। इस दरिंदे को अदालत से कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक मिसाल बने। #JusticeForSuryaChauhan"
@LSinghShekhawat इसे कहते हैं असली 'कैरेक्टर'! बॉडी-लाइन बॉलिंग का जवाब सिर्फ रन से नहीं, बल्कि एटीट्यूड से दिया। गुजरात का प्लान तो तगड़ा था, पर वैभव का जिगरा उससे भी बड़ा निकला। परसों वाली पारी वाकई नेक्स्ट लेवल थी! 🇮🇳🏏
सोशल मीडिया पर भारतीय रेल का एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सुमित्रा एक्सप्रेस का है, जिसमें एक वेंडर को ट्रेन के फर्श पर रखे समोसों के ठीक ऊपर पैर रखकर बैठे देखा जा सकता है।
हाइजीन की धज्जियां उड़ाती इस घोर लापरवाही को लेकर रेल यात्रियों में भारी आक्रोश है। लोग सोशल मीडिया पर रेल मंत्रालय और IRCTC से इस वीडियो का तुरंत संज्ञान लेने और जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
@RailMinIndia@IRCTCofficial