"हमने विधायक लुटते हुए देखे, सांसद लुटते हुए देखे, चुनाव लुटते हुए देखे, बच्चों का भविष्य लुटते हुए देखा। जल, जंगल जमीन सब लूट लिया...। हमें लगा कि भाजपा वाले अब और क्या लूटेंगे?
लेकिन इन्होंने हमें गलत साबित करते हुए प्रभु राम को भी लूट लिया।"
- अनिल यादव, कांग्रेस प्रवक्ता
बीजेपी के पदाधिकारी एवं दर्जनों कार्यकर्ता को शो में बतौर #आम_जनता बनाकर श्रीमती @chitraaum जी #कांग्रेस को अपमानित करने के लिए हमेशा मौक़ा तलाशती है। आज उनके इस साज़िश का सार्वजनिक पर्दाफाश हुआ..
आप ख़ुद ही देख लीजिए कैसे आज भी #विपक्ष से प्रायोजित सवाल पूछवाये जा रहें हैं..
नोएडा जिला सोशल मीडिया सह संयोजक #रचना_जैन और उनकी टिम को मुखौटा लगाकर बतौर #आम_जनता बताया जा रहा था और कांग्रेस से सवाल करवाया जा रहा था।
ताज्जुब तो तब हुआ जब एक्सपोज़ करने के बाद भी एंकर महोदया पूरे दृढ़ता से ऐसे लोगों का बचाव करती रहीं…
यदि थोड़ी भी नैतिकता बची हो तो इस शर्मनाक खेल के लिए देश और पत्रकार समाज से माफ़ी माँगनी तो बनती है मैडमजी
मुझे तो एक शायरी याद आ गई…
कुछ लोगोंसे आशा करना बेईमानी है,
जिनके आँखों का मर गया पानी है।
#ABPNews #IranUSWar #LPGCrisis
#EnergyStocks #andhbhakt #Godimedia #lpgcylinders #IranWar #Trump #Modi #Dhurandhar2ను #ईरान
आज की टीवी डिबेट ने एक बार फिर उस कड़वे सच को उजागर कर दिया, जिसे हम लंबे समय से महसूस कर रहे हैं, “जनता की आवाज़” के नाम पर मंच सजाया जाता है, लेकिन असल में वह एक सुनियोजित, प्रायोजित और पक्षपातपूर्ण तमाशा बन चुका है।
जहाँ सत्ता पक्ष के समर्थकों को “आम जनता” बनाकर बैठाया जाता है, और विपक्ष को घेरने के लिए सवालों की एकतरफा बौछार की जाती है। एंकर, जिनका दायित्व निष्पक्षता और सत्य होता है, खुलेआम तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं, और जब सच्चाई तस्वीरों में सामने आ जाती है, तब भी उसे नकारने का दुस्साहस किया जाता है।
यह सिर्फ एक डिबेट नहीं थी, यह लोकतंत्र के मूल्यों के साथ किया गया एक सुनियोजित खिलवाड़ था। जिस मीडिया को कभी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता था, आज वही स्तंभ सत्ता के संरक्षण में खड़ा होकर एक पार्टी विशेष का प्रचार-प्रसार करने का माध्यम बनता जा रहा है। सवाल सत्ता से होने चाहिए थे, लेकिन कटघरे में विपक्ष को खड़ा किया गया, यही आज के मीडिया का दुर्भाग्यपूर्ण सच है।
हमारे प्रवक्ताओं को बार-बार दबाने, रोकने और उनकी आवाज़ को कुचलने का प्रयास किया जाता है, लेकिन यह भूल जाते हैं कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। आज अजय उपाध्याय जी ने जिस साहस और आत्मसम्मान के साथ इस प्रायोजित मंच का बहिष्कार किया, वह किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं, बल्कि उस हर आवाज़ का प्रतिनिधित्व है, जो झुकने से इनकार करती है।
यह समय कठिन है, लेकिन इतिहास गवाह है, जब-जब सच को दबाने की कोशिश हुई है, तब-तब वह और अधिक ताकत के साथ उभरा है। हमें कितना भी डराने, दबाने या बदनाम करने का प्रयास किया जाए, हम न डरेंगे, न झुकेंगे।
क्योंकि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं है, यह लड़ाई सत्य और असत्य के बीच है, लोकतंत्र और प्रोपेगेंडा के बीच है, और हम उस पक्ष में खड़े हैं जहाँ सच अभी भी जिंदा है।
हम सब अजय उपाध्याय जी के साथ हैं, और हर उस आवाज़ के साथ हैं जो इस अंधेरे में भी सच की मशाल जलाए हुए है।
सपा सांसद छोटेलाल ने संसद में गाने के जरिए अपनी मांग रख दी.
सोनभद्र के भईल जर्जर हलातिया
जर्जर हलातिया हो
एकदम बदतर हलातिया...
आप भी सुनिए और आनंद लीजिए 😇😇
बिहार में विधायक श्रेयसी सिंह को जनता ने घेर कर सवाल पूछे 👇🏼
कहा- हमने आपको चुना लेकिन पिछले 5 साल में एक बार भी झांकने नहीं आईं।
नेता का बेटा विदेश में पढ़ता है। हमारे बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते- जो कि बदहाल है।
"वो लड़की, जिसकी आवाज़ ने हज़ारों बच्चों को ज़िंदा रखा।"
प्रिय पलक मुच्छल, @palakmuchhal3
कई बार लगता है, इस दुनिया में आवाज़ें बहुत हैं, मगर सुनने वाले बहुत कम। शोर है, तालियाँ हैं, मंच की रोशनी है, मगर कहीं कोई चुप-सा कोना है, जहाँ एक बच्चा अपनी छोटी-सी छाती पर हाथ रखकर भगवान से कह रहा है, "थोड़ा और जीना है।"
और उसी वक्त, किसी दूर शहर में, आपकी आवाज़ किसी कार्यक्रम में उठती है, और लगता है कि खुद भगवान कह रहा हो, "ठीक है बेटा, अब तू जी ले।" आप जब गाती हो, तो लगता है जैसे कोई दुआ गा रही हो, आपकी हर तान, किसी ऑपरेशन थिएटर की खामोशी तोड़ती है।
3800 बच्चों की धड़कनों में आपका सुर बस चुका है, पलक जी। वो बच्चे, जो आपको दोबारा शायद कभी नहीं देख पाए, मगर आपकी वजह से उनके दिल अब तक धड़क रहे हैं। आपकी आवाज़, अस्पतालों के कॉरिडोर में गूंजती रहती है – लगता होगा जैसे कोई उम्मीद का गीत हो।
कभी-कभी मैं सोचता हूँ, किसी लड़की के पास इतना बड़ा दिल कैसे हो सकता है, जो शोहरत के शिखर पर होते हुए भी अपना मंच अस्पताल की दीवारों में तलाशे। आपके हर गीत के पीछे कोई कहानी है, कोई धड़कन है, कोई माँ की आँखों का वो आँसू है जो अब मुस्कुराहट में बदल गया है।
पलक जी, आपने सिर्फ़ संगीत नहीं रचा, आपने ज़िंदगी की रागिनी को नया अर्थ दिया है। अपने साबित किया है कि जब कला, करुणा के साथ मिलती है, तो वह ईश्वर का रूप बन जाती है। आपकी आवाज़ ने हमें यह सिखाया है कि इंसान सिर्फ़ अपने लिए नहीं जीता, बल्कि वो तब सबसे सुंदर लगता है, जब किसी और की सांस में अपनी धड़कन डाल देता है।
कभी अगर कोई बच्चा अपने दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराए, तो समझ लेना, वह मुस्कान आपके गीत की गूंज है।
तुम्हारे नाम से अब कोई सुर से ज़्यादा, एक संवेदना जुड़ गई है।आप कलाकार नहीं, आप वो इंसान हो जिसकी आवाज़ ने भगवान के कान तक पहुंच बनाई है।
ख़त लिखने वाला लड़का।
चाय इश्क़ और राजनीति।
🚨 राजदीप: आपको इतना पैसा कहाँ से?
Prashant Kishor: पैसा ग़लत है, तो BJP गिरफ़्तार क्यों नहीं करती?
राजदीप 🤡: क्योंकि आप उनकी B-Team…
PK 🔥: इस हिसाब से तो आप ही उनकी B-Team हो! 🎯😂
जो पत्रकार सरेआम हत्या को ‘डेथ’ मतलब मृत्यु बताते हों, न तो देश को उनसे कोई उम्मीद है और न ही उस दल से जिस दल के लोग हत्या को ‘छुटपुट घटना’ बताते हों।
नैतिकता के मायने और पैमाने न होना ही कलयुग है।
दुर्भाग्यपूर्ण!
आपके ऊपर अगर कोई 2-4 मुकदमा दर्ज करवा दे तो बिहार में मत रहना वरना।
जान से हाँथ धो बैठोगे ऊपर से पटना DM कह देगा ये तो पहले से अपराधी था।
जबकि 36 मुकदमे वाला अनंत सिंह इनका जीजा है।
चुनाव में सब जगह बंदूकें जमा हो जाती पर बिहार में शायद ये नियम नही है।
अचार सहिंता में 40 गाड़ी की छूट भी बिहार में ही है।😎 @dm_patna
अनंत सिंह जैसे आतंक के पर्याय के सामने पिछड़ों कमजोरों दलितों की बुलंद आवाज दुलारचंद यादव चाचा को अनंत के गुंडों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
अगर अब भी इस सामंती सरकार के खिलाफ आप नहीं है तो आपको भी इतिहास कायरों की श्रेणी में याद रखेगा।
टाल के बादशाह 🙏🙏
#बिहार_में_राक्षस_राज