वाराणसी (उत्तर प्रदेश): श्रावण शिवरात्रि पर भक्तों ने गंगा में पवित्र स्नान किया और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।
#Varanasi#Kashi#ShravanShivratri
💟 BPSC TRE 4💟
TRE 4 में प्राथमिक शिक्षक बहाली में ( PRT) में भी रिक्ति बढ़नी चाहिए थी।
✅ PRT में शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या लाखों में है जो शिक्षक बहाली का इंतज़ार कर रहे हैं।
✅ कम से कम 8-10 हजार पदों पर बहाली हो।
✅ शिक्षा मंत्री जी को अपने विभाग से विचार- विमर्श करना चाहिए।
@mkrtiwari_bjp@BiharEducation_
झारखंड में नौकरी में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर राहुल गांधी एवं विपक्षी नेताओं के इशारे पर सरकार द्वारा बर्बरतापूर्ण कार्रवाई अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस पूरे मामले पर विपक्षी दलों की चुप्पी उनके तथाकथित "छात्र हितैषी" होने के दावे की भी पोल खोल दी है। क्या छात्रों के समर्थन का फैसला भी अब राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ के हिसाब से तय किया जाएगा?
झारखंड में छात्रों पर एक बार फिर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
न छात्रों की ओर से हिंसा हुई, न पथराव हुआ और न ही वे किसी अराजकता के लिए सड़कों पर उतरे हैं। वे केवल अपने अधिकारों, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठा रहे थे।
फिर उनके साथ यह दमन क्यों?
राहुल गांधी समर्थित हेमंत सोरेन सरकार को छात्रों की आवाज़ सुननी चाहिए, उन्हें दबाना नहीं चाहिए।
अंधेरा होते ही फिर से लाठीचार्ज। हेमंत सोरेन सरकार डरपोक है।
पुलिस कार्रवाई पर राहुल गांधी के पोस्ट के बाद झारखंड सरकार ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। ट्वीट के बाद फिर लाठीचार्ज, यह बताता है कि सरकार छात्रों की आवाज़ से कितनी डरी हुई है।
और इससे यह भी साफ़ है कि राहुल गांधी के अपने सहयोगी ही उनकी अपील को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट किया, और उनके सहयोगियों ने फिर लाठियाँ चला दीं।
VIDEO | Ranchi: “My head and legs are hurting, and my head is bleeding,” says protester Sanjay Mahto, who was injured in a police lathi-charge on job aspirants.
झारखंड का छात्र पीठ पर पड़ी लाठी के निशान दिखा रहा है।
मासूम है बेचारा, उसको इतना भी नहीं पता कि इस देश के नेता, उनका इकोसिस्टम और पालतू मीडिया ऐसे किसी ज़ख़्म को ज़ख़्म नहीं मानते जो मोदी को घेरने के काम ना आ सके।