माननीय शिव रविन्द्र सिंह भाटी जी का हार्दिक आभ���र, जिन्होंने राजस्थानी भाषा एवं स��स्कृति विभाग की मांग को समर्थन देते हुए राज्यपाल एवं उपमुख्यमंत्री (उच्च शिक्षा मंत्री) को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाया।
#HungerStrikeInRUJaipur में बड़ा अपडेट !
जयपुर के MLA ओर राज. यूनिवर्सिटी सिंडिकेट सदस्य @DrGopal_Sharma
ने लिखित आश्वासन देते हुये भुख हड़त���ल समाप्त करवाई ओर बोले - #राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग होना ही चाहिए। सरकार आपके साथ है जल्द ही मंत्री जी ओर प्रशासन से करेंगे बात।
राजस्थान में राजस्थानी भाषा विभाग के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय में धरना देना पड़ रहा है। यह दोनों विद्यार्थी पिछले 5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक एक बार भी बात करने नहीं आया।
@madandilawar सता जाने के बाद ध्यान दोगे या अभी समय है।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
1.राजस्थानी भाषा का अलग ��िभाग बनाया जाए
2.नियमित कोर्स शुरू किए जाएं
3.SFS फीस को समाप्त किया जाए
छात्रों का कहना हैं कि मांगें पूरी नहीं होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगा। @RavindraBhati__ @SJFsocialfront
राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा विभाग खोलने की मांग को लेकर चल रहे धरने में शामिल होकर युवाओं की इस मुहिम को समर्थन दिया। पूजा और लोकेंद्र पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनसे एक बार भी बात करना उचित नहीं समझा है।
राजस्थान के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में ही राजस्थानी भा���ा का विभाग नहीं होना अपने आप में शर्मनाक तो है ही, हैरान करने वाला भी है। सरकार से हमारी मांग है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में तत्काल राजस्थानी भाषा विभाग खोला जाए।
@BhajanlalBjp @DrPremBairwa
तुम्हारी बज्म के बाहर भी एक दुनिया है
मेरे हुजूर बड़ा जुल्म है ये बेखबरी
आज का दिन राजस्थान यूनिवर्सिटी में दो विचारधाराओं के भीषण टकराव का दिन था। मैं इस पूरी वैचारिक मुठभेड़ का चश्मदीद था। पुलिस, मीडिया, इंटेलिजेंस से लेकर तमाम तामझाम इसलिए कि NSUI वालों का विरोध हो जाए और RSS वालों का कार्यक्रम हो जाए। दो घंटे में ये टंटा भी खत्म हो गया।
लेकिन महज दो सौ मीटर की दूरी पर ही यूनिवर्��िटी के दो छात्र पूजा और लोकेंद्र बीते पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे किसी विचारधारा का विरोध और सम��्थन करने के लिए नहीं बैठे बल्कि अपनी भाषा के लिए बैठे हैं। उनकी मांग है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थान भाषा का डिपार्टमेंट बनाया जाए। जब यूनिवर्सिटी उर्दू, अंग्रेजी, अफ्रीकन, जर्मन भाषाओं के विभाग को वित्त स्वीकृति दे रही है तो राजस्थानी भाषा से सौतेला व्यवहार क्यों ?
अफसोस देखिए कि अब तक भूखों मरने वाले इन दो आंदोलनकारी छात्रों के पास कोई नहीं पहुंचा। NSUI का लश्कर आया, RSS की फ़ौज आई और सब अपने सिक्के सीधे करके चले गए। पुलिस बैरिकेटिंग से महज 200 मीटर की ही दूरी पर ये दोनों छात्र बैठे हैं। अब तक यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर ने इनकी कोई खैर खबर नहीं ली है, तीन दिन तक इनकी मेडिकल रिपोर्ट नहीं बन पाई, एक अनशनकारी का शुगर लेवल हाई आ रहा है और उसकी हालत कभी भी गंभीर हो सकती है। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन से लेकर सरकार की कान पर अब तक जूं नहीं रेंगी है।
आज छात्र हितों का दंभ भरने वाले NSUI क��� कितने रंगरूट इन अनशनकारियों के पास पहुंचें ? और महिला सशक्तिकरण की थीम पर इवेंट करने वाले RSS के कितने स्वयंसेवक उस लड़की की खबर लेने पहुंचे जो बीते पांच दिन में अपना पांच किलो वजन खत्म कर चुकी है।
NSUI की एक धमकी से आज भारी पुलिस लवाजमा यूनिवर्सिटी पहुंच गया लेकिन दो छात्रों को सरकार ने सिर्फ मरने के लिए छोड़ दिया। क्या सिर्फ इसलिए कि उन्हें धमकी देना नहीं आता ? उनके पास भीड़ और गाड़ियां नहीं ह�� या फिर इसलिए कि ये दोनों छात्र तमाम विचारधाराओं को छोड़कर एक जायज और जरूरी मुद्दे पर गांधीवादी तरीके से आंदोलन का रास्ता अख्तियार किए हुए हैं।
@BhajanlalBjp @KumariDiya
@GovindDotasra @TikaRamJullyINC @VinodJakharIN @nsui
राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु सचिवालय के बाहर राजस्थानी भाषा के विभाग को बनाने की मांग को लेकर हमारे जूनियर पूजा शेखावत एवं लोकेंद्र सिंह द्वारा की जा रही भूख हड़ताल में पहुँचकर नियमानुसार अपनी बात रखी |
#राजस्थानी_भाषा_विभाग@8PMnoCM
राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति विभाग की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी
राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज सेंटर-II में राजस्थानी भा���ा एवं संस्कृति विभाग की स्थापना की मांग को लेकर ��ात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
#ru #rajasthanuniversity
पिछले तीन दिनों से राजस्थान विश्वविद्यालय में विधि महाविद्यालय के कुछ छात्र राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति विभाग की स्थापना की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। यह विषय अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील है।
मैं राज्य सरकार से आग्रह करता हूँ कि विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए तथा इस विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लिया जाए। राजस्थान जैसी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाले प्रदेश में राजस्थानी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु छात्रों को इस प्रकार भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होना बहुत ही निराशाजनक है।
राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज सेंटर-II में राजस्थानी भाषा विभाग की मांग को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी है।
प्राचार्य द्वारा केवल पूजा शेखावत को नोटिस देने पर छात्रों ने इसे दबाव की कार्रवाई बताया और कहा कि बिना लिखित आश्वासन आंदोलन जारी रहेगा
राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज,राजस्थानी भाषा का अलग विभाग बनाने की मांग को लेकर छात्र भूख हड़ताल पर बैठे।
छात्रों की प्रमुख मांगें:
1.राजस्थानी भाषा का अलग विभाग बना��ा जाए
2.नियमित कोर्स शुरू किए जाएं
3.SFS फीस को समाप्त किया जाए
छात्रों का कहना हैं कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
@Uniraj_Jaipur
@BhajanlalBjp
@DrPremBairwa
रिपोर्ट:@AarabhSingh11
राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्रा पूजा शेखावत ने आज विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा अध्ययन केन्द्र और विभाग के लिए भूख हड़ताल कर शुरू कर दी है।
नई पीढ़ी को ही लड़ना होगा खुद की मायड़ भाषा के लिए,
अब तो चेतो सरकार
@BhajanlalBjp@KumariDiya
आप सभी को विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸
हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और आत्मसम्मान की पहचान है।
हिंदी है तो हम हैं।
हिंदी है तो हमारी पहचान है।
#HindiDiwas#WorldHindiDay#Socialjusticefront#SJF