@MediaHarshVT बिल्कुल आपकी बात सत्य है ऐसे मामले में सरकार को संवेदनशील होना चाहिए कुछ भी हो वो भी देश के ही नागरिक हैं सरकार की सिर्फ तारीफ करने वाले ही 140 करोड़ भारतीयों में आते हैं क्या मोदी जी आपसे ऐसी अपेक्षा देश नहीं रखता है आप सभी के पधानमंत्री हैं।
@aditytiwarilive@Wangchuk66 केंद्र सरकार को तत्काल कोई उचित कदम उठाना चाहिए और खासतौर पर बीजेपी को बिल्कुल ये नहीं भ्रम पालना चाहिए की जनता सिर्फ उनकी ही सुनती है।
अगर नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा बहुत पहले ही हो जाता तो बात आंदोलन तक आती ही नहीं..न आंदोलन होता न किसी की जान पर बन आती..ध्यान केंद्रित होना चाहिए था पेपर लीक/शिक्षा माफिया को खत्म करने पर लेकिन हो गया है जंतर मंतर पर..आंदोलन से और कुछ हो न हो,कुछ और लोगों का राजनीतिक करियर चमक जाएगा..पर देश और ��ुवाओं को क्या मिलेगा? कुछ नहीं!! ज़िम्मेदार कौन?
@AshwiniVaishnaw मंत्री जी पूणे से दानापुर 01449 ट्रेन आप चलाते क्यों है इस���े चलने वाले यात्रियों का पैसा और समय क्या फालतू है बिना कारण ट्रेन क्यों 5-10 घंटे लेट चलती है।
@nehafolksinger अरे बावली 2011 में एक ऐसी ही सरकार थी जब अन्ना हजारे और केजरीवाल का आंदोलन हुआ तब तुम्हारी उम्र तो रही ह��गी सुनने समझने वाली लेकिन तुम करो का तबला उन्हीं का बजाना है जिनका तबला फटा है।
@astroraj सर समय में बहुत फर्क है उस समय जो लोग मानते थे वही आज भी हैं युवा बहुत ज्यादा ध्यान नही दिए वैसे ऐसे मामलों में स्वविवेक ही उचित है बाकी हमारे सनातन में कण कण में भगवान हैं इसलिए इस घटना को पभु इच्छा ही मान लें।
@AhteshamFIN गजब है बेहतरीन नौकरी वेतन साथ में ��त्नी भी लेकिन दर्द इतना जरा पूछिए उन शिक्षकों से जो इनसे बहुत कम वेतन पर पड़े हैं अपने बच्चों से दूर लेकिन कहावत सही है ऊपर वाला जि��ना दे दे हमेशा कम ही रहता है।
@aditytiwarilive यदि कोई ऐसा आंदोलनकारी हो जो इस देश घूसखोरी के खिलाफ आंदोलन करे तो सभी एक हो सकते हैं किसी दल या नेता के खिलाफ नहीं पुलिस, राजस्व, पंचायत, आबकारी, परिवहन ये सभी अब सिर्फ घूसखोरी के लिए ही लोग भर्ती हो रहे हैं न कि सेवा के लिए।
@navsekera सर एक प्रश्न है आप एक बेहतरीन आईपीएस हैं मतलब आपका नाम धुआंधार अधिकारी में रहा है फिर भी आप कभी एसटीएफ/ला एंड आर्डर जैसे पदों पर क्यूँ नहीं रहे.. हमेशा प्रशिक्षण में??
8वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालयों एवं केंद्रीय विभागों से Requisite Data भेजने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। आयोग के लिए, विशेषकर जब वह पूर्ण गति से कार्य कर रहा हो, बार-बार समय-सीमा बढ़ाना आसान निर्णय नहीं होता। अब सभी मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे शीघ्रातिशीघ्र आवश्यक डेटा, आयोग को उपलब्ध कराएं, ताकि आयोग, देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स एवं अन्य हितधारकों की वास्तविक आवश्यकताओं का समग्र विश्लेषण कर आगामी 10 वर्षों के लिए न्यायसंगत, व्यावहारिक एवं दूरदर्शी सिफारिशें प्रस्तुत कर सके। समय पर सहयोग ही एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करेगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। #8thPayCommission #EkBharatShreshthaBharat #ViksitBharat2047
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